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मिशन कोविड सुरक्षा

G.S. Paper-III

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत सरकार ने भारतीय कोविड -19 वैक्सीन के विकास (Indian COVID-19 Vaccine Development) में तेजी लाने के लिए मिशन कोविड सुरक्षा (Mission COVID Suraksha) की शुरुआत की है।

प्रमुख बिन्दु-

  • भारत सरकार ने ‘मिशन कोविड सुरक्षा – भारतीय कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन’(Mission COVID Suraksha- The Indian COVID-19 Vaccine Development Mission) के लिए 900 करोड़ रुपये के तीसरे प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है।
  • 900 करोड़ रुपये का यह अनुदान(grant), भारतीय कोविड -19 वैक्सीन के अनुसंधान और विकास (Research & Development of Indian COVID-19 vaccines) के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology -DBT) को प्रदान किया जाएगा।

कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन(COVID-19 Vaccine development Mission)-

  • भारत सरकार के कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन का पूरा नाममिशन कोविड सुरक्षाभारतीय कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन (Mission COVID Suraksha- The Indian COVID-19 Vaccine Development Mission) है।
  • इस मिशन को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology -DBT) के नेतृत्व में लागू किया जा रहा है।
  • यह मिशन पूर्व -क्लिनिक विकास(preclinical development) के साथ त्वरित उत्पाद विकास के लिए सभी उपलब्ध और वित्त पोषित संसाधनों को समेकित करेगा।
  • हाल ही में इस मिशन के चरण– I को 12 महीनों की अवधि के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • यह मिशन कोविड सुरक्षा भारत के लिए स्वदेशी, किफायती और सुलभ वैक्सीन के विकास के लिए लक्षित प्रयास है और यह आत्मनिर्भर भारत राष्ट्रीय मिशन के लिए पूरक सिद्ध होगा।
  • इससे 5-6 वैक्सीन कैंडिडेट(vaccine candidates) के विकास में मदद मिलेगी तथा लाइसेंस प्राप्ति और बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित होगी।
  • भारत वैक्सीन निर्माण में एक शक्तिशाली राष्ट्र है और इस राष्ट्रीय कोविड वैक्सीन मिशन के माध्यम से हमारे वैक्सीन निर्माता न केवल भारत बल्कि दुनिया के लिए किफायती और सुलभ वैक्सीन विकसित करेंगे।

उद्देश्य-

  • हाल ही में कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन के लिए उपलब्ध कराये गए फण्ड के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं।
  1. पूर्व-नैदानिक और नैदानिक विकास में तेजी लाना(accelerating pre-clinical& clinical development);
  2. कोविड -19 वैक्सीन कैंडिडेट्स, जो वर्तमान में नैदानिक चरणों में हैं या विकास के नैदानिक चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं, के लिए लाइसेंस प्राप्त करना;
  3. नैदानिक परीक्षण स्थलों की स्थापना करना(establishing clinical trial sites);
  4. मौजूदा प्रतिरोध परीक्षण प्रयोगशालाओं(immunoassay laboratories), केंद्रीय प्रयोगशालाओं, जानवरों पर अध्ययन के लिए उपयुक्त सुविधाओं, उत्पादन सुविधाओं और अन्य परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करना।
  5. अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य होंगे – सामान्य सामंजस्यपूर्ण प्रोटोकॉल(common harmonized protocols), प्रशिक्षण, डेटा प्रबंधन प्रणाली, नियामक प्रस्तुतियाँ(regulatory submissions), आंतरिक और बाह्य गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली(internal and external quality management systems) और प्रत्यायन(accreditations) के विकास का समर्थन करना।
  6. इस मिशन के तहत प्रक्रिया विकास(process development), सेल लाइन विकास(cell line development) और पशु विष विज्ञान अध्ययन(animal toxicology studies) व नैदानिक परीक्षणों (clinical trials)के लिए जीएमपी बैचों (GMP batches)के निर्माण की क्षमताओं का भी समर्थन किया जाएगा।
  7. उपयुक्त लक्ष्य उत्पाद प्रोफ़ाइल(suitable Target Product Profile) का विकास करना भी एक प्रमुख कार्य होगा ताकि इस मिशन के माध्यम से पेश किए जाने वाले वैक्सीन भारत आवश्यकताओं के अनुरूप हों।

कोविड -19 वैक्सीन विकास के सरकारी प्रयास-

  • भारत सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन के विकास हेतु कई प्रयास किए हैं।
  • जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology -DBT) द्वारा शैक्षणिक जगत और उद्योग जगत, दोनों में ही अब तक कुल 10 वैक्सीन कैंडिडेट्स को समर्थन दिया गया है।
  • वर्तमान में, रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी समेत 5 वैक्सीन कैंडिडेट्स मानव परीक्षण की अवस्था में हैं, जबकि 3 अन्य पूर्वनैदानिक के अग्रिम चरण में हैं, जो शीघ्र ही मानव परीक्षण की शुरुआत करेंगे।
  • ‘मिशन कोविड सुरक्षा – भारतीय कोविड –19 वैक्सीन विकास मिशन(Mission COVID Suraksha- The Indian COVID-19 Vaccine Development Mission) को प्रारंभ किया गया है। यह पूर्व –क्लिनिक विकास (preclinical development) के साथ त्वरित उत्पाद विकास के लिए सभी उपलब्ध और वित्त पोषित संसाधनों को समेकित करेगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

माउंट इली लेवोटोलोक

चर्चा का कारण

हाल ही में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है।

  1. अवस्थिति:यह पूर्वी इंडोनेशिया में स्थित एक ज्वालामुखी है।
  2. 5,423 मीटर (17,790 फुट) उंचाई वाला यह पर्वत, इंडोनेशिया मेंजावा द्वीप पर मेरापी (Merapi) और सुमात्रा द्वीप पर सिनाबंग (Sinabung) ज्वालामुखी सहित वर्तमान में तीन प्रस्फुटित ज्वालामुखियों में से एक है।

 

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