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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल

G.S. Paper-III

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और इज़राइल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जा रही भारतीय सेना के लिए मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (MRSAM) का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

क्या है मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल?

  • भारतीय सेना (Indian Army) के लिए बनाई गई इस MRSAM (Medium Range Surface to Air Missile) मिसाइल को भारत के DRDO और इजरायल के IAI ने मिलकर बनाया है.
  • MRSAM आर्मी वेपन सिस्टम में कमांड पोस्ट, मल्टी फंक्शन राडार, मोबाइल लॉन्चर सिस्टम होता है. यह इजरायल की खतरनाक मिसाइल बराक-8 (Barak-8) पर आधारित है|
  • MRSAM (Medium Range Surface to Air Missile) का वजन करीब 275 किलोग्राम,लंबाई5 मीटर और व्यास 0.45 मीटर है. इस मिसाइल पर 60 किलोग्राम वॉरहेड यानी हथियार लोड किया जा सकता है.
  • यह दो स्टेज की मिसाइल है, जो लॉन्च होने के बाद धुआं कम छोड़ती है| ये मिसाइल अपने साथ 500 से 1000 किलो युद्ध सामाग्री अपने साथ ले जा सकती है। इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। इस मिसाइल में एडवांस गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है। यह काफी आसानी से लक्षय को निशाना बना सकता है।

क्या है MRSAM प्रोग्राम (MRSAM)?

  • MRSAM प्रोग्राम की शुरुआत फरवरी 2009 में हुई जब इससे जुड़ी एक डील को साइन किया गया. आईएएफ के लिए 450 ऐसी मिसाइलें खरीदी जाएंगी और दो बिलियन डॉलर की लागत से 18 फायरिंग यूनिट्स होंगी. बराक मिसाइलों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये किसी एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर्स, एंटी-शिप मिसाइलों और यूएवी को तो ध्वस्त कर ही सकती हैं साथ ही बराक में बैलेस्टिक मिसाइलों और फाइटर जेट्स को भी नष्ट करने की क्षमता है. इन मिसाइलों का समुद्र से भी लॉन्च किया जा सकता है और जमीन से भी इनकी लॉन्चिंग संभव है.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के बारे में-

  • 1958 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अस्तित्व में आया था। इसका गठन उस समय देश में मौजूद रक्षा संगठनों के विलय से हुआ था। भारतीय थल सेना के टेक्निकल डिवेलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट और डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल डिवेलपमेंट ऐंड प्रॉडक्शन का डिफेंस साइंस ऑर्गनाइजेशन (डीएसओ) के साथ विलय हुआ था। देश भर में इसकी 52 प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है। इन प्रयोगशालाओं में रक्षा संबंधित तकनीक को विकसित करने पर काम होता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के प्रशासकीय नियंत्रण में है।
  • यहां विभिन्न अनुसंधान कार्यों को अंजाम दिया जाता है। वैमानिकी, हथियार, इलेक्ट्रॉनिक्स, युद्धक गाड़ियों, इंजिनियरिंग सिस्टम, मिसाइल, अडवांस्ड कंप्यूटिंग और सिमुलेशन, नौसेना प्रणाली, लाइफ साइंस, इन्फर्मेशन सिस्टम और कृषि पर यहां अनुसंधान कार्य होता है।

इज़राइल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज (IAI) के बारे में-

  • आईएआई इजरायल की सबसे बड़ी एरोस्पेस और रक्षा कंपनी है. यह मिसाइल भेदी, हवाई प्रणालियों और खुफिया और साइबर सुरक्षा प्रणालियों सहित रक्षा प्रणालियों का विकास, विनिर्माण और आपूर्ति करती है.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद

  1. वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद का गठन दिसम्बर, 2010 में हुआ था.
  2. इसका उद्देश्य है – वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के तन्त्र को सुदृढ़ करना एवं उसे संस्थागत बनाना.
  3. विभिन्न नियामक संस्थाओं के बीच समन्वय को बढ़ावा देना तथा वित्तीय प्रक्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करना.
  4. इस परिषद के अध्यक्ष केन्द्रीयवित्त मंत्री होते हैं.

 

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