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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

RIC Grouping

29th July, 2020

G.S. Paper-II

चर्चा में क्यों?

भारत ‘रूस-भारत-चीन समूह’ की आभासी बैठक में हाल ही में भाग लिया है

मंत्रिस्तरीय वार्ता में सम्मिलित होने के भारत के इस निर्णय ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control- LAC) पर तनाव कम करने के लिए एक मार्ग प्रशस्त किया है. रूसी राजनयिक स्रोतों ने पूर्वी लद्दाख में तनाव की स्थिति पररचनात्मक संवाद का समर्थन करने का संकेत दिया है.

RIC क्या है?

  • 1998 में तत्कालीन रूसी विदेश मंत्री येवगेनी प्रिमकोव (Yevgeny Primakov)  ने रूस-भारत-चीन समूह (Russia-India-China- RIC) की परिकल्पना की थी.
  • इस समूह की स्थापना का ध्येयअमेरिका द्वारा निर्देशित विदेश नीति को समाप्त करना, तथा भारत के साथ पुराने संबंधों को नवीनीकृत करना और चीन के साथ हुई नई मित्रता को प्रोत्साहन देना था.

RIC समूह का महत्त्व

  • RIC देशों का योगदानक्षेत्रफल की दृष्टि से संयुक्त रूप से 19 प्रतिशत से अधिक है तथा संयुक्त रूप से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 33 प्रतिशत से अधिक का योगदान है.
  • इस समूह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सम्मिलिततीनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं तथा इसके दो देश, रूस और चीन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UN Security Council) के स्थायी सदस्य हैं, जबकि भारत UNSC की सदस्यता के लिए प्रयासरत है.
  • ये तीनों देश एकनयी वैश्विक आर्थिक संरचना के निर्माण में योगदान करने में सक्षम हैं. यह समूह आपदा राहत और मानवीय सहायता हेतु एक साथ काम कर सकता है.

भारत के लिए RIC का महत्व

  1. रूस-भारत-चीन (RIC), शंघाई सहयोग संगठन( Shanghai Cooperation Organisation- SCO) के आधार का निर्माण करते है.
  2. भारत, भू-सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थिति में अवस्थित है.
  3. सागरीय और महाद्वीपीय, दोनों क्षेत्रों मेंचीन के ‘आधिपत्य’ को चुनौती देने के लिए भारत के लिए यह समूह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है.

हरिकेन ‘हन्ना’ का टेक्सास में प्रभाव

(Hurricane Hanna hits Texas)

हाल ही में, अटलांटिक महासागर में उत्पन्न इस वर्ष के पहले हरिकेनहन्ना ने अमेरिका के टेक्सास राज्य में भारी भूस्खलन किया है।

हरिकेन द्वारा दक्षिणी टेक्सास और उत्तरपूर्वी मैक्सिको के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा किये जाने की संभावना है।

हरिकेन क्या है?

  1. हरिकेन, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का एक प्रकार होते हैं तथा यह उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में सबसे अधिक शक्तिशाली एवं विनाशकारी तूफान होते हैं। इनमे हवा की गति 119 किलोमीटर प्रति घंटे (74 मील प्रति घंटे) या उससे अधिक होती है।
  2. ये उष्ण महासागरीय जल में उत्पन्न होते हैं।

हरिकेन के भाग

  1. आंख (Eye):तूफान के केंद्र में एक शांत क्षेत्र होता है, इसे तूफ़ान की ‘आंख’ कहते हैं। इस क्षेत्र में हल्की हवाएँ बहती हैं। आसमान में हलके बादल छाए रहते हैं तथा कभी-कभी आसमान बिल्कुल साफ होता है।
  2. आँख की परिधि (Eye wall): तूफ़ान की आँख के चारो ओर एक झंझावातों की मेखला होती है। ये तूफ़ान ‘आँख के चारो ओर वृताकार पथ में घूमते है। आँख की परिधि में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा होती है।
  3. वर्षा कटिबंध (Rain bands): हरिकेन की आँख की परिधि से बाहर की ओर दूर तक वर्षा कटिबंधो तथा बादलों का विस्तार होता है। इनके द्वारा गरज के साथ भारी वर्षा होती है तथा कभी-कभी टोरनाडो भी निर्मित हो जाते हैं।

तूफ़ान का हरिकेन में रूपांतरण किस प्रकार होता है?

उष्णकटिबंधीय महासागरों में कुछ स्थानों पर महासागरीय सतह के गर्म होने पर वर्षा-युक्त बादलों का निर्माण होता होता है। हरिकेन की उत्पत्ति इन स्थानों पर होने वाले उष्णकटिबंधीय विक्षोभ (tropical disturbance) से आरंभ होती है।

  1. उष्णकटिबंधीय विक्षोभ कभी-कभी उष्णकटिबंधीय निम्नदाब (tropical depression) में परिवर्तित हो जाते हैं। इस क्षेत्र में तूफानी झंझावत निर्मित हो जाते है, इनमे वायु की गति 62 किमी / घंटा तक पहुँच जाती है।
  2. इन झंझावातों में हवाओं की गति 62 किमी/घंटा से अधिक होने पर उष्णकटिबंधीय निम्नदाब, उष्णकटिबंधीय तूफ़ान (tropical storm) में परिवर्तित हो जाते हैं।
  3. उष्णकटिबंधीय तूफ़ान में हवाओं की गति 119 किमी / घंटा (74 मील प्रति घंटा) से अधिक होने पर यह हरिकेन (Hurricane) बन जाता है।

हरिकेन की उत्पत्ति की दशाएं

  1. उष्ण महासागरीय जल,किसी उष्णकटिबंधीय तूफ़ान को हरिकेन में बदलने हेतु आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। सामान्यतः हरिकेन के निर्माण के लिए महासागरीय सतह का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस (79 डिग्री फ़ारेनहाइट) या उससे अधिक होना आवश्यक है।
  2. स्थिर हवाएं: हरिकेन के निर्माण के लिए हवाओं के ऊपर उठने पर उनकी गति तथा दिशा में अधिक परिवर्तन नहीं होना चाहिए। ऊंचाई के साथ हवाओं की गति तथा दिशा में परिवर्तन होने से तूफ़ान कई भागों में विभक्त होकर समाप्त हो सकता है।

 

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