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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

सशक्त भारत, चीन के ‘प्रति-संतुलन’ के रूप में कार्य करेगा: अमेरिका

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, ट्रम्प प्रशासन द्वारा वर्ष 2018 के बाद से अमेरिकी इंडोपैसिफिक रणनीतिक रूपरेखा (U.S. strategic framework for the Indo-Pacific) पर एक संवेदनशील दस्तावेज का खुलासा किया गया है।

इस दस्तावेज में, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन, उत्तर कोरिया, भारत और अन्य देशों के संबंध में उद्देश्यों और रणनीतियों की रूपरेखा निर्धारित की गयी है।

प्रकाशित दस्तावेज़ में चीन के लिए निर्धारित उद्देश्य:

दस्तावेज़ के अनुसार, अमेरिका की प्राथमिक राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ निम्नलिखित है:

  1. इस क्षेत्र मेंअमेरिकी रणनीतिक प्रधानताको बरकरार रखना और एक ‘उदार आर्थिक व्यवस्था’ को बढ़ावा देना।
  2. चीन को ‘अनुदार प्रभाव क्षेत्रों’ (illiberal spheres of influence) की स्थापना करने से रोकना।
  3. यह सुनिश्चित करना कि उत्तर कोरिया, अमेरिका के लिए धमकी नहीं दे सके।
  4. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी आर्थिक नेतृत्व को आगे बढ़ाना।

दस्तावेज़ में भारत के प्रति उद्देश्य:

  1. अमेरिका का लक्ष्य, भारत को इस क्षेत्र में एकसकल सुरक्षा प्रदाता बनने में सहायता करना तथा भारत के साथ स्थायी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
  2. इसके लिए रक्षा सहयोग और पारस्परिकता (interoperability) में वृद्धि जाने की योजना है;
  3. घरेलू आर्थिक सुधारों की दिशा में भारत के साथ काम करना, और
  4. पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ASEAN Defence Ministers’ Meeting Plus) में भारत को प्रमुख नेतृत्व भूमिकाएँ अदा करने में सहयोग करना।

दस्तावेज़ में ‘एक्ट ईस्ट पालिसी’:

अमेरिका का उद्देश्य, भारत की पूरब की ओर काम करो नीति’ (Act-East policy) और प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा में सहायता करना, तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी, जापानी और ऑस्ट्रेलियाई दृष्टिकोण के साथ भारत की अनुकूलता को स्पष्ट करना है।

  1. अमेरिकी रणनीतिकी धारणाओं में यह तथ्य अंतर्निहित है कि, एक सशक्त भारत, समान विचारधारा वाले देशों के सहयोग से, चीन के ‘प्रति-संतुलन’ (counterbalance) के रूप में कार्य करेगा।
  2. चीनका लक्ष्य, पूरे क्षेत्र में अमेरिकी गठबंधन और साझेदारी को भंग करना है। चीन द्वारा इन ह्रासोन्मुख संबंधों के परिणामस्वरूप निर्मित रिक्तियों और अवसरों का दोहन किया जाएगा।
  3. दस्तावेज मेंरूस के संदर्भ में कहा गया है कि यह देश, इस क्षेत्र में अमेरिका, चीन और भारत की तुलना में ‘एक मामूली भूमिका’ में बना रहेगा।
  4. दस्तावेज मेंउत्तर कोरिया के संदर्भ में कहा गया है कि, अमेरिका का उद्देश्य, किम प्रशासन को यह समझाना है कि, उसके अस्तित्व को बचाए रखने का एकमात्र तरीका अपने परमाणु हथियारों का त्याग करना है।

दस्तावेज़ के समय-पूर्व खुलासे का कारण:

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त रखने और भविष्य में लंबे समय तक खुला रखने संबंधी अमेरिका की स्थायी प्रतिबद्धताओं के बारे में अमेरिकी नागरिकों, सहयोगियों और साझेदारों को सूचित करना।

दस्तावेज़ खुलासे का महत्व:

  1. यह निवर्तमान प्रशासन में से कुछ लोगों द्वारा नीति को स्पष्ट और सार्वजनिक करके इस पर अपनी छाप छोड़ने का एक प्रयास है, किंतु यह जबरदस्त रणनीतिक दूरदर्शिता प्रदर्शित करने वाला दस्तावेज नहीं है।
  2. इस दस्तावेज़ में असहमति के लिए काफी गुंजाइश है, और इसमें अमेरिकी और उदार मूल्यों को फैलाने के अपने लक्ष्य और मानव अधिकारों पर उचित प्रकार की भाषा का पूर्ण अभाव है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

खादी प्राकृतिक पेंट

यह खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विकसित यह गाय के गोबर से निर्मित भारत का पहला पेंट है।

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  2. यह अपनी तरह का पहला उत्पाद है, जिसमें एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण समाहित हैं।
  3. इस पेंट में मुख्य घटक के रूप में गाय के गोबर का उपयोग किया गया है, यह लागत प्रभावी और गंधहीन है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस पेंट को प्रमाणित किया गया है।

इस पेंट में शीशा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम जैसी अन्य कोई भी भारी धातु नहीं है।

 

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