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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

भारत के मुख्य न्यायाधीश का चयन

G.S. Paper-II

संदर्भ:

भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद ए. बोबडे ने सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एन वी रमण (N.V. Ramana) को उच्चतम न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।

जस्टिस रमण, 24 अप्रैल को भारत के 48 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश’ की नियुक्ति:

  1. भारत के मुख्य न्यायाधीश को, परंपरा के अनुसार, भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति के दिन नियुक्त किया जाता है।
  2. परंपरागत रूप से, भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश, भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में, उच्चतम न्यायालय के तत्कालीन वरिष्ठतम न्यायाधीश का चयन करते है।

शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की वरिष्ठता आयु से नहीं, बल्कि निम्नलिखित कारकों के आधार पर निर्धारित की जाती है:

  1. उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किये जाने की तिथि से।
  2. यदि दो न्यायाधीशों को एक ही दिन सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया जाता है, तो पहले शपथ लेने वाले न्यायाधीश को वरिष्ठ माना जाता है।
  3. यदि दोनों न्यायाधीशों को एक ही दिन न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई जाती है, उच्च न्यायालय के अधिक समय तक कार्य करने वाले न्यायाधीश को वरिष्ठ माना जाएगा।
  4. न्यायाधीशों की पीठ में से नियुक्त न्यायाधीश, वकीलों के समुदाय से नियुक्त न्यायाधीश की तुलना में वरिष्ठ होगा।

क्या यह प्रक्रिया संविधान में उल्लखित है?

भारतीय संविधान में ‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ (CJI) को नियुक्त करने के लिए मानदंड और प्रक्रिया से संबंधित कोई प्रावधान नहीं है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) में कहा गया है कि ‘कि भारत का एक सर्वोच्च न्यायालय होगा जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश (CJI) होगा’।

  1. ‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ (CJI) की नियुक्ति से संबंधित कुछ मिलता-जुलता उल्लेख अनुच्छेद 126में किया गया है।
  2. किसी संवैधानिक प्रावधान के अभाव में ‘मुख्य न्यायाधीश’ (CJI) की नियुक्ति प्रक्रिया रीति-रिवाजों तथा परंपरा पर निर्भर है।

नियुक्ति प्रक्रिया:

अगले ‘मुख्य न्यायाधीश’ (CJI) को नियुक्त करने की प्रक्रिया सरकार और न्यायपालिका के मध्य एक प्रक्रिया ज्ञापन (Memorandum of Procedure- MoP) में निर्धारित की गई है:

  1. ‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ (Chief Justice of India- CJI) की नियुक्ति प्रक्रिया केंद्रीय विधि मंत्री द्वारा ‘उपयुक्त समय’ पर अर्थात निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति तिथि नजदीक आने पर शुरू की जाती है। विधि मंत्री, सबसे पहले निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश से अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए अनुशंसाओं की मांग करते है।
  2. CJI अपनी अनुशंसाएं विधि मंत्रालय को भेजते हैं और किसी प्रकार की आशंका होने की स्थिति में मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की ‘मुख्य न्यायाधीश’ के रूप में उपयुक्तता के बारे में कॉलेजियम से परामर्श कर सकता है।
  3. विधि मंत्री, ‘मुख्य न्यायाधीश’ से प्राप्त अनुशंसा को प्रधान मंत्री के लिए प्रेषित करते हैं। प्रधानमंत्री, इसी आधार पर राष्ट्रपति को ‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ की नियुक्ति की सलाह देते हैं।
  4. राष्ट्रपति द्वारा ‘भारत के नए मुख्य न्यायाधीश’ को पद की शपथ दिलाई जाती है।

‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ तथा सुप्रीमकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति- महत्वपूर्ण अंतर:

‘भारत के मुख्य न्यायाधीश’ की नियुक्ति के मामले में, सरकार ‘मुख्य न्यायाधीश’ (अथवा कॉलेजियम) की सिफारिश को पुनर्विचार के लिए वापस उनके पास नहीं भेज सकती है; जबकि सुप्रीमकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में सरकार ऐसा कर सकती है। हालाँकि, यदि कॉलेजियम द्वारा पहले अनुशंसित किये गए नामो को फिर से सरकार के पास भेजा जाता है, तो सरकार फिर कोई आपत्ति नहीं कर सकती है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

ट्यूलिप गार्डन

  1. यह जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में स्थित एक ट्यूलिप गार्डन है। इसे इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन के रूप में भी जाना जाता है।
  2. यह एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है जो लगभग 30 हेक्टेयर (74 एकड़) के क्षेत्र में फैला है।
  3. यह बाग़ ज़बरवान पर्वत श्रेणी की तलहटी में स्थित है।

 

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