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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

हथियारों के बाजार में अमेरिका और चीन का दबदबा

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute– SIPRI) द्वारा विश्व में हथियारों के बाजार पर एक रिपोर्ट जारी की गयी है।

प्रमुख निष्कर्ष:

  1. पिछले वर्ष, अमेरिकी हथियार उद्योग का, विश्व के ‘शीर्ष 25’ निर्माताओं द्वारा की गयी कुल बिक्री में 61% हिस्सा था और चीन का कुल वैश्विक बिक्री में 7% हिस्सा था।
  2. ‘शीर्ष 25’ निर्माताओं की कुल बिक्री में5% की वृद्धि हुई और यह $ 361 बिलियन तक पहुँच गई, जो कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के वार्षिक बजट का 50 गुना अधिक है।
  3. वैश्विक हथियारों पर व्यय के मामले में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका दो सबसे बड़े देश हैं शीर्ष हथियार कंपनियों में इन देशों की सर्वाधिक कंपनियां हैं।
  4. पहली बार पश्चिम एशिया की एक हथियार कंपनी भी शीर्ष 25 कंपनियों में जगह बनाने में कामयाब रही है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी ‘EDGE’ सूची में 22वें स्थान पर है। वर्ष 2019 में ‘EDGE’ का गठन 25 रक्षा इकाईयों के एकीकरण द्वारा किया गया था।

‘SIPRI’ के बारे में:

  1. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) 1966 में स्थापित एकस्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है, जो युद्ध तथा संघर्षयुद्धक सामग्रियोंहथियार नियंत्रण तथा निरस्त्रीकरण के क्षेत्र में अनुसंधानकार्यों के लिए समर्पित है।
  2. स्टॉकहोम स्थित यह संस्था, नीति निर्माताओं, शोधकर्त्ताओं, मीडिया और अन्य इच्छुक लोगों के लिए आँकड़ों का विश्लेषण और सुझाव उपलब्ध कराती है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

वधावन बंदरगाह परियोजना

चर्चा का कारण-

महाराष्ट्र के दहानू (Dahanu) में ग्रामीणों द्वारा वधावन बंदरगाह परियोजना पर आपत्ति की जा रही है। इनका कहना ​​है कि इस परियोजना से पर्यावरण और उनकी आजीविका पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा

वधावन बंदरगाह भारत का 13 वाँ प्रमुख बंदरगाह होगा।

  1. इस बंदरगाह को ‘सभी मौसम में सभी प्रकार के कार्गो’ के लिए सैटेलाइट बंदरगाह के रूप में निर्मित किया जा रहा है, जिससे गहरे पानी वाले जहाजों और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  2. वधावन बंदरगाह परियोजना, केंद्र सरकार की सागरमाला पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद में भारतीय बंदरगाहों के योगदान को बढ़ावा देना है।
  3. इस बंदरगाह को एक समर्पित सड़क और रेल सेवा से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात में भीड़-भाड़ या कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
  4. इसे ‘लैंडलार्ड’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

 

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