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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

G.S. Paper-II

  • संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र के अनुसार शांति एवं सुरक्षा बहाल करने की प्राथमिक जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद की होती है. इसकी बैठककभी भी बुलाई जा सकती है. इसके फैसले का अनुपालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य है. इसमें 15 सदस्य देश शामिल होते हैं जिनमें से पाँच सदस्य देशचीन, फ्रांस, सोवियत संघ, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका – स्थायी सदस्य हैं. शेष दस सदस्य देशों का चुनाव महासभा में स्थायी सदस्यों द्वारा किया जाता है. चयनित सदस्य देशों का कार्यकाल 2 वर्षों का होता है.
  • ज्ञातव्य है कि कार्यप्रणाली से सम्बंधित प्रश्नों को छोड़कर प्रत्येक फैसले के लिए मतदान की आवश्यकता पड़ती है. अगर कोई भी स्थायी सदस्य अपना वोट देने से मना कर देता है तब इसेवीटो के नाम से जाना जाता है. परिषद Security Council) के समक्ष जब कभी किसी देश के अशांति और खतरे के मामले लाये जाते हैं तो अक्सर वह उस देश को पहले विविध पक्षों से शांतिपूर्ण हल ढूँढने हेतु प्रयास करने के लिए कहती है.
  • परिषद मध्यस्थता का मार्ग भी चुनती है. वह स्थिति की छानबीन कर उस पर रपट भेजने के लिए महासचिव से आग्रह भी कर सकती है. लड़ाई छिड़ जाने पर परिषद युद्ध विराम की कोशिश करती है.
  • वह अशांत क्षेत्र में तनाव कम करने एवं विरोधी सैनिक बलों को दूर रखने के लिए शांति सैनिकों की टुकड़ियाँ भी भेज सकती है. महासभा के विपरीत इसके फैसले बाध्यकारी होते हैं. आर्थिक प्रतिबंध लगाकर अथवा सामूहिक सैन्य कार्यवाही का आदेश देकर अपने फैसले को लागू करवाने का अधिकार भी इसे प्राप्त है. उदाहरणस्वरूप इसने ऐसा कोरियाई संकट (1950) तथा ईराक कुवैत संकट (1950-51) के दौरान किया था.

कार्य-

  1. विश्व में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना.
  2. हथियारों की तस्करी को रोकना.
  3. आक्रमणकर्ता राज्य के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही करना.
  4. आक्रमण को रोकने या बंद करने के लिए राज्यों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाना.

संरचना-

सुरक्षा परिषद (Security Council) के वर्तमान समय में 15 सदस्य देश हैं जिसमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी हैं. वर्ष 1963 में चार्टर संशोधन किया गया और अस्थायी सदस्यों की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई. अस्थायी सदस्य विश्व के विभिन्न भागों से लिए जाते हैं जिसके अनुपात निम्नलिखित हैं

  • 5 सदस्य अफ्रीका, एशिया से
  • 2 सदस्य लैटिन अमेरिका से
  • 2 सदस्य पश्चिमी देशों से
  • 1 सदस्य पूर्वी यूरोप से
  • चार्टर के अनुच्छेद27 में मतदान का प्रावधान दिया गया है. सुरक्षा परिषद में “दोहरे वीटो का प्रावधान” है. पहले वीटो का प्रयोग सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य किसी मुद्दे को साधारण मामलों से अलग करने के लिए करते हैं. दूसरी बार वीटो का प्रयोग उस मुद्दे को रोकने के लिए किया जाता है.
  • परिषद के अस्थायी सदस्य का निर्वाचन महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों द्वारा किया जाता है. विदित हो कि 191 में राष्ट्रवादी चीन (ताईवान) को स्थायी सदस्यता से निकालकर जनवादी चीन को स्थायी सदस्य बना दिया गया था.
  • इसकी बैठक वर्ष-भर चलती रहती है. सुरक्षा परिषद में किसी भी कार्यवाही के लिए 9 सदस्यों की आवश्यकता होती है. किसी भी एक सदस्य की अनुपस्थिति में वीटो अधिकार का प्रयोग स्थायी सदस्यों द्वारा नहीं किया जा सकता.

स्थायी सदस्य बनने के लिए भारत के तर्क-

  • भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक था.
  • संयुक्त राष्ट्र के शान्ति रक्षण अभियानों में योगदान करने वाला भारत विश्व का दूसरा बड़ा देशहै.
  • आज विश्व के विभिन्न कोनों में भारत के 8,500 से अधिक शान्तिरक्षक तैनात हैं. यह संख्या संयुक्त राष्ट्र की पाँचों शक्तिशाली देशों के कुल योगदान से भी दुगुनी से अधिक है.
  • भारत बहुत दिनों से सुरक्षा परिषद का विस्तार करने और उसमें स्थाई सदस्य के रूप में भारत के समावेश की माँग करता रहा है.
  • यह सुरक्षा परिषद् में सात बार सदस्य भी रहा है. इसके अतिरिक्त वह G77 और G4 का भी सदस्य है. इस प्रकार इसे सुरक्षा परिषद में अवश्य शामिल होना चाहिए.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

माउंट इली लेवोटोलोक

चर्चा का कारण

हाल ही में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है।

  1. अवस्थिति:यह पूर्वी इंडोनेशिया में स्थित एक ज्वालामुखी है।
  2. 5,423 मीटर (17,790 फुट) उंचाई वाला यह पर्वत, इंडोनेशिया मेंजावा द्वीप पर मेरापी (Merapi) और सुमात्रा द्वीप पर सिनाबंग (Sinabung) ज्वालामुखी सहित वर्तमान में तीन प्रस्फुटित ज्वालामुखियों में से एक है।

 

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