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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

लौह-अयस्क नीति 2021

G.S. Paper-III

संदर्भ-

रेल मंत्रालय के द्वारा बोगियों (rake) के आवंटन और लौह-अयस्क के परिवहन के नियमन हेतु लौहअयस्क नीति 2021” निर्गत की गई है.

लौह-अयस्क नीति 2021 के उद्देश्य-

  1. इसका उद्देश्य लौह-अयस्क के ग्राहकों की अयस्क की परिवहन संबंघी संपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति करना है.
  2. घरेलू विनिर्माण से संबद्ध गतिविधियों के लिए लौह अयस्क की दुलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
  3. घरेलू और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों का सामना करने के लिए इस्पात उद्योग को संपूर्ण लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जाएगी.
  4. अर्थव्यवस्था के कोर क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करना और देश की आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा देना.

कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य-

  1. रेलवे के कुल माल परिवहन में लौह अयस्क (इस्पात के साथदूसरा सबसे प्रमुख माल हैप्रथम कोयला है.
  2. भारतचौथा सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक देश है.
  3. देश के उत्तर-पूर्वी पठारी क्षेत्र में लौह अयस्क की खदानें कोयला क्षेत्रों के समीप अवस्थित हैं, जो उनके लाभ को बढ़ाती हैं.

इतिहास-

इससे पहले, फ्रेट इक्बलाइजेशन पॉलिसी (FEP) 1952 के अंतर्गत, लंबी-दूरी के परिवहन में लोहा, इस्पात, सीमेंट और इसी प्रकार के खनिजों को केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की गई थी.

इस नीति का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का पुनर्वितरण करना था, ताकि सभी को इन संसाधनों तक समान पहुंच प्रदान की जा सके. हालांकि, इसने बिहार व ओडिशा जैसे संसाघन अधिशेष राज्यों को औद्योगिक विकास से वंचित कर दिया. अंततः भारत की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के उपरांत वर्ष 1993 में इसे समाप्त कर दिया गया.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सेमरू ज्वालामुखी

  1. हाल ही में, ‘सेमरू ज्वालामुखी’ में प्रस्फोट हुआ है।
  2. यह इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में अवस्थित है।
  3. यह जावा का उच्चतम ज्वालामुखी है और सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।

 

 

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