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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

मंगल ग्रह पर नमक की झीलें

22th October 2019

समाचार में क्यों?

हाल ही में नेचर जिओसाइंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में यह पता चला है कि मंगल ग्रह (लाल ग्रह) पर भी पृथ्वी की तरह नमक की झीलें मौजूद थीं।

प्रमुख बिंदु :

  • मंगल ग्रह (लाल ग्रह) की झीलें, धरती पर मौजूद झीलों की तरह ही बारिश और सूखे के दौर से भी गुज़री थीं।
  • इससे यह संकेत मिलता है कि मंगल ग्रह (लाल ग्रह) पर शुष्‍क जलवायु की स्थिति लंबे अरसे से बनी हुई है।
  • नमक की झीलों का निर्माण शुष्क काल के दौरान ही हुआ होगा।
  • जलवायु के शुष्क होने का कारण वहाँ के वायुमंडल के पतला होने और सतह पर दबाव कम होने के चलते तरल पानी अस्थिर और वाष्पित हो सकता है।
  • मंगल ग्रह पर पानी तरल रूप में मौजूद था जिसे माइक्रोबियल जीवन के अहम घटक के रूप में माना जाता हैI
  • ये झीलें लगभग 3 अरब वर्ष पहले गेल क्रेटर (Gale Crater) में मौजूद थीं।
  • गेल क्रेटर (Gale Crater) का निर्माण एक उल्कापिंड के मंगल ग्रह पर गिरने के कारण लगभग 3.6 अरब वर्ष पहले हुआ था।
  • इस क्रेटर को नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने वर्ष 2012 में खोजा था।
  • मंगल ग्रह पर नमक की ये झीलें, पृथ्वी पर बोलीविया और पेरू की सीमा के पास स्थित अल्टिप्लानो (Altiplano) नामक क्षेत्र में मौजूद झीलों जैसी ही हैं।
  • अल्टिप्लानो एक ऊँचा पठार है जहाँ पर्वत शृंखलाओं से निकलने वाली नदियाँ और धाराएँ समुद्र में नहीं मिलती हैं बल्कि बंद घाटियों की ओर अग्रसर होती हैं
  • यह भौगोलिक परिदृश्य ठीक वैसा ही है जैसा मंगल ग्रह पर गेल क्रेटर में कभी हुआ करता था।
  • मंगल ग्रह की जलवायु आर्द्र और सूखे की अवधि के बीच के उतार-चढ़ाव वाली हो सकती है।

क्यूरियोसिटी रोवर :

  • क्यूरियोसिटी नामक रोवर नासा के मंगल अन्वेषण मिशन का एक भाग है। यह लाल ग्रह के रोबोटिक अन्वेषण का एक दीर्घावधिक प्रयास है।
  • क्यूरियोसिटी को इस बात का आकलन करने के लिये डिज़ाइन किया गया कि क्या मंगल पर कभी ऐसा पर्यावरण था जो लघु जीवन रूपों को सहारा देने में सक्षम था, जिन्हें माइक्रोब्स कहा जाता है।
  • इस मिशन का उद्देश्य ग्रह पर निवास की संभावनाओं की तलाश करना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

उन्नति :

  • Unnati नामक परियोजना का उद्देश्य अकुशल मनरेगा श्रमिकों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे संकट से रोजगार से पूर्णकालिक नौकरियों में स्थानांतरित हो सकें
  • कार्यक्रम (Unnati) घर के प्रति घर में एक वयस्क सदस्य (18 से 45 वर्ष के बीच) को प्रशिक्षित करने के लिए है, जिसने पिछले वित्तीय वर्ष में MGNREGA के तहत 100 दिन का काम पूरा किया है।
  • प्रशिक्षण से गुजरने वाले उम्मीदवार को 100 दिनों की अधिकतम अवधि के लिए और संबंधित राज्य में प्रचलित मजदूरी के अनुसार प्रति घर एक कार्यक्रम के लिए वजीफा दिया जाएगा।

पाम तेल आयात:

  • भारत के शीर्ष तेल व्यापार निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने एक छोटी एडवाइजरी जारी की है जिसमें अपने सदस्यों, आयातक-क्रशर और प्रोसेसर सहित मलेशिया से पाम तेल आयात करने से बचने के लिए कहा है।
  • यह केंद्र सरकार की मलेशिया की “आपत्तिजनक” टिप्पणियों और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत के कदम पर आलोचना के अनुरूप है।

मुख्य तथ्य:

  • भारत का कुल वार्षिक पाम तेल आयात लगभग 9 मिलियन टन है, जिसमें से लगभग 3-3.5 मिलियन टन मलेशिया से और शेष इंडोनेशिया से आयात किया जाता है, जो कि एक अन्य प्रमुख पाम तेल उत्पादक देश है।
  • देश के कुल खाद्य तेल आयात में पाम तेल का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है।

 

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