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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

स्पेक्ट्रम नीलामी

G.S. Paper-III

संदर्भ:

हाल ही में, दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications- DoT) द्वारा 1 मार्च से 4G स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू करने संबंधी घोषणा की है।

स्पेक्ट्रम बिक्री के प्रमुख उद्देश्य:

  1. उपलब्ध स्पेक्ट्रम के लिए बाजार-निर्धारित मूल्य हासिल करना,
  2. स्पेक्ट्रम का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना तथा जमाखोरी को समाप्त करना,
  3. क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और अधिकतम राजस्व अर्जित करना।

‘स्पेक्ट्रम नीलामी’ क्या है?

स्पेक्ट्रम नीलामी (Spectrum Auction) प्रक्रिया के तहत, सरकार विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विशिष्ट बैंडो पर सिग्नलों को प्रसारित करने के अधिकार बेचने और दुर्लभ स्पेक्ट्रम संसाधनों व्यावसायिक समूहों को सौपनें के लिए नीलामी पद्धति का उपयोग करती है।

भारत में स्पेक्ट्रम की नीलामी-

सेलफोन और तार की लाइन वाले टेलीफोन जैसे उपकरणों को परस्पर एक दूसरे से जुड़ने के लिए संकेतों (Signals) की आवश्यकता होती है। ये सिग्नल वायुतरंगो (Airwaves) पर कार्य करते हैं तथा बाधा-रहित संचरण के लिए इन संकेतों को निर्दिष्ट आवृत्तियों पर भेजा जाता है।

  1. देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सभी परिसंपत्तियों पर केंद्र सरकार का स्वामित्व होता है, इसमें वायुतरंगे एयरवेव भी शामिल होती हैं।
  2. सेलफोन, वायरलाइन टेलीफोन और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ ही समय-समय पर इन संकेतों को अधिक स्थान दिए जाने की आवश्यकता होती है।
  3. इन संकेतो के प्रसारण हेतु अवसंरचना निर्माण करने की इच्छुक कंपनियों के लिए इन परिसंपत्तियों को बेचने हेतुकेंद्र सरकार दूरसंचार विभाग (DoT) के माध्यम से समय-समय पर वायुतरंगों की नीलामी करती है।
  4. इनवायुतरंगों को स्पेक्ट्रम कहा जाता है। ये स्पेक्ट्रम अलग-अलग आवृत्तियों वाले बैंड्स में उप-विभाजित होते हैं।
  5. इन सभी वायुतरंगों को एक निश्चित अवधि के लिए बेचा जाता है।आम तौर पर यह अवधि 20 वर्ष निर्धारित की जाती है, तथा अवधि पूरी होने के बाद इनकी वैधता समाप्त हो जाती है।

स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने हेतु दावेदार-

अपने नेटवर्क पर उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या की सुविधा हेतु निजी क्षेत्र के सभी तीनो दूरसंचार व्यावसायिक समूह, रिलायंस जियो इन्फोकॉमभारती एयरटेलऔर वोडाफ़ोनआईडिया (Vi), अतिरिक्त स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए पात्र दावेदार हैं।

  1. इन तीन व्यावसायिक समूहों के अलावा, विदेशी कंपनियोंसहित नई कंपनियां भी एयरवेव के लिए बोली लगाने हेतु पात्र हैं।
  2. हालाँकि, विदेशी कंपनियों को स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने हेतु, भारत में एक शाखा स्थापित करनी होगी और एक भारतीय कंपनी के रूप में पंजीकरण करना होगा अथवा किसी भारतीय कंपनी के साथ गठजोड़ करना होगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)

6 जनवरी को भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards- BIS) द्वारा स्थापना दिवस मनाया गया।

BIS के बारे में:

  1. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), भारत में राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने वाली संस्था है। यह उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में कार्य करता है।
  2. भारतीय मानक ब्यूरो की स्थापनाभारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 के अंतर्गत की गयी थी।
  3. भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम (BIS Act), 2016के तहत BIS को एक राष्ट्रीय मानक निकाय का दर्जा दिया गया। BIS एक्ट, 12 अक्टूबर 2017 को लागू किया गया।
  4. भारतीय मानक ब्‍यूरो, उत्‍पादों के मानकीकरण, चिहांकन और गुणवत्ता प्रमाणित गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास एवं इससे संबंधित मामलों के लिए उत्तरदायी है।

 

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