June 3, 2026
Why in news ? The Anusandhan National Research Foundation (ANRF) and the Ministry of Jal Shakti have jointly launched the “MAHA Water Mission” to catalyze innovation in the water sector.
Objective of ANRF: ANRF is democratizing research funding by breaking the monopoly of established institutions. It aims to expand opportunities for startups, MSMEs, universities, and innovators across India, integrating them into the national innovation ecosystem.
MAHA Water Mission Details: The mission focuses on five-pronged strategic goals:
Financial and Support Framework:
Strategic Integration: The mission leverages a “Whole-of-Government” approach, connecting scientific data with governance. A significant MoU was signed between the Department of Water Resources and the Department of Space/ISRO to utilize satellite data, geospatial mapping, and scientific insights for groundwater assessment and irrigation planning.
Broader Context:

Vision: The initiative aims to address critical national water challenges through indigenous, technology-driven solutions while fostering a culture of collaborative innovation between academia, industry, and grassroots stakeholders.
About ANRF:
The Anusandhan National Research Foundation (ANRF) is India’s apex statutory body established to provide high-level strategic direction for research, innovation, and entrepreneurship across the country. Created through the ANRF Act, 2023, it serves as a central coordinating hub to integrate and elevate India’s scientific and technological landscape.
लॉन्च का अवलोकन: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और जल शक्ति मंत्रालय ने जल क्षेत्र में नवाचार (innovation) को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से “MAHA जल मिशन” लॉन्च किया है।
ANRF का उद्देश्य: ANRF अनुसंधान फंडिंग का लोकतंत्रीकरण (democratization) कर रहा है ताकि स्थापित संस्थानों के एकाधिकार को खत्म किया जा सके। इसका लक्ष्य पूरे भारत में स्टार्टअप्स, MSMEs, विश्वविद्यालयों और नवप्रवर्तकों के लिए अवसरों का विस्तार करना है।
MAHA जल मिशन का विवरण: यह मिशन पांच प्रमुख लक्ष्यों पर केंद्रित है:
जल संसाधन मूल्यांकन और सतत प्रबंधन।
पेयजल सुरक्षा।
जल की गुणवत्ता और पारिस्थितिक स्वास्थ्य।
जल उपयोग दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy)।
जलवायु लचीलापन और अनुकूलन।
वित्तीय और सहायता ढांचा:
कुल परिव्यय: पांच वर्षों में ₹200 करोड़, जिसे ANRF और जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित किया जाएगा।
कंसोर्टियम सहायता: चयनित बहु-विषयक समूहों (विश्वविद्यालय, लैब, स्टार्टअप, MSME, उद्योग) को तकनीक विकास और फील्ड तैनाती के लिए ₹20 करोड़ तक की सहायता मिल सकती है।
कार्यक्षेत्र: यह बुनियादी प्रयोगशाला अनुसंधान से लेकर व्यावसायिक स्तर की तैनाती तक एक एकीकृत मार्ग बनाता है।
रणनीतिक एकीकरण: यह मिशन ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण का लाभ उठाता है। जल संसाधन विभाग और ISRO के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं ताकि उपग्रह डेटा और भू-स्थानिक मानचित्रण का उपयोग जल प्रबंधन के लिए किया जा सके।
व्यापक संदर्भ:
स्टार्टअप इकोसिस्टम: भारत में स्टार्टअप्स की संख्या एक दशक पहले के ~400 से बढ़कर अब दो लाख से अधिक हो गई है।
MAHA मिशन: ANRF ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ड्रोन, मेडटेक और 6G संचार जैसे उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में इसी तरह के मिशन शुरू किए हैं।
जन भागीदारी: जल संरक्षण में नागरिकों की भागीदारी के लिए ‘जल संचय जन भागीदारी’ (JSJB-CTR) पोर्टल और ऐप भी लॉन्च किया गया।
ANRF भारत का शीर्ष वैधानिक निकाय है, जिसे देश भर में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। इसे ANRF अधिनियम, 2023 के तहत बनाया गया है।
मुख्य विशेषताएं:
वैधानिक दर्जा: यह संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत कार्य करता है।
नेतृत्व: इसके शासी बोर्ड के पदेन अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री तथा शिक्षा मंत्री इसके उपाध्यक्ष होते हैं।
कार्यक्षेत्र: इसका दायरा प्राकृतिक विज्ञान, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, कृषि और विज्ञान-मानविकी के बीच के अंतरफलक तक फैला है।
उद्देश्य: इसका लक्ष्य विश्वविद्यालयों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देना और शैक्षणिक अनुसंधान व औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को पाटना है।
SERB का स्थान: ANRF ने पूर्व के विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (SERB) का स्थान लिया है।
रणनीतिक कार्य:
रोडमैप विकास: राष्ट्रीय R&D कार्यक्रमों के लिए अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना।
फंडिंग और अनुदान: अनुसंधान के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना और प्रतिस्पर्धी अनुदान प्रदान करना।
सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र: शिक्षा जगत, उद्योग और सरकारी विभागों के बीच साझेदारी बनाना।
निजी क्षेत्र की भागीदारी: निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करना।
वित्तीय संरचना:
फंडिंग के स्रोत: केंद्र सरकार के अनुदान, ऋण, दान और निवेश आय का मिश्रण।
इनोवेशन फंड: ANRF उच्च-प्रभाव वाली परियोजनाओं के लिए ‘इनोवेशन फंड’ और ‘RDI फंड’ जैसी विशिष्ट
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