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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

संयुक्त राष्ट्र के उच्च पटल पर भारत

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, भारत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council- UNSC) में एक गैरस्थायी सदस्य (non-permanent member) के रूप में शामिल हुआ है। सुरक्षा परिषद में भारत के कार्यकाल की अवधि दो वर्ष है।

‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ में भारत:

भारत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सात बार अपनी सेवाएं दे चुका है।

  1. 1950-51 में, भारत ने कोरियाई युद्ध के दौरान शत्रुता समाप्त करने और कोरिया गणराज्य की सहायता संबंधी संकल्पों को अपनाने वाले सत्रों की अध्यक्षता की थी।
  2. 1972-73 में, भारत ने बांग्लादेश को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने के लिए जोरदार प्रयास किया। किंतु एक स्थायी सदस्य द्वारा किये वीटो के कारण यह संकल्प पारित नहीं हो सका था।
  3. 1977-78 के दौरान, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत, अफ्रीका की आवाज बना और रंगभेद के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई। तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1978 में नामीबिया की स्वतंत्रता के लिए UNSC में चर्चा की थी।
  4. 1984-85 के दौरान, मध्य पूर्व, विशेषकर फिलिस्तीन और लेबनान में जारी संघर्षों के समाधान हेतु UNSC में भारत में प्रमुखता से मामला उठाया।
  5. 2011-2012 के दौरान, भारत ने विकासशील देशों, शांति व्यवस्था, आतंकवाद-निवारण और अफ्रीका के लिए एक मजबूत आवाज था।
  6. भारत, आतंकवाद-निवारण से संबंधित UNSC 1373 कमेटी, आतंकी कृत्यों से अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा संबंधी 1566 वर्किंग ग्रुप, और सोमालिया और इरिट्रिया से संबंधित सुरक्षा परिषद 751/1907 समिति की अध्यक्षता कर चुका है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार:

  1. नई दिल्ली ने कहा है कि सुरक्षा परिषद का स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार किया जाना आवश्यक है।
  2. भारत का कहना है कि, वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थाई सदस्यता के लिए, किसी भी उद्देश्य मानदंड, जैसे जनसंख्या, क्षेत्रीय आकार, सकल घरेलू उत्पाद, आर्थिक क्षमता, सभ्यता की विरासत, सांस्कृतिक विविधता, राजनीतिक प्रणाली और अतीत में संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों के लिए विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान आदि, पर उपयुक्त है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

ज़ुकोऊ घाटी

चर्चा का कारण:

मणिपुर और नागालैंड की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध जुकोउ घाटी में भीषण आग दो सप्ताह तक भड़कने के बाद बझाई जा सकी है, जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ।

ज़ुकोऊ घाटी के बारे में:

  1. यह नागालैंड और मणिपुर राज्यों की सीमाओं पर अवस्थित है।
  2. यह ज़ुकोऊलिली (Dzüko Lily) फूलों के लिए प्रसिद्ध है और यह फूल केवल इस घाटी में पाए जाते है।
  3. एशियाई राजमार्ग-1 (NH-1) और राजमार्ग-2 (NH-2) भी इसकी तलहटी से होकर गुजरते है।

 

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