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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम

G.S. Paper-II

संदर्भ-

  • गृह मंत्रालय ने हाल ही में, पूरे नागालैंड राज्य को सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम [Armed Forces (Special Powers) Act – AFSPA] के अंतर्गत अगले छह महीने के लिए लिए अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है.
  • गृह मंत्रालय के अनुसार, संपूर्ण नागालैंड राज्य की सीमा के भीतर आने वाला क्षेत्र ऐसी अशांत और खतरनाक स्थिति में है जिससे वहां नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सशस्त्र बलों का प्रयोग करना आवश्यक है.

AFSPA क्या है?

  • सरल शब्दों में कहा जाए तो AFSPA वह अधिनियम है जो सैन्य बलों को उपद्रवग्रस्त क्षेत्रों में विधिव्यवस्था बनाने के लिए शक्ति प्रदान करता है.
  • इसके अनुसार सैन्य बल को यह अधिकार होता है कि किसी क्षेत्र में वह पाँच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े को प्रतिबंधित कर सकता है.
  • इसके अतिरिक्त वह बल का प्रयोग कर सकता है अथवा समुचित चेतवानी के बाद गोली भी चला सकता है यदि उसको लगे कि कोई व्यक्ति विधि का उल्लंघन कर रहा है.
  • यदि सैन्य बल को लगे कि किसी व्यक्ति की गतिविधियाँ संदेहास्पद हैं तो वह उस व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकता है.
  • सेना किसी भी घर में घुसकर बिना वारंट के तलाशी ले सकती है और आग्नेयास्त्र रखने पर रोक लगा सकती है. यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तार होता है अथवा कस्टडी में लिया जाता है तो सेना उसे निकटतम पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को गिरफ्तारी की परिस्थितियों का विवरण देते हुए सौंप सकती है.

सैन्य बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम 1958 में पारित हुआ था और उसको समूचे तत्कालीन असम राज्य और मणिपुर संघीय क्षेत्र पर लागू किया गया था. कालांतर में जब फरवरी 20, 1987 को असम के विभाजन के उपरान्त अरुणाचल प्रदेश का सृजन हुआ तो यह विवादित अधिनियम वहाँ स्वतः लागू हो गया. आगे चलकर मेघालय, मिजोरम और नागालैंड राज्य अस्तित्व में आये तो इस अधिनियम को थोड़- बहुत संशोधित करते हुए इन राज्यों पर भी लागू कर दिया गया.

“उपद्रवग्रस्त क्षेत्र” किसे कहते हैं?

उपद्रवग्रस्त क्षेत्र उस क्षेत्र को कहते हैं जिसको AFSPA के अनुभाग 3 के अंतर्गत इस रूप में अधिसूचित किया जाता है. किसी क्षेत्र के उपद्रवग्रस्त घोषित होने के कारण अनेक हो सकते हैं, जैसे – धार्मिक, नस्ली, भाषाई, जातीय, सामुदायिक, क्षेत्रीय.

केंद्र सरकार अथवा सम्बंधित राज्य के राज्यपाल अथवा सम्बंधित संघीय क्षेत्र के प्रशासक राज्य अथवा सनघीय क्षेत्र के सम्पूर्ण भाग अथवा एक भाग को उपद्रवग्रस्त क्षेत्र घोषित कर सकते हैं. इसके लिए शासकीय राजपत्र में अधिसूचना निकाली जाती है.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

मन्नथु पद्मनाभन

चर्चा का कारण: श्री मन्नथु पद्मनाभन जयंती।

  1. मन्नथु पद्मनाभन, केरल में जन्मे एक प्रसिद्ध भारतीय समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे।
  2. वह 2 जनवरी, 1878 से – 25 फरवरी, 1970 तक जीवित रहे।
  3. उन्होंने अस्पृश्यता विरोधी आंदोलनों में भाग लिया और मंदिरों में सभी जातियों के प्रवेश की वकालत की।
  4. इन्होंने वायोकॉम सत्याग्रह में भी भाग लिया।
  5. इन्हें नायर सर्विस सोसायटी (NSS) की स्थापना के लिए भी जाना जाता है।

 

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