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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

संयुक्त राष्ट्र शांति-सैनिक

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र शांति-सैनिकों के लिए कोविड-19 टीकों की दो लाख खुराकें उपहार स्वरूप देने घोषणा की गई है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देशों के शत्रुता उन्मूलन पर प्रस्ताव 2532 (2020) के क्रियान्वयन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खुली बहस के दौरान यह घोषणा की थी।

‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ का ‘प्रस्ताव 2532’ क्या है?

प्रस्ताव के तहत:

  1. अपने एजेंडे में, सभी परिस्थितियों में सभी शत्रुताओं को सामान्य और तत्काल समाप्त किए जाने की मांग की गयी है “(जिनके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा पहले से ही चिह्नित किया जा चुका है)।
  2. सशस्त्र संघर्षों में शामिल सभी पक्षकारों (जो विशेष रूप से UNSC के एजेंडे में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी शामिल करते हुए) से, तत्काल ‘कम से कम 90 दिनों के निरंतर स्थाई मानवीय विराम’ देने की मांग की है।
  3. विशेष रूप से ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ द्वारा नामित आतंकवादी समूहों, जैसे इराक में इस्लामिक स्टेट और लेवंत (Levant) को शामिल नहीं किया गया है।

‘शांति अभियान’ एवं इनका महत्व:

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान, डिपार्टमेंट ऑफ़ पीस ऑपरेशन तथा डिपार्टमेंट ऑफ़ ऑपरेशनल सपोर्ट का एक संयुक्त प्रयास है।

  1. प्रत्येक शांति रक्षा अभियान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मंजूरी प्रदान की जाती है।
  2. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए वित्तीय आपूर्ति को संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों द्वारा सामूहिक रूप से वहन किया जाता है।
  3. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, प्रत्येक सदस्य राष्ट्र शांति अभियानों के लिए निर्धारित राशि का भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।

संरचना:

  1. संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षकों में सैनिक, पुलिस अधिकारी और नागरिक कर्मी सम्मिलित हो सकते हैं।
  2. सदस्य देशों द्वारा स्वैच्छिक आधार पर शांति सैनिको का योगदान दिया जाता है।
  3. शांति अभियानों के नागरिक कर्मचारी, अंतर्राष्ट्रीय सिविल सेवक होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सचिवालय द्वारा भर्ती और तैनात किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान तीन बुनियादी सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होते है:

  1. पक्षकारों की सहमति
  2. निष्पक्षता
  3. अधिदेश की सुरक्षा और आत्मरक्षा के अलावा बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

चारमीनार

  1. चारमीनार का निर्माण, वर्ष 1591 में मोहम्मद कुली कुतब शाह द्वारा शहर में प्लेग के ख़त्म होने के उपलक्ष्य में कराया गया था।
  2. प्रत्येक मीनार कमल-पत्ते नुमा आधार पर निर्मित है, यह कुतुब शाही इमारतों में एक पाया जाने वाला विशेष विशेष लक्षण है।

चर्चा का कारण:

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, चारमीनार से लगे हुए किसी चिल्ला (एक छोटा मंदिर) का कोई अभिलेख नहीं है। ASI के द्वारा सूचना के अधिकार तहत पूछे गए एक प्रश्न के जबाब में ये जानकारी दी गयी।

 

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