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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण

G.S. Paper-III

संदर्भ:

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक की ‘मौद्रिक नीति समिति’ हेतु आगामी पांच वर्षों के लिए +/- 2 प्रतिशत अंकों की गुंजाइश सीमा के साथ 4 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।

मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण’ क्या है?

  1. यह एक निर्दिष्ट वार्षिक मुद्रास्फीति दर प्राप्त करने हेतु मौद्रिक नीति के संयोजन पर आधारित केंद्रीय बैंक की एक नीति होती है।
  2. मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Inflation Targeting) का सिद्धांत इस विश्वास पर आधारित होता है कि दीर्घकालीन आर्थिक वृद्धि, सर्वोत्तम रूप से, कीमतों की स्थिरता बनाए रखने के माध्यम से हासिल की जा सकती है तथा ‘कीमतों की स्थिरता’, मुद्रास्फीति नियंत्रित करके हासिल की जा सकती है।

मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण फ्रेमवर्क:

वर्ष 2016 में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अधिनियम, 1934 में संशोधन के बाद से भारत में एक ‘लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण फ्रेमवर्क’ (Flexible Inflation Targeting Framework) लागू है।

भारत में मुद्रास्फीति लक्ष्य कौन निर्धारित करता है?

संशोधित भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, भारत सरकार, प्रत्येक पाँच वर्ष में एक बार, रिजर्व बैंक के परामर्श से मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारित करती है।

वर्तमान मुद्रास्फीति लक्ष्य:

केंद्र सरकार द्वारा, 5 अगस्त, 2016 से 31 मार्च, 2021 की अवधि के लिए 4 प्रतिशत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति को अधिसूचित किया गया है। इसके साथ ही, 6 प्रतिशत की ऊपरी गुंजाइश सीमा तथा 2 प्रतिशत की निचली गुंजाइश सीमा निर्धारित की गयी है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

एआईएम-प्राइम

  1. यह कार्यक्रम, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) और वेंचर सेंटर की साझेदारी में अटल इनोवेशन मिशन द्वारा शुरू किया गया है।
  2. एआईएम-प्राइम (नवाचार, बाजार परकता और उद्यमिता पर शोध कार्यक्रम), संपूर्ण भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स और उद्यमिता संस्थानों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मदद करने के लिए शुरू की गई एक पहल है।

 

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