May 21, 2026

India has achieved historic milestones at this global forum with two major language breakthroughs.
2026 की विजेता पुस्तक: ताइवान ट्रैवलॉग (Taiwan Travelogue), ताइवानी लेखिका यांग श्वांग-ज़ी (Yáng Shuāng-zǐ) द्वारा लिखित।
अनुवादक (Translator): लिन किंग (Lin King) — इन्होंने इस पुस्तक का मंदारिन चीनी (Mandarin Chinese) से अंग्रेजी में अनुवाद किया है।
ऐतिहासिक महत्व: यह इस पुरस्कार के इतिहास में पहली बार है जब मूल रूप से मंदारिन चीनी भाषा में लिखी गई किसी पुस्तक ने यह प्रतिष्ठित खिताब जीता है।
मुख्य विषयवस्तु: यह उपन्यास 1930 के दशक के जापानी उपनिवेश वाले ताइवान की पृष्ठभूमि पर आधारित है; यह औपनिवेशिक इतिहास, सत्ता के असंतुलन और दो महिलाओं (एक जापानी लेखिका और उसकी ताइवानी दुभाषिया) के बीच के जटिल संबंधों को दर्शाता है।
आवृति: यह पुरस्कार प्रतिवर्ष (Annually) प्रदान किया जाता है।
इतिहास: इसकी स्थापना वर्ष 2005 में मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज (Man Booker International Prize) के रूप में हुई थी।
पात्रता मानदंड: यह पुरस्कार दुनिया भर के किसी भी देश के लेखक के सर्वश्रेष्ठ फिक्शन (उपन्यास या लघु कथाओं के संग्रह) को दिया जाता है, जिसका अंग्रेजी में अनुवाद किया गया हो और जो यूके (UK) या आयरलैंड में प्रकाशित हुआ हो।
अनुवादकों को समान सम्मान: यह पुरस्कार अनुवादकों के महत्वपूर्ण योगदान को मुख्य रूप से रेखांकित करता है। पुरस्कार की कुल £50,000 (50 हजार पाउंड) की राशि को लेखक और अनुवादक के बीच बराबर-बराबर विभाजित किया जाता है।
शॉर्टलिस्ट प्रोत्साहन: अंतिम सूची (Shortlist) में जगह बनाने वाले प्रत्येक लेखक और अनुवादक को भी £2,500 प्रदान किए जाते हैं।
मुख्य उद्देश्य: वैश्विक स्तर पर बेहतरीन अनूदित फिक्शन को बढ़ावा देना और पाठकों को आकर्षित करना।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत ने दो महत्वपूर्ण भाषाई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
विजेता कृति: टॉम्ब ऑफ सैंड (Tomb of Sand) — मूल रूप से हिंदी में रेत समाधि नाम से प्रकाशित।
अनुवादक: डेज़ी रॉकवेल (Daisy Rockwell)।
ऐतिहासिक मील का पत्थर: यह किसी भी भारतीय भाषा (और विशेष रूप से हिंदी) से अनूदित होकर यह अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाला पहला उपन्यास बना था।
विजेता कृति: हार्ट लैंप: सिलेक्टेड स्टोरीज (Heart Lamp: Selected Stories) — मूल रूप से कन्नड़ भाषा में एदेया हनाते नाम से प्रकाशित।
अनुवादक: दीपा भासती (Deepa Bhasthi)।
ऐतिहासिक मील का पत्थर: यह पहला मौका था जब कन्नड़ भाषा की किसी कृति ने यह गौरव हासिल किया। इसके साथ ही, इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार जीतने वाला यह पहला ‘लघु कथाओं का संग्रह’ (Short-story collection) भी बना।
मुख्य विषयवस्तु: तीन दशकों में लिखी गई 12 मर्मस्पर्शी कहानियों का यह संग्रह दक्षिण भारत की महिलाओं के दैनिक जीवन, पितृसत्तात्मक संघर्षों और उनके लचीलेपन को बयां करता है।
May 19, 2026
October 17, 2025
October 16, 2025
October 6, 2025
B-36, Sector-C, Aliganj – Near Aliganj, Post Office Lucknow – 226024 (U.P.) India
vaidsicslucknow1@gmail.com
+91 8858209990, +91 9415011892
© www.vaidicslucknow.com. All Rights Reserved.