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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

सिंकहोल

समाचार में क्यों?

हाल ही में चीन के शिनिंग (Xining) शहर में सिंकहोल की घटना देखी गई, इस घटना में एक बस और कुछ पैदल यात्री लापता हो गए।

सिंकहोल के बारे में:

  • सिंकहोल ज़मीन में निर्मित एक डिप्रेशन (गड्ढा) होता है। इस डिप्रेशन (गड्ढा) का निर्माण तब होता है जब पृथ्वी की सतह की परतें गुफाओं के रूप में परिवर्तित होने के बाद ढहने लगती हैं।
  • यह स्थिति अचानक और बिना किसी पूर्व चेतावनी के बन सकती है क्योंकि पृथ्वी के सतह के नीचे की ज़मीन तब तक अक्षुण्ण/यथावत् रहती है, जब तक कि इसका आकार बड़ा नहीं हो जाता।
  • इनके निर्माण में प्राकृतिक एवं मानव दोनों ही प्रकार की गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
  • सिंकहोल की घटनाएँ मुख्यतः चूना पत्थर, जिप्सम या कार्बोनेट चट्टानों वाले क्षेत्रों में सबसे अधिक पाई जाती हैं। क्योंकि ऐसे स्थानों पर जब वर्षा का पानी रिसकर ज़मीन में चला जाता है, तो पृथ्वी की सतह के नीचे की चट्टानें शीघ्र ही घुलने लगती हैं, जिससे सिंकहोल का निर्माण होता है।
  • सिंकहोल निर्माण की प्रक्रिया धीमी और क्रमिक होती है तथा कभी-कभी इसके बनने में सैकड़ों या हज़ारों वर्ष भी लग जाते हैं।
  • मानव गतिविधियों के कारण भी सिंकहोल का निर्माण हो सकता है। जैसे- अवनलिकाएँ (Broken Land Drains), पानी के मुख्य तथा सीवरेज पाइप में लीकेज़ के कारण, अत्यधिक वर्षा, तूफान की घटनाओं, अंतर्निहित चूना पत्थर और पानी के बहाव को मोड़ना आदि ।
  • जर्नल एन्वायरनमेंटल जियोलॉजी में प्रकाशित वर्ष 1997 के पत्र के अनुसार, चीन में कार्स्ट क्षेत्रों (karst areas) में कोयला, जस्ता, सीसा और लौह अयस्क के भंडारों का खनन जैसी मानव गतिविधियाँ सिंकहोल के निर्माण से जुड़ी हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

इरावदी डॉल्फिन :

  • हाल ही में हुई डॉल्फिन जनगणना के अनुसार ओडिशा की चिल्का झील (Chilika Lake) में इरावदी डॉल्फिन (Irrawaddy Dolphin) की संख्या 146 बताई गई है।

मुख्य बिंदु:

  • इरावदी डॉल्फिन का वैज्ञानिक नाम ऑरकाले ब्रेविरियोस्ट्रिस (Orcaella Brevirostris) है।
  • यह एक सुंदर स्तनपायी जलीय जीव है, इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (International Union for Conservation of Nature-IUCN) की लाल सूची में संकटग्रस्त (Endangered) श्रेणी में रखा गया है।
  • इसकी दो प्रजातियाँ पाई जाती हैं: इरावदी डॉल्फिन एवं स्नब-फिन-डॉल्फिन।
  • इस प्रजाति का नाम म्याँमार की इरावदी नदी के नाम पर रखा गया है। इरावदी नदी में ये बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। इरावदी नदी इनका प्राकृतिक वासस्थल है।
  • चिल्का झील अति संकटापन्न इरावदी डॉल्फिनों का प्राकृतिक आवास है। इसका जल स्थिर होने के कारण यह डॉल्फिन के लिये अनुकूल है। यहाँ ये बहुतायत में पाई जाती हैं।
  • वार्षिक डॉल्फिन जनगणना (Annual Dolphin Census): ओड़िशा के वन और पर्यावरण विभाग द्वारा ओडिशा राज्य में वार्षिक डॉल्फिन जनगणना की गई।
  • डॉल्फिन की गणना में हाइड्रोफोन निगरानी तकनीक (Hydrophone Monitoring Technique) का प्रयोग किया गया।
  • हाइड्रोफोन एक माइक्रोफोन है जिसे पानी के नीचे की आवाज़ को रिकॉर्ड करने या सुनने के लिये इस्तेमाल किया जाता है।

 

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