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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

‘सार्थक’ कार्यक्रम

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, शिक्षा मंत्री द्वारा ‘सार्थक’ (SARTHAQ) नामक एक ‘निर्देशात्मक और विचारोत्तेजक योजना’ जारी की गई है।

‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ‘छात्रों’ और ‘शिक्षकों’ की समग्र उन्नति’ (सार्थक), अर्थात् [‘Students’ and Teachers’ Holistic Advancement through Quality Education or SARTHAQ] के बारे में:

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुसरण में और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को इस कार्य में सहायता करने हेतु यह योजना शुरू की गई है।
  2. इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।
  3. यह कार्यक्रम, छात्रों तथा शिक्षकों के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करेगा।
  4. ‘सार्थक’ (SARTHAQ) का प्रमुख ध्यान गतिविधियों को इस तरह परिभाषित करना है, जिससे लक्ष्यों, परिणामों और समय सीमा की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की जा सके। उदाहरण के लिए, यह NEP की सिफारिश को 297 कार्य योजनाओं सहित जिम्मेदार एजेंसियों, समय-सीमाओं, तथा इन कार्यों के 304 परिणामों के साथ जोड़ता है।

इस योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कार्यान्वित किया जा रहा है:

  1. यह स्कूली शिक्षा के लिए नए राष्ट्रीय एवं राज्य पाठ्यक्रम ढांचे, शुरुआती बचपन की देखभाल एवं पाठ्यक्रम सुधारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा
  2. इस कार्यक्रम में सभी स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात, शुद्ध नामांकन अनुपात और ड्रॉप आउट एवं स्कूल तक न पहुंचने वाले बच्चों की संख्या कम करने, पर ध्यान दिया जाएगा।
  3. यह, ग्रेड 3 तक गुणवत्ता ECCE और ‘मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता के सार्वभौमिक अधिग्रहण’ तक पहुंच प्रदान करेगा।
  4. यह, सभी चरणों में व्यावसायिक शिक्षा, खेल, कला, भारत का ज्ञान, 21 वीं सदी के कौशल, नागरिकता के मूल्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आदि को पाठ्यक्रम में लागू करेगा।
  5. यह प्रायोगिक शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा।
  6. इससे शिक्षक शिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

ज्ञानवापी मस्जिद

(Gyanvapi Mosque)

वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ‘ज्ञानवापी मस्जिद’ का एक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि, मौजूदा इमारत किसी प्रकार का ‘आरोपण’, ‘परिवर्तन’ या ‘परिवर्धन’ है अथवा किसी भी अन्य धार्मिक इमारत की संरचनात्मक अतिव्याप्ति है।

संबंधित प्रकरण:

अदालत ने यह यह आदेश एक याचिका के आधार पर जारी किया है, जिसमे, जिस भूमि पर ‘ज्ञानवापी मस्जिद’ बनी हुई है, उसे हिन्दुओं को वापस सौपने की मांग की गई है। याचिका में दावा किस्या गया है, कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने मस्जिद बनाने के लिए पुराने काशी विश्वनाथ मंदिर के कुछ हिस्सों को गिरा दिया था

 

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