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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी

21st August, 2020

G.S. Paper-II (National)

 चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार की नौकरियों के लिये भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तनकारी सुधार लाने हेतु राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (National Recruitment Agency- NRA) के गठन को मंज़ूरी दे दी है।

प्रमुख बिंदु

  • नई व्यवस्था के अनुसार, सरकारी नौकरी के इच्छुक सभी उम्मीदवार राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) द्वारा आयोजित एक सामान्य योग्यता परीक्षा (Common Eligibility Test-CET) में केवल एक बार हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वे सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) के अंकों के आधार पर उच्च स्तर की परीक्षा के लिये किसी भी भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे।
  • राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) एक बहु-एजेंसी निकाय होगी, जिसके शासी निकाय में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय/वित्तीय सेवा विभाग, SSC, RRB तथा IBPS के प्रतिनिधि शामिल होंगे
  • एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA), केंद्र सरकार की भर्ती प्रक्रिया में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का पालन करेगी।

 मुख्य विशेषताएँ

  • सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) मुख्यतः तीन स्तरों पर आयोजित की जाएगी स्नातक, उच्च माध्यमिक (12वीं उत्तीर्ण) और मैट्रिक (10वीं उत्तीर्ण)।
  • SSC, RRB तथा IBPS जैसी एजेंसियाँ यथावत बनी रहेंगी। सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) के अंकों के स्तर पर की गई स्क्रीनिंग के आधार पर भर्ती की अंतिम चयन प्रक्रिया के लिये परीक्षा का आयोजन संबंधित एजेंसी (SSC, RRB तथा IBPS) द्वारा किया जाएगा।
  • देश के प्रत्येक ज़िले में परीक्षा केंद्र स्थापित किये जाएंगे, जिससे दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों को काफी लाभ होगा।
  • देश भर के 117 ‘आकांक्षी ज़िलों’ (Aspirational Districts) में परीक्षा संरचना बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे आगे चलकर अभ्यर्थियों को अपने निवास स्थान के निकट परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
  • अभ्यर्थियों द्वारा सीईटी में प्राप्त स्कोर परिणाम घोषित होने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के लिये वैध होंगे।
  • सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) का पाठ्यक्रम सामान्य होने के साथ-साथ मानक भी होगा। यह उन अभ्यर्थियों के बोझ को कम करेगा, जो वर्तमान में प्रत्येक परीक्षा के लिये विभिन्न पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग पाठ्यक्रमों की तैयारियाँ करते हैं।

 राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) का दायरा

  • शुरुआत में, राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) द्वारा ग्रुप B और C (गैर-तकनीकी) पदों के लिये अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्ट करने हेतु सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) का आयोजन किया जाएगा।
  • हम कह सकते हैं कि राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) द्वारा शुरुआत में उन परीक्षाओं के लिये सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) का आयोजन किया जाएगा, जो मुख्यतः अब कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (SSC) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
  • बाद में इस बहु-एजेंसी निकाय के अंतर्गत कई अन्य परीक्षाओं को भी शामिल किया जा सकता है।

 आवश्यकता

  • वर्तमान में, सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को पात्रता के समान शर्तों वाले विभिन्न पदों के लिये अलग-अलग भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित भिन्न-भिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना पड़ता है, जिसके कारण उम्मीदवारों को अलग-अलग एजेंसियों के अलग-अलग शुल्क का भुगतान करना पड़ता है और साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में हिस्सा लेने के लिये लंबी दूरी भी तय करनी पड़ती है, इससे अभ्यर्थियों पर आर्थिक बोझ काफी हद तक बढ़ जाता है।
  • इसके अलावा अलग-अलग भर्ती परीक्षाएँ उम्मीदवारों के साथ-साथ परीक्षाओं का आयोजन करने वाली एजेंसियों पर भी कार्य के बोझ को बढ़ा देती हैं, जिसमें बार-बार होने वाला खर्च, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं।
  • आँकड़ों के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग25 लाख सरकारी नौकरियों का विज्ञापन किया जाता है, जिनमें तकरीबन 2.5 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं।

 महत्त्व

  • सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) के माध्यम से अभ्यर्थियों के लिये कई परीक्षाओं में उपस्थित होने की परेशानी को दूर किया जा सकेगा।
  • चूँकि परीक्षा केंद्र सभी ज़िलों में स्थापित किये जाएंगे, इससे दूर-दराज़ के क्षेत्र में रहने वाले अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल होने के लिये प्रोत्साहित होंगे और इस प्रकार भविष्य में केंद्र सरकार की नौकरियों में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिलेगा
  • प्रत्येक ज़िले में परीक्षा केंद्रों की अवस्थिति से सामान्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों तथा विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों को भी अधिक लाभ होगा।
  • रोज़गार के अवसरों को लोगों तक पहुँचाना एक महत्त्वपूर्ण कदम है जिससे युवाओं की जिंदगी और आसन हो जाएगी।
  • वर्तमान में, उम्मीदवारों को बहु-एजेंसियों द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेना होता है। परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त उम्मीदवारों को यात्रा, रहने-ठहरने और अन्य चीजों पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ता है। सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) जैसी एकल परीक्षा से काफी हद तक उम्मीदवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
  • सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगी। यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर को प्राप्त करने को सुविधाजनक बनाएगा।
  • सरकार ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) के लिये57 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इस व्यय को तीन वर्षों की अवधि में खर्च किया जाएगाI।
  • इससे परीक्षा के प्रारूप में मानकीकरण स्थापित किया जा सकेगा।
  • सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) के माध्यम से परीक्षा आयोजन में विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा किये जाने वाले खर्च में कमी आएगी, एक अनुमान के अनुसार, इसके कार्यान्वयन से लगभग 600 करोड़ रुपए की बचत की उम्मीद है।

हवाला & मनी लॉन्ड्रिंग

 G.S. Paper-III (Economy)

संदर्भ

हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चीनी हवाला घोटाले (China Hawala Scam) के सिलसिले में लुओ सांग उर्फ चार्ली पेंग (Charlie Peng) और अन्य के विरुद्ध धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला दर्ज किया है.

पृष्ठभूमि-

  • प्रवर्तन निदेशालय की ओर से यह कार्रवाई आयकर विभाग की छापेमारी के एक्शन के बाद हुई है.
  • आयकर विभाग (Income Tax department) ने इस मामले में बीते 11 अगस्त को चीनी संस्थाओं के विभिन्न परिसरों, जैसे दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद आदि और आरोपियों के करीबियों पर छापेमारी की थी.
  • आयकर विभाग को छापेमारी की कार्रवाइयों में एक हजार करोड़ से अधिक की लेनदेन का खुलासा हुआ था. पाया गया कि चीनी नागरिक हवाला कारोबार को 40 बैंक खातों के माध्यम से अंजाम देते थे.

 हवाला क्या है?

  • हवाला के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियों के रूप में अनाधृकित रूप से एक देश से दूसरे देश में धन का विदेशी विनिमय किया जाता है. दूसरे शब्दों में हवाला एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे एजेंटों के माध्यम से धन का एक देश से दूसरे देश में हस्तांतरण किया जाता है. हवाला एजेंटों के माध्यम से धन का एक देश से दूसरे देश में अवैध तरीके से हस्तांतरण किया जाता है.
  • हवाला कारोबार करने वाले लोग दो देशों के बीच की विनिमय दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव का लाभभी उठाते हैं. हवाला कारोबार भी मनी लॉन्ड्रिंग का एक प्रकार है जिसमे काले धन को वैध बनाया जाता है.

 मनी लॉन्ड्रिंग का अर्थ-

  • मनी लॉन्ड्रिंग से तात्पर्य अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को वैध तरीके से कमाए गए धन के रूप में परिवर्तित करना है.
  • मनी लॉन्ड्रिंग अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को छुपाने का एक तरीका होता है. मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से धन ऐसे कामों या निवेश में लगाया जाता है कि जाँच करने वाली एजेंसियों को भी धन के मुख्य स्रोत का पता लगाने में बहुत ही मशक्कत करनी पड़ती है, जो व्यक्ति इस प्रकार के धन की हेरा-फेरी करता है, उसे लाउन्डर (The Launder) कहा जाता हैं विदित हो कि पैसे की लॉन्डरिंग प्रक्रिया में तीन चरण शामिल होते हैं—
  1. प्लेसमेंट (Placement)
  2. लेयरिंग (Layering)
  3. एकीकरण (Integration)
  • पहले चरण का संबंध नगदी के बाजार में आने से होता है. इसमें लाउन्डर (The launderer) अवैध तरीके से कमाए गए धन को वित्तीय संस्थानों जैसे बैंकों या अन्य प्रकार के औपचारिक या अनौपचारिक वित्तीय संस्थानों में नगद रूप से जमा करता है.
  • ‘‘मनी लॉन्ड्रिग’’ में दूसरा चरण ‘लेयरिंग’ अर्थात् धन छुपाने से सम्बन्धित होता है. इसमें लाउन्डर लेखा किताब (Book of accounting) में गड़बड़ी करके और अन्य संदिग्ध लेन-देन करके अपनी असली आय को छुपा लेता है. लाउन्डर, धनराशि को निवेश के साधनों जैसे कि बांड, स्टॉक, और ट्रैवेलर्स चेक या विदेशों में अपने बैंक खातों में जमा करा देता है. यह खाता अक्सर ऐसे देशों की बैंकों में खोला जाता है जोकि मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी अभियानों में सहयोग नहीं करते हैं.
  • एकीकरण मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया का अंतिम चरण होता है. जिसके माध्यम से बाहर भेजा गया पैसा या देश में खपाया गया पैसा वापस लाउन्डरर के पास वैध धन के रूप में आ जाता है. ऐसा धन अक्सर किसी कंपनी में निवेश, अचल संपत्ति खरीदने, लक्जरी सामान खरीदने आदि के माध्यम से वापस आता है.

 हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग से संबन्धित कानून-

  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF), विश्व स्तर पर सरकारों द्वारा स्थापित संस्था है जोकि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी संगठनों को धन के अंतरण के लिए बैंकिंग प्रणालियों के इस्तेमाल को रोकने के तौर-तरीकों के मानक का निर्धारण और इससे जुड़ी नीतियों के विकास और प्रोत्साहन का कार्य करती है.
  • वर्ष 2010 में भारत फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का 34वाँ सदस्य बना.
  • भारत में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने हेतु धन शोधन निवारण अधिनियम,2002 (Prevention of Money Laundering Act-PMLA) है.
  • धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को कालेधन के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाने के अतिरिक्त अपराधिक कृत्यों से प्राप्त संपत्ति को संलग्न/ज़ब्त करने का अधिकार देता है.

माली में सैन्य तख्तापलट

 G.S. Paper-II (International)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में पश्चिम अफ्रीकी देश माली में सैन्य तख़्तापलट हुआ है जिससे माली में इस समय भारी राजनीतिक उथल-पुथल की स्थिति है।
  • विद्रोही सैनिकों ने तख्‍तापलट करके देश के राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधानमंत्री बाउबो सिसे को हिरासत में ले लिया है ।
  • हिरासत में लिए जाने के बाद माली के राष्ट्रपति ने इस्तीफा देते हुए संसद भंग करने की घोषणा कर दी है।

 पृष्ठभूमि-

  • गौरतलब है कि राष्‍ट्रपति के पद से हटने की मांग को लेकर माली में कई महीनों से प्रदर्शन हो रहे थे। इस साल जून से उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही उन पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन और चुनाव को लेकर भी आरोप लग रहे थे।
  • माली में इससे पहले 2012 में सैन्य तख्तापलट हुआ था और उससे इस तख्तापलट की कोशिश में कई समानताएं बताई जा रही हैं।

 अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

  • अफ़्रीकी संघ, क्षेत्रीय नेताओं और संयुक्त राष्ट्र ने इस बग़ावत की निंदा की है। अफ्रीकी संघ ने माली की सदस्यता को भी निलंबित कर दिया है।
  • अमेरिका और रूस ने कहा है कि उनकी माली के हालात पर नजर है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र और रूस बीते 7 साल से माली में राजनीतिक स्थिरता लाने की कोशिश कर रहे थे।
  • माली के राष्ट्रपति को लोकतांत्रिक रूप से चुना गया था और उन्हें फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों से व्यापक समर्थन प्राप्त है।
  • कुछ लोगों का कहना है कि सेना कट्टर आतंकवादियों के इशारों पर यह काम रही है।
  • भारत सरकार भी वहां फंसे भारतीयों को लेकर सतर्क हो गयी है।

 माली के बारे में

  • माली या माली गणराज्य, पश्चिमी अफ़्रीका में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। सहारा रेगिस्तान तक फैला माली दुनिया के सबसे ग़रीब देशों में से एक है। यह अफ़्रीका का सातवां सबसे बड़ा देश है ।
  • माली की सीमा उत्तर में अल्जीरिया, पूर्व में नाइजर, दक्षिण में बुर्किना फ़ासो और कोड द आइवोर, दक्षिण-पश्चिम में गिनी और पश्चिम में सेनेगल और मारितुआना से मिलती है।
  • माली की राजधानी बमाको है।
  • माली पहले यूरोप का उपनिवेश था और यह 1960 में स्वतंत्र हुआ एवं माली की आधिकारिक भाषा फ्रांसीसी है और मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषा बाम्बारा है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

एशिया प्रशांत समूह

(Asia-Pacific Group)

  • यह मनी लॉन्ड्रिंग से सम्बंधित एक अंतर्राष्ट्रीय समूह है जो वित्तीय कार्रवाई कार्यदल से सम्बद्ध है.
  • इसका काम यह देखना है कि सभी देश मनी लॉन्ड्रिंग के निरोध और आतंकवादियों को पैसा मुहैया करने के विरुद्ध वित्तीय मापदंडों का अनुसरण करते हैं अथवा नहीं. विदित हो कि ये वित्तीय मापदंड FATF द्वारा निर्धारित किये गये हैं.
  • APG (Asia-Pacific Group) इन कार्यों में भी कई देशों को सहायता पहुँचाता है – अपराध, सहायता, दंड, विवेचना से सम्बंधित कानूनों का कार्यान्वयन. साथ ही यह समुचित प्रतिवेदन प्रणालियों के निर्धारण के लिए मार्गनिर्देश भी देता है और वित्तीय गुप्त सूचना इकाइयों की स्थापना में भी सहयोग करता है.
  • वर्तमान में इस समूह में 41 देश सदस्य के रूप में हैं. इनमें से 11 देश ऐसे हैं जो APG के साथसाथ FATF के भी सदस्य देश हैं. वे हैं – भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, जापान, कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और संयुक्त राज्य अमेरिका.

 

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