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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

हिमनदीय प्रकोप एवं इसके कारण

G.S. Paper-III 

संदर्भ:

हाल ही में, उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में नंदादेवी हिमनद / ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से बाढ़ का सामना करना पड़ा।

  1. वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा की यादों को ताजा करते हुए, हिमनद के विखंडन से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हिमालय की ऊपरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।
  2. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उतराखंड के तपोवन-रैणी (Tapovan-Reni) में स्थित एक विद्युत परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक मजदूर लापता हैं।

हिमनद झील के फटने से उत्पन्न बाढ़ (GLOF):

आमतौर पर, हिमनद झील पर बने हुए बाँध के विफल होने की स्थित में ‘हिमनद झील के फटने से उत्पन्न बाढ़’ / ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (Glacial Lake Outburst Flood– GLOF) की उत्त्पत्ति होती है।

GLOF की तीन प्रमुख विशेषताएं होती हैं:

  1. इस प्रकार की बाढ़ में, अचानक और कभी-कभी क्रमिक रूप से पानी छोड़ा जाता है।
  2. ये बहुत तीव्रता से घटित होती है, तथा इनकी अवधि कुछ घण्टों से लेकर कुछ दिनों तक होती है।
  3. इनके कारण बड़ी नदियों के निचले भागों में जल का बहाव अति तीव्र हो जाता है, और इसमें, बहुधा जल के परिमाण के अनुसार वृद्धि होती रहती है।

हिमनद विखंडन के कारण:

  1. अपरदन (Erosion)
  2. जल दबाव में वृद्धि
  3. हिम हिमस्खलन अथवा चट्टानों का अधवाह
  4. हिम के अधःस्तर में भूकंपीय घटनाएं
  5. किसी निकटवर्ती हिमनद के हिमनदीय झील में समाहित हो जाने पर भारी मात्रा में जल का विस्थापन।

प्रभाव:

यद्यपि, हिमनदीय / ग्लेशियर झीलें आकार में भिन्न हो सकती हैं, लेकिन इनमें लाखों क्यूबिक मीटर पानी का भण्डार होता है। इन झीलों में हिम अथवा हिमनदीय अवसाद की मात्रा अनियंत्रित होने पर, इनसे कई दिनों तक जल-प्रवाह जारी रह सकता है।

नंदा देवी ग्लेशियर / हिमनद:

नंदा देवी ग्लेशियर, भारत में दूसरे सबसे ऊँचे पर्वत, नंदा देवी पर्वत का एक भाग है।

हालांकि, नंदा देवी, ‘कंचनजंगा’ के बाद दूसरा सबसे ऊँची पर्वत चोटी है, लेकिन पूर्णतया भारतीय क्षेत्र में स्थित यह सबसे ऊँचा पर्वत है। कंचनजंगा, भारत और नेपाल, दोनों देशों की सीमा में अवस्थित है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

हाल ही में, श्री एस एन सुब्रह्मण्यन को तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की स्थापना 4 मार्च, 1966 को श्रम मंत्रालय, भारत सरकार (GOI) द्वारा की गई थी।
  2. परिषद् की स्थापना, राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण (Safety, Health and Environment- SHE) पर स्वयंसेवी गतिविधियों को शुरू करने, विकसित करने और जारी रखने के लिए की गयी थी।
  3. यह एक शीर्ष स्तर का गैर-लाभकारी, त्रिपक्षीय निकाय है, तथा सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 और बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट ट्रस्ट 1950 के तहत पंजीकृत है।

 

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