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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

वन्यजीवों की मदद हेतु जंगल में पुल-निर्माण

G.S. Paper-III

संदर्भ:

हाल ही में, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रामनगर वन प्रभाग द्वारा सरीसृप और छोटे स्तनधारी जीवों के लिए पहला पारिस्थितिकीपुल / इकोब्रिज (Eco-Bridge) का निर्माण किया गया है।

पारिस्थितिकी-पुलों के उदाहरण-

  1. इनमें, छतरी पुल (आमतौर पर बंदरों, गिलहरियों और अन्य जंगली प्रजातियों के लिए); कंक्रीट अंडरपास या ऊपरी सुरंग मार्ग या मार्ग सेतु (आमतौर पर बड़े जानवरों के लिए); और उभयचर सुरंगों या पुलियां सम्मिलित होती हैं।
  2. आमतौर पर इन पुलों को स्थानीय बेलों और लताओं से तैयार किया जाता है, जिससे भू-दृश्य के साथ इसका रूप सन्निहित हो सके।

पारिस्थितिकी-पुलों का महत्व:

  1. राजमार्गों अथवा लकड़ी की कटाई होने होने के कारण वन्यजीवों का आवागमन बाधित होता है, इससे बचने के लिए, इको-ब्रिज वन्यजीवों के मध्य परस्पर संबद्धता को बढ़ावा देते हैं।
  2. कई सड़क परियोजनाएं वन्यजीव गलियारों से होकर गुजरती हैं। उदाहरण के लिए, असम में राष्ट्रीय राजमार्ग 37, काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग अभ्यारण्य से होकर, तथा कर्नाटक में, राज्य राजमार्ग 33, नागरहोल टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

वधावन बंदरगाह परियोजना

चर्चा का कारण-

महाराष्ट्र के दहानू (Dahanu) में ग्रामीणों द्वारा वधावन बंदरगाह परियोजना पर आपत्ति की जा रही है। इनका कहना ​​है कि इस परियोजना से पर्यावरण और उनकी आजीविका पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा

वधावन बंदरगाह भारत का 13 वाँ प्रमुख बंदरगाह होगा।

  1. इस बंदरगाह को ‘सभी मौसम में सभी प्रकार के कार्गो’ के लिए सैटेलाइट बंदरगाह के रूप में निर्मित किया जा रहा है, जिससे गहरे पानी वाले जहाजों और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  2. वधावन बंदरगाह परियोजना, केंद्र सरकार की सागरमाला पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद में भारतीय बंदरगाहों के योगदान को बढ़ावा देना है।
  3. इस बंदरगाह को एक समर्पित सड़क और रेल सेवा से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात में भीड़-भाड़ या कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
  4. इसे ‘लैंडलार्ड’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

 

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