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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

सार्क चार्टर दिवस

G.S. Paper-II

चर्चा में क्यों?

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (South Asian Association for Regional Cooperation- SAARC) के चार्टर दिवस की 36वीं वर्षगाँठ पर प्रधानमंत्री ने अपने एक संदेश में कहा कि सार्क केवल “आतंक और हिंसा” की अनुपस्थिति में ही पूरी तरह से प्रभावी हो सकता है।

  • दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन कीस्थापना 8 दिसंबर,1985 को ढाका में सार्क चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी।

प्रमुख बिंदु-

भारत का रुख:

  • सार्क की पूर्ण क्षमता को केवल आतंक और हिंसा से मुक्त वातावरण में ही महसूस किया जा सकता है।
  • यह इस बात को इंगित करता है कि पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद पर भारत की चिंता इस शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी में एक प्राथमिक बाधा है।
  • अपने संदेशों में पाकिस्तान और नेपाल दोनों ने ही सार्क सम्मेलन को जल्द आयोजित किये जाने का आह्वान किया।
  • भारत ने सार्क देशों से “आतंकवाद का समर्थन और पोषण करने वाली ताकतों को हराने के लिये फिर से संगठित” होने का आह्वान किया।
  • भारत एक “एकीकृत, संबद्ध, सुरक्षित और समृद्ध दक्षिण एशिया” के लिये भी प्रतिबद्ध है तथा इस क्षेत्र के आर्थिक, तकनीकी, सांस्कृतिक व सामाजिक विकास का समर्थन करता है।
  • अधिक-से-अधिक सहयोग के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए भारत ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये सार्क देशों के बीच प्रारंभिक समन्वय के उदाहरण का उल्लेख किया।
  • एकआपातकालीन कोविड-19 फंड बनाया गया था जिसमें भारत द्वारा 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रारंभिक योगदान दिया गया था।

रुकी हुई सार्क प्रक्रिया:

  • भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण सार्क की कार्यप्रणाली और गतिविधियाँ लगभग ठप हो गई हैं।
  • भारत मेंउरी आतंकवादी हमले के बाद से सार्क की कोविड-19 की स्थिति पर एक आभासी बैठक (मार्च में) के अलावा कोई महत्त्वपूर्ण बैठक नहीं हो सकी है क्योंकि भारत ने पाकिस्तान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन (2016 में) का बहिष्कार कर दिया था।

आगे की राह-

  • SAARC का चार्टर दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक-आर्थिक विकास में तेज़ी तथा आर्थिक उन्नति द्वारा शांति, स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा देने के लिये क्षेत्र के सामूहिक संकल्प व साझा दृष्टि को दर्शाता है।
  • आज क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। महामारी से उबरने के लिये सार्क के सदस्य देशों के बीच सामूहिक रूप से ठोस प्रयास किये जाने, सहभागिता और सहयोग की ज़रूरत है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

थारू जनजाति

संदर्भ:

हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा थारू जनजाति की अनूठी संस्कृति को विश्व में पहचान दिलाने हेतु एक योजना का आरम्भ किया गया है।

इस योजना में होम स्टे’ (Home Stay) सुविधाओं को तैयार किया जाना शामिल किया गया है। इसके तहत, मुख्यतः जंगलों से एकत्रित घासफूस से निर्मित पारंपरिक झोपड़ियों में पर्यटकों को थारू जनजाति के प्राकृतिक आवासों में रहने का अनुभव कराया जाएगा।

थारू जनजाति के बारे में:

  1. थारू जनजाति, शिवालिक और लघु हिमालय के तराई क्षेत्रोंमें पाई जाती है। इसके अधिकाँश सदस्य वनवासी हैं, और कुछ कृषि कार्य भी करते हैं।
  2. थारू शब्द की उत्पत्तिस्थाविरसे हुईहै, जिसका अर्थ है बौद्ध धर्म के थेरवाद संप्रदाय के अनुयायी।
  3. थारू, भारत और नेपाल दोनों में निवास करते हैं।भारतीय तराई क्षेत्र में, ये मुख्यतः उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में वसे हुए हैं।
  4. थारू महिलाओंको, उत्तर भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों की महिलाओं की तुलना में संपत्ति संबंधी अधिक अधिकार प्राप्त होते है।

 

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