June 4, 2026
The Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA), chaired by the Prime Minister, has approved the 4-laning of two critical National Highway sections in Telangana to improve regional connectivity, reduce congestion, and enhance logistics efficiency under the PM GatiShakti framework.

About Hybrid Annuity Model (HAM):
The HAM is a mix of the EPC (Engineering, Procurement, and Construction) and BOT (Build-Operate-Transfer) models, designed to de-risk highway projects.
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने तेलंगाना में दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) खंडों को 4-लेन का बनाने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करना, भीड़भाड़ कम करना और PM गतिशक्ति ढांचे के तहत लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है।
परियोजना का दायरा: कुल 190.76 किमी की सड़क का विस्तार:
NH-63 (अरमूर-जगतियाल-मंचेरियल): इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा।
NH-563 (जगतियाल-करीमनगर): इसे बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT-Toll) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
लागत: ₹7,597.16 करोड़।
कनेक्टिविटी: यह परियोजना 5 आर्थिक नोड्स, 7 सामाजिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक नोड्स को आपस में जोड़ेगी।
दक्षता में सुधार:
अरमूर-मंचेरियल के बीच यात्रा समय में 1.5 घंटे और जगतियाल-करीमनगर के बीच 45 मिनट की कमी आएगी।
100 किमी/घंटा की डिजाइन गति।
ईंधन की खपत, कार्बन उत्सर्जन और वाहन परिचालन लागत (VOC) में कमी।
HAM मॉडल, EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) और BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल का एक मिला-जुला रूप है, जिसे राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए बनाया गया है।
यह कैसे काम करता है?
सरकारी योगदान: सरकार निर्माण चरण के दौरान परियोजना लागत का 40% भुगतान करती है।
निजी डेवलपर का योगदान: डेवलपर शेष 60% निवेश करता है, जिसे वह संचालन अवधि के दौरान सरकार से मिलने वाले ब्याज और वार्षिक भुगतानों (एन्युटी) के माध्यम से वसूल करता है।
लाभ:
निजी डेवलपर पर वित्तीय बोझ कम होता है।
सरकार राजस्व/टोल संग्रह का जोखिम उठाती है, जबकि डेवलपर निर्माण और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करता है।
शुद्ध BOT मॉडल की तुलना में परियोजना का कार्यान्वयन तेजी से होता है।
| मॉडल | वित्तीय जिम्मेदारी | जोखिम कौन उठाता है? |
| EPC | 100% सरकारी फंड | सारा जोखिम सरकार का |
| BOT (Toll) | 100% निजी फंड | सारा जोखिम निजी डेवलपर का (यातायात/राजस्व) |
| HAM | 40% सरकार + 60% निजी | राजस्व/टोल जोखिम सरकार का; निर्माण जोखिम डेवलपर का |
May 19, 2026
October 17, 2025
October 16, 2025
October 6, 2025
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