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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

FSSAI द्वारा तेल और वसा में ट्रांस फैटी एसिड (TFA) की मात्रा निर्धारित

G.S. Paper-III

संदर्भ-

हाल ही में, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेधाज्ञा एवं रोक) विनियम (Food Safety and Standards (Prohibition and Restriction on Sales) Regulations) में संशोधन करते हुए तेल और वसा में ट्रांस फैटी एसिड (TFA) की मात्रा वर्ष 2021 के लिए 3% और वर्ष 2022 में 2% तक निर्धारित की  गयी है. वर्तमान में, खाद्य पदार्थो में ट्रांस फैटी एसिड का अनुमेय स्तर 5% है.

प्रभाव-

संशोधित विनियमन रिफाइंड खाद्य तेलों, वनस्पति (आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल), मार्जरीन (कृत्रिम मक्खन), बेकरी से संबंधित वस्तुओं तथा खाना पकाने में प्रयुक्त होने वाले अन्य माध्यमों जैसे कि वनस्पति वसा और मिश्रित वसा पर लागू होंगे.

संशोधित विनियमन की आवश्यकता-

ट्रांसफ़ेट्स का संबंध दिल के दौरा पड़ने संबंधी जोखिम में वृद्धि और हृदय रोग से होने वाली मौतों से होता है.

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैटी एसिड के सेवन से वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख मौतें होती हैं.
  2. WHO द्वारा वर्ष 2023 तक ट्रांसफ़ेट्स के वैश्विक उन्मूलन का आह्वान किया गया है.

ट्रांस फाइट क्या है? –

  1. ट्रांस फाइट या ट्रांस फैटी एसिड (TFAs) सबसे हानिकारक प्रकार के वसा होते हैं जो हमारे शरीर पर किसी भी अन्य आहार से अधिक प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं.
  2. यह वसामानव निर्मित वसा है. इसका कुछ ही भाग प्रकृति में निर्मित होता है.
  3. कृत्रिम TFAs तेल में हाइड्रोजन प्रविष्ट कराकर उत्पन्न किया जाता है.
  4. इस प्रक्रिया में तेल का स्वरूप शुद्ध घी या मक्खन जैसा हो जाता है.
  5. जहाँ तक प्राकृतिक TFAs का प्रश्न है यह माँस और पशु उत्पादों में सूक्ष्म मात्रा में मिलता है.
  6. हमारे भोजन में कृत्रिम ट्रांस-फैट के सबसे बड़े स्रोत हाइड्रोजनेटेड वनस्पति तेल/मार्गरीन हैं.

ट्रांस फैट के स्वास्थ्य खतरे-

विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, ट्रांस फैट के रूप में ऊर्जा ग्रहण करने में 2% की वृद्धि हृदय रोग की संभावना में 23% की वृद्धि करती है. WHO द्वारा एक अन्य अनुमान के अनुसार:-

  1. इसके उपभोग से कम-घनत्व वाले लिपोप्रोटीन या LDL (जिसे ख़राबकोलेस्ट्रोल भी कहा जाता है) के स्तर में वृद्धि होती है. इसके फलस्वरूप हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही यह उच्च-घनत्व वाले लिपोप्रोटीन या HDL (जिसे अच्छाकोलेस्ट्रोल भी कहते हैं) के स्तर को कम करता है.
  2. इन्हें Type-2 मधुमेह का मुख्य कारण माना जाता है, जो इन्सुलिन प्रतिरोध से जुड़ा हुआ होता है.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

दीपोर बील

हाल ही में, जिला प्रशासन ने संकुचित होती दीपोर बील आर्द्र भूमि के अति दोहन को अवरुद्ध करने के लिए दीपोर बील में सामुदायिक मत्स्यन को प्रतिबंधित कर दिया है.

  1. दीपोर बील एक ताजे जल की झील है. इसे असम के निचले भाग की ब्रह्मपुत्र घाटी में बड़ी और महत्त्वपूर्ण नदी आर्द्रभूमियों में से एक माना जाता है.
  2. यह रामसर सूची में शामिलअसम का एकमात्र स्थल है.
  3. इसके अतिरिक्त, बर्ड लाइफ इंटरनेशनल द्वारा इसे महत्त्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र स्थलों में से एक के रूप में भी चयनित किया गया है.
  4. यहाँ पाए जाने वाले जीव-जंतुओं में सम्मिलित हैं: साइबेरियन क्रेन (CR), लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क पक्षी, एशियाई हाथी आदि.

 

 

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