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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

भारत की नई विदेश व्यापार नीति

G.S. Paper-III

भारत की नई विदेश व्यापार नीति जो वर्ष 2021 से 2026 तक की अवधि के लिए होगी, अभी निर्मित होने की प्रक्रिया से गुजर रही है और भारत सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि यह 1 अप्रैल , 2021 से लागू हो जाएगी । एक ऐसे समय जब भारत अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार व्यवस्था में अपनी नेतृत्वकारी क्षमताओं को खंगाल रहा है ऐसे में नई विदेश व्यापार नीति के जरिए कुछ जरूरी प्रावधान करने, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस का माहौल निर्मित करने की जरूरत महसूस की गई है। इसलिए भारत के व्यापार और वाणिज्य मंत्रालय के संसदीय परमार्शकारी समिति की बैठक ” नई विदेश व्यापार नीति , 2021-2026 विषय पर हाल ही में आयोजित की गई है। इसमें जिस एक खास बात पर जोर दिया गया है वह यह है कि डिस्ट्रिक्ट्स एक्सपोर्ट हब इनीसियेटिव नई विदेश व्यापार नीति का हिस्सा होगी ।

विदेश व्यापार नीति 2015-2020 के मुख्य बिंदु :

  1. विदेश व्यापार नीति में देश से वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात वर्ष 2013-14 के9 अरब डालर से बढ़ाकर 2019-20 तक 900 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और निर्यातकों तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) को कई तरह के प्रोत्साहन देने की घोषणा की गई है ।
  2. विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए उच्चस्तरीय प्रोत्साहन देने की बात की गई है।
  3. इसके साथ ही मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया अभियानों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है।
  4. भारत में निर्यात संवर्धन के लिए विदेश व्यापार नीति में एक निर्यात संवर्धन मिशन स्थापित किए जाने पर भी जोर दिया गया है। यह मिशन निर्यात बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों के साथ एक संस्थागत ढांचे का काम करेगा।
  5. विदेश व्यापार नीति में ‘विभिन्न केन्द्र सरकार के विभागों में निर्यात और आयात के प्राधिकृत बिंदुओं पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती करने का प्रावधान किया गया है।
  6. इस नीति की वार्षिक समीक्षा के बजाय अब पंचवर्षीय नई विदेश व्यापार नीति की ढाई साल में समीक्षा की जाएगी। पहले इसकी हर वर्ष समीक्षा की जाती थी।
  7. विदेश व्यापार नीति 2015-2020 में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार बढ़ाने के लिए भारत वस्तु निर्यात योजना (एमईआईएस) और भारत सेवा निर्यात योजना (एसईआईएस)’ शुरू करने की घोषणा की गई।
  8. ईपीसीजी योजना के तहत स्वदेशी निर्माताओं से ही पूंजीगत सामान खरीदने के उपाय किए गए हैं। इसके तहत विशेष निर्यात प्रतिबद्धता को घटाकर सामान्य निर्यात प्रतिबद्धता के 75 फीसदी के स्तर पर ला दिया गया है।
  9. इस नीति में रक्षा एवं हाई-टेक उत्पादों के निर्यात को नई गति प्रदान करने के भी उपाय किए गए हैं और साथ ही हथकरघा उत्पादों एवं किताबों, चमड़े के जूते-चप्पल और खिलौनों के ई-कॉमर्स निर्यात को भी एमईआईएस का लाभ (25 हजार रुपये तक के मूल्य के लिए) दिए जाने का निर्णय हुआ है।
  10. विदेश व्यापार नीति में निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु योजना के तहत निर्यात की अनिवार्यता 90 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि पूंजीगत वस्तु और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।
  11. नीति के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) से निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने अब एसईजेड में स्थित इकाइयों को दोनों इनाम योजनाओं (एमईआईएस और एसईआईएस) का लाभ देने का निर्णय लिया है। इस कदम से देश में एसईजेड के विकास को नई गति मिलेगी।
  12. विदेश व्यापार नीति में ‘व्यापार को सुविधाजनक बनाने’ एवं कारोबार करने में और ज्यादा आसानी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
  13. शत-प्रतिशत ईओयू/ईएचटीपी/एसटीपीआई/बीटीपी योजनाओं के तहत निर्माण एवं निर्यात को बढ़़ावा देने के लिए भी अनेक कदम उठाये गये हैं। इन इकाइयों के लिए ‘त्वरित मंजूरी सुविधा’ भी इन कदमों में शामिल है। इसके अलावा, ये इकाइयां अपनी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को साझा कर सकेंगी।

2020 में विदेश व्यापार नीति में किए गए परिवर्तन:

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मार्च , 2020 में भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में बदलावों की घोषणा की थी । वर्तमान नीति 1 अप्रैल, 2015 से 5 साल के लिए लागू की गई थी, जो 31 मार्च, 2020 तक के लिए वैध थी। नोवल कोविड-19 महामारी के चलते अचानक पैदा हुए वर्तमान हालात को देखते हुए सरकार ने मौजूदा विदेश व्यापार नीति को एक साल यानी 31 मार्च, 2021 तक के लिए विस्तार देकर विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत राहत जारी रखने का फैसला किया है। व्यापार और उद्योग को समर्थन देने के लिए कई अन्य राहत उपायों की भी घोषणा की गई है।

एफटीपी में किए गए प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं :

  1. वर्तमान एफटीपी के तहत नीतिगत व्यवस्था को जारी रखते हुए इसकी वैधता को03.2020 से बढ़ाकर 31.03.2021 तक कर दिया गया है। इसके अलावा हैंडबुक ऑफ प्रोसिजर्स की वैधता को विस्तार देकर इससे संबंधित प्रक्रियाओं को भी इसी प्रकार विस्तार दे दिया गया है।
  2. निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं (एसईआईएस को छोड़कर) और अन्य योजनाओं के अंतर्गत अभी तक उपलब्ध लाभ अन्य 12 महीनों के लिए जारी रहेंगे। एसईआईएस को जारी रखने का फैसला बाद में लिया जाएगा और इस क्रम में अधिसूचना जारी की जाएगी।
  3. इसी प्रकार, हैसियत धारक (स्टेटस होल्डर) प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि को भी विस्तार दे दिया गया है। इससे हैसियत धारकों के लिए विशेष सुविधाएं/ लाभों को जारी रखना संभव होगा।
  4. अग्रिम/ईपीसीजी प्राधिकार के अंतर्गत और ईओयू आदि के द्वारा किए गए आयात पर आईजीएसटी और मुआवजा सेस के भुगतान से छूट को बढ़ाकर03.2021 के लिए कर दिया गया है।
  5. विशेष कृषि उत्पादों पर परिवहन विपणन सहायता उपलब्ध कराने की योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
  6. 02.2020 और 31.07.202 के बीच खत्म (एक्सपायर) होने जा रहे विभिन्न शुल्क मुक्त आयात प्राधिकार के अंतर्गत आयात के लिए वैधता अवधि को एक्सपायरी की तारीख से अतिरिक्त छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए संबंधित विभागों से फिर से मंजूरी नहीं लेनी होगी।
  7. विभिन्न प्राधिकारों के अंतर्गत02.2020 और 31.07.2020 के बीच जिस दिन भी निर्यात की अवधि समाप्त हो रही हो, उस तारीख से अतिरिक्त छह महीने के लिए निर्यात बाध्यता अवधि पर स्वतः ही विस्तार मिल जाएगा। इसके लिए कोई कम्पोजिशन शुल्क नहीं देना होगा।
  8. विभिन्न शुल्क क्रेडिट स्क्रिप्स (एमईआईएस/ एसईआईएस/ आरओएससीटीएल) और अन्य प्राधिकारों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है।
  9. सुझाई गई तारीख से बाद में भरे जाने वाले आवेदनों पर विलंब कटौती लगाने की समयसीमा में छूट दे दी गई है।
  10. ईओयू, एसटीपी/ ईएचटीपी/ बीटीपी को मिले अनुमति पत्र/ आशय पत्र की वैधता अवधि भी बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दी गई है।
  11. टीईडी/ ड्राबैक, परिवहन और विपणन सहायता के रिफंड से जुड़े आवेदन भरने की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है।
  12. एफटीपी के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत विभिन्न रिपोर्ट/ रिटर्न आदि भरने के लिए समय में विस्तार को अनुमति दे दी गई है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI)

हाल ही में, नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) द्वारा प्रत्येक आवेदक को अपनी पसंदीदा 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं में से किसी एक में निःशुल्क आईडीएन (Internationalized Domain Name– IDN) का विकल्प देने की घोषणा की गयी है।

  1. निःशुल्क IDN, आवेदक द्वारा बुक किए गए प्रत्येक IN डोमेन के साथ उपलब्ध होगा।
  2. यह प्रस्ताव भारत (IDN) डोमेन नाम और स्थानीय भाषा सामग्री के प्रसार को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया है।

NIXI के बारे में:

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NIXI) भारत के नागरिकों को इंटरनेट तकनीक के प्रसार हेतु वर्ष 2003 से कार्यरत एक गैर-लाभकारी संगठन है।

 

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