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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण से संबंधित मुद्दा

समाचार में क्यों?

7 जनवरी, 2020 को केंद्र सरकार ने तमिलनाडु एवं कर्नाटक में आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया। तमिलनाडु एवं कर्नाटक में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (Economic Weaker Sections- EWS) को दिया जाने वाला 10% आरक्षण अभी लागू नहीं किया गया है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु :

  • तमिलनाडु और कर्नाटक में आर्थिक आधार पर आरक्षण कानून लागू नहीं है इसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में एक रिट दायर की गई थी जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपना मत प्रस्तुत किया है।
  • केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष तर्क दिया है कि सरकारी नौकरियों में और शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिये 10% आर्थिक आरक्षण देना राज्यों का विशेषाधिकार है।
  • संविधान के अनुच्छेद 15 (6) और 16 (6) के प्रावधानों के अनुसार, राज्य की सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिये आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को आरक्षण प्रदान करने या नहीं करने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। अतः किसी भी राज्य की आरक्षण नीति को तय करने में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

आर्थिक आरक्षण कानून से संबंधित तथ्य :

  • कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training) द्वारा 19 जनवरी, 2019 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन व्यक्तियों के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रूपए से कम है, उनकी पहचान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों में की जाती है।
  • यह कानून अनारक्षित श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिये सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण का प्रावधान करता है।
  • इस कानून को वैद्यता परीक्षण हेतु सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है किंतु सर्वोच्च न्यायलय ने अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है और न ही इस कानून के लिये किये गए 103वें संविधान संशोधन को अमान्य करने से संबंधित कोई फैसला सुनाया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

ननकाना साहिब:

  • सिख धर्म के संस्थापक एवं पहले सिख गुरु नानक देव जी का जन्म वर्ष 1469 में ननकाना साहिब में हुआ था। ननकाना साहिब वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है।

ननकाना साहिब गुरुद्वारा:

  • ननकाना साहिब गुरुद्वारा (जिसे गुरुद्वारा जन्म स्थान (Gurdwara Janam Asthan) भी कहा जाता है) उस जगह पर बनाया गया है जहाँ सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। इसका निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने कराया था।
  • वर्ष 1818-19 में मुल्तान के युद्ध (Battle of Multan) से लौटते समय महाराजा रणजीत सिंह ने ननकाना साहिब का दौरा किया था।
  • वर्ष 1921 में ब्रिटिश शासन के दौरान जब गुरुद्वारा जन्म स्थान के महंतों ने 130 से अधिक अकाली सिखों को मारा तब यह स्थान हिंसक प्रकरण का स्थल बन गया।
  • इस घटना को गुरुद्वारा सुधार आंदोलन में मील का पत्थर माना जाता है, जिसके तहत वर्ष 1925 में सिख गुरुद्वारा अधिनियम पारित किया गया था और इससे गुरुद्वारों पर महंतों का नियंत्रण समाप्त हो गया।

 

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