Online Portal Download Mobile App हिंदी ACE +91 9415011892 / 9415011893

3rd Jan. 2020 Answer writing

(General Studies III)

  1. Q. Discuss the importance of Agrobiodiversity in India. (250 words)

Model Answer:

Agrobiodiversity (agricultural + biological + diversity) refers to the full range of diversity of life present in agricultural settings, from mammals to microbes and everything in between.

The concept of agrobiodiversity has been put forth as a way to incorporate aspects of natural settings into agriculturally productive systems.


 Importance:

  1. It reduces poverty as people depend on natural ecosystem & agriculture
  2. Agro biodiversity increases productivity, makes farming systems more stable, robust, and sustainable.
  3. It conserves soil and increase natural soil fertility and health.
  4. It reduces dependency on external inputs.
  5. It conserves ecosystem structure and stability of species diversity.
  6. Sources of medicines & Vitamins

Challenges to Agrobiodiversity:

  1. Loss of crop genetic resources due to adopting new crop varieties without conserving traditional varieties.
  2. Similarly, Crossbreeding of foreign breeds with indigenous breeds leads to erosion of genetically diverse pool.
  3. About 7,000 plant species have historically been used in human diets. But, today only 30 crops form the basis of the world’s agriculture.

Way Forward:

There is a need for preserving agro biodiversity in the backdrop of climate change, poverty and related challenges to humanity.

Ecologically sensitive farming which can be done by conserving crop wild relatives of cereals, millets, oilseeds, fruits/vegetables, etc is the need of the hour. Incentives should be provided to farmers cultivating native varieties and those conserving indigenous breeds of livestock and poultry varieties. Community seed banks should be encouraged in each agro-climatic zone.

Thus agro biodiversity can help in providing nutritious, affordable, locally available food to vulnerable and poor communities & achieving  SDG 2 (Zero Hunger) and the Aichi Biodiversity Targets.

Date- 03/01/2020                                                                                                                        (Dept. of Content Development)


Hindi Version 

(General Studies III)

  1. Q. भारत में कृषि-जैव विविधता के महत्व पर चर्चा करें। (250 शब्द)

Model Answer:

एग्रोबायोडाइवर्सिटी (कृषि + जैविक + विविधता) कृषि सेटिंग्स में मौजूद स्तनधारियों से लेकर रोगाणुओं तक जीवन की विविधता की पूरी श्रृंखला को दर्शाता है.

 

 

महत्त्व:

  1. यह गरीबी को कम करता है क्योंकि लोग प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और कृषि पर निर्भर हैं
  2. कृषि जैव विविधता उत्पादकता बढ़ाती है, कृषि प्रणालियों को अधिक स्थिर, मजबूत और टिकाऊ बनाती है।
  3. यह मिट्टी का संरक्षण करता है और प्राकृतिक मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य को बढ़ाता है।
  4. यह बाहरी आदानों पर निर्भरता कम करता है।
  5. यह पारिस्थितिकी तंत्र संरचना और प्रजातियों की विविधता की स्थिरता का संरक्षण करता है।
  6. दवाओं और विटामिन के स्रोत

चुनौतियां:

  • पारंपरिक किस्मों के संरक्षण के बिना नई फसल किस्मों को अपनाने के कारण फसल आनुवंशिक संसाधनों का नुकसान।
  • इसी प्रकार, देशी नस्लों के साथ विदेशी नस्लों के क्रॉसब्रीडिंग से आनुवंशिक रूप से विविध पूल का क्षरण होता है।
  • मानव आहार में लगभग 7,000 पौधों की प्रजातियों का ऐतिहासिक रूप से उपयोग किया गया है। लेकिन, आज केवल 30 फसलें ही दुनिया की कृषि का आधार बनती हैं।

आगे का रास्ता:

  • जलवायु परिवर्तन, गरीबी और मानवता से संबंधित चुनौतियों की पृष्ठभूमि में कृषि जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता है।
  • पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील खेती अनाज, बाजरा, तिलहन, फल / सब्जियों, आदि की प्राकृतिक विविधता को संरक्षित करने की आवश्यकता है।
  • देशी किस्मों की खेती करने वाले किसानों और पशुधन और कुक्कुट किस्मों की देसी नस्लों को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाना चाहिए।
  • प्रत्येक कृषि-जलवायु क्षेत्र में सामुदायिक बीज बैंकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस प्रकार कृषि जैव विविधता कमजोर और गरीब समुदायों को पौष्टिक, सस्ती, स्थानीय रूप से उपलब्ध भोजन प्रदान करने और एसडीजी 2 (जीरो हंगर) और आइची जैव विविधता लक्ष्य प्राप्त करने में मदद कर सकती है।

Date- 03/01/2020                                                                                                                          (Dept. of Content Development)

 

Latest News

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow