Online Portal Download Mobile App English ACE +91 9415011892 / 9415011893

डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण

21st October, 2020

G.S. Paper-II (National)

संदर्भ:

हाल ही में, राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (National Company Law Appellate Tribunal -NCLAT) द्वारा सीमेंस गमेसा रिन्यूएबल पावर प्राइवेट लि. (Siemens Gamesa Renewable Power Pvt. Ltd) के खिलाफ समझौता-बकाया राशि का कथित भुगतान न करने संबंधी याचिका खारिज कर दी गयी है।

NCLAT के बारे में:

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (National Company Law Appellate Tribunal-NCLAT) का गठनकंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किया गया है।

NCLAT के कार्य-

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) एक अर्द्ध-न्यायिक निकाय है जो कंपनियों से संबंधित विवादों का निर्णय करता है।

यह निम्नलिखित निकायों तथा कानूनों द्वारा पारित आदेशों निर्णयों के खिलाफ सुनवाई करता है:

  1. दिवाला और दिवालियेपन संहिता (IBC), 2016 की धारा 61 के तहत राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal- NCLT) द्वारा दिए गए आदेश
  2. IBC की धारा 211 तथा भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड के द्वारा धारा 202 के तहत दिए गए आदेश
  3. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के निर्णय।

संरचना:

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT)  के अध्यक्ष और न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद की जाएगी।

न्यायाधिकरण के सदस्यों और तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति एक चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी। चयन समिति में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे:

  1. भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके नामित व्यक्ति- अध्यक्ष
  2. सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के एक मुख्य न्यायाधीश- सदस्य
  3. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव — सदस्य
  4. कानून और न्याय मंत्रालय में सचिव- सदस्य
  5. वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग में सचिव- सदस्य

पात्रता-

  1. अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय का वर्तमान/ पूर्व न्यायाधीश अथवा उच्च न्यायालय का वर्तमान/पूर्व मुख्य न्यायाधीश होना होना चाहिए।
  2. न्यायिक सदस्य किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होना चाहिए अथवा पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि तक किसी न्यायाधिकरण का न्यायिक सदस्य के रूप में कार्य-अनुभव होना चाहिए।
  3. तकनीकी सदस्य निर्दिष्ट क्षेत्रों में, विशेष योग्यता, अखंडता और विशिष्ट ज्ञान और 25 वर्ष या उससे अधिक अवधि अनुभव रखने वाले व्यक्ति होना चाहिए।

कार्यकाल-

न्याधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की पदावधि पांच वर्ष होती है है और उन्हें अतिरिक्त पांच वर्षों के लिए फिर से नियुक्त किया जा सकता है।

भारत ने SANT Missile का किया सफल परीक्षण

G.S. Paper-III (S & T)

  • भारत ने 19 अक्टूबर 2020 को ओडिशा के तट से दूर एंटी-टैंक (सैंट) मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. डीआरडीओ ने इस मिसाइल को भारतीय वायु सेना के लिए विकसित किया है. यह मिसाइल लॉन्च के बाद लॉक-ऑन और लॉन्च से पहले लॉक-ऑन दोनों तरह की क्षमता से लैस होगी.
  • भारत ने इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर अंतरिम परीक्षण परिसर आइटीआर से पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का 16 अक्टूबर 2020 को शाम 7:30 बजे सफल परीक्षण किया गया. डीआरडीओ की ओर से विकसित पृथ्वी-2 मिसाइल का परीक्षण चांदीपुर आइटीआर के लॉचिंग कॉम्प्लेक्स 3 से सफलतापूर्वक किया गया.

सैंट मिसाइल: एक नजर में-

  • सैंट मिसाइल एंटी टैंक मिसाइलों में सबसे बेहतरीन में से एक मानी जाती है. इसका पहला परीक्षण 2018 में राजस्थान के जैसलमेर के पोखरन फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया था. इसने तब एक डमी ट्रैंक को तहत-नहस कर दिया था. भारत की ये पूर्ण रुप से स्वदेशी मिसाइल है जिसका टेस्ट परीक्षण ओडिसा के एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड पर किया गया था.

मुख्य बिंदु-

  • पृथ्वी मिसाइल 1000 किलोग्राम तक अस्त्र ढोने की क्षमता रखता है. यह मिसाइल सतह से सतह पर 500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता रखता है.
  • इस मिसाइल को तरल ईंधन वाले दो इंजन लगाए गए हैं. इसे तरल और ठोस दोनों तरह के ईंधन से संचालित किया जा सकता है.
  • यह मिसाइल परंपरागत और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. 8.56 मीटर लंबी1 मीटर चौड़ी और 4600 किलोग्राम वजन वाली यह मिसाइल 483 सेकेंड तक और 43.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकती है.
  • यह पहला मौका नहीं है, जब मिसाइल को रात्रि कालीन परीक्षण किया गया है. इसके पहले कई कई बार पृथ्वी मिसाइल का रात्रि कालीन सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया जा चुका है.

दो महीनों में 12 मिसाइलों का परीक्षण-

  • भारत ने पिछले दो महीनों में 12 मिसाइलों का परीक्षण किया है. इसके पहले पिछले हफ्ते ही कई मिसाइलों की टेस्टिंग हुई थी. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-1 और हाइपरसोनिक मिसाइल शौर्य शामिल हैं. एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-1 भारत का प्रथम स्वदेश विकसित एंटी रेडिएशन हथियार है. इसके अतिरिक्त हाइपरसोनिक मिसाइल शौर्य परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हैं.

‘घर तक फाइबर’ योजना

G.S. Paper-II (National)

संदर्भ:

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ‘घर तक फाइबर’ योजना (Ghar Tak Fibre Scheme) की शुरुआत बिहार में काफी धीमी है। ज्ञातव्य हो, कि बिहार पहला राज्य है जहाँ अपने सभी 45,945 गाँवों को 31 मार्च, 2021 तक इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वर्तमान स्थिति:

  • 31 मार्च तक सभी गांवों को इन्टरनेट से जोड़ने के लिए, राज्य को खाईयां खोदने, केबल बिछाने, और प्रतिदिन औसतन 257 गांवों या मासिक रूप से औसतन 7,500 से अधिक गांवों को कनेक्टिविटी प्रदान करने के जरूरत होगी।
  • हालाँकि, इस योजना के उद्घाटन के लगभग एक महीने बाद, 14 अक्टूबर तक, प्रति दिन 181 गांवों की दर से केवल 4,347 गांवों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछायी गई है।

योजना के बारे में:

‘घर तक फाइबर’ योजना को इसी वर्ष सितंबर में आरंभ किया गया था।

  • इसका उद्देश्य सभी गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ना है।
  • लक्ष्य:इस योजना के तहत, बिहार के प्रत्येक गाँव में कम से कम पाँच फाइबरटूहोम (fibre-to-the-home– FTTH) कनेक्शन प्रदान किये जाने हैं। तथा प्रत्येक गाँव में कम से कम एक वाईफाई हॉटस्पॉट भी लगाया जाएगा।
  • कार्यान्वयन:इस परियोजना को दूरसंचार विभाग (DoT), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा संयुक्त रूप से निष्पादित किया जाएगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

ग्रैंड आईसीटी चैलेंज

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से आईसीटी ग्रैंड चैलेंज (Grand ICT Challenge) का आरंभ किया गया है।

  1. उद्देश्य:‘स्मार्ट जल आपूर्ति मापन और निगरानी प्रणाली’ विकसित करने हेतु ग्रामीण स्तर पर तैनात किए जाने के लिए नवीन, आधुनिक और किफ़ायती उपाय तैयार करना।
  2. यह मिशन, केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण के स्थान पर सेवा वितरण करने पर केंद्रित है।
  3. सर्वश्रेष्ठउपाय पेश करने पर 50 लाख रु. का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक रनर अप के लिए 20 लाख रु. का पुरस्कार प्राप्त होगा।

 

नवीनतम समाचार

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow