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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

भारत और बेल्जियम लक्जमबर्ग आर्थिक संघ

20 September-2019

समाचार में क्यों?

17 सितंबर, 2019 को भारत और बेल्जियम लक्जमबर्ग आर्थिक संघ (Belgium Luxembourg Economic Union -BLEU) के बीच संयुक्त आर्थिक आयोग (Joint Economic Commission-JEC) का 16वाँ सत्र नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • भारत और BLEU ने द्विपक्षीय आर्थिक तथा व्यापार संबंधों की दिशा में JEC के महत्व को दोहराया है।
  • तीनो देशों ने परिवहन तथा लॉजिस्टिक, नवीकरणीय ऊर्जा, एयरोस्पेस तथा सेटेलाइट ऑडियो और विजुअल उद्योग, कृषि और खाद्य उद्योग, जीवन विज्ञान, पारंपरिक औषधि, आयुर्वेद, योग तथा पर्यटन जैसे पारस्परिक हित के विषयों पर संवाद और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
  • एक दूसरे के बाजारों में पहुँच के लिये तीनों देशों की कई कंपनियों ने इच्छा जाहिर की और बैठक में तीनों देशों के बीच पारस्परिक हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किये गए।

भारत तथा BLEU के बीच व्यापारिक संबंधों का महत्त्व:

  • पिछले कुछ वर्षों में भारत तथा BLEU के बीच वाणिज्यिक आदान-प्रदान में में वृद्धि हुई है जैसे-
  • वर्ष 2018-19 में भारत-बेल्जियम तथा भारत-लक्जमबर्ग के बीच द्विपक्षीय व्यापार क्रमशः 17.2 बिलियन डॉलर तथा 161.98 मिलियन डॉलर का रहा और इसमें वर्ष 2017-18 की तुलना में क्रमशः 41 प्रतिशत और 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • अप्रैल 2000 से जून 2019 के बीच बेल्जियम और लक्जमबर्ग से संचित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह क्रमशः लगभग 1.87 बिलियन और 2.84 बिलियन रहा।

भारत-बेल्जियम संबंध:

  • भारत, बेल्जियम का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात स्थल है और यूरोपीय संघ के बाहर चैथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
  • बेल्जियम से भारत को जवाहरात और आभूषण (अपरिष्कृत हीरा), रसायन तथा रासायनिक उत्पाद और मशीन तथा मशीनी उत्पादों का निर्यात होता है।
  • भारत में बेल्जियम की लगभग 160 कंपनियाँ कार्यरत हैं।
  • सूचना तथा सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे- TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और HCL ने बेल्जियम और यूरोपीय बाजारों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिये बेल्जियम को ही अपना आधार बनाया है।

 

पृष्ठभूमि :

  • भारत और बेल्जियम-लक्जमबर्ग आर्थिक संघ के संयुक्त आर्थिक आयोग की स्थापना वर्ष 1997 में की गई थी और यह आयोग द्विपक्षीय आर्थिक और वाणिज्यिक विषयों के लिये प्रमुख मंच है।
  • वर्ष 1990 में नई दिल्ली में हुए समझौते के आधार पर संयुक्त आर्थिक आयोग की बैठक बुलाई जाती है।
  • यह द्विवार्षिक आयोजन वैकल्पिक रूप से तीनों देशों की राजधानियों में आयोजित की जाती है।
  • JEC भारत और BLEU के बीच आर्थिक तथा वाणिज्यिक विषयों पर चर्चा का मंच है।

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प्रीलिम्स के लिए तथ्य :

विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला ब्लॉक:

बीरभूम कोयला क्षेत्र का देउचा पंचमी कोयला ब्लॉक (Deaucha Panchami Coal Block) पर्यावरणीय चिंताओं के मद्देनजर अपने उद्घाटन के समय से ही चर्चा में रहा।

  • बीरभूम कोयला क्षेत्र का देउचा पंचमी कोयला ब्लॉक विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कोयला ब्लॉक है जो पश्चिम बंगाल में स्थित है।
  • कोयला भंडारण की क्षमता के कारण यह कोयला खदान एशिया का सबसे बड़ा कोयला खदान या कोयला ब्लॉक है।
  • यह पश्चिम बंगाल की सबसे नई कोयला खदान है।
  • बीरभूम कोयला क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना हाल ही में इस क्षेत्र के लोगों की अपेक्षित पर्यावरणीय चिंताओं और विस्थापन के कारण चर्चा में रही है।

 

ऋण मेला:

वित्त मंत्रालय ने धीमी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये देश के 400 जिलों में ऋण मेलों (Loan Mela) के आयोजन की घोषणा की है।

  • ऋण मेलों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाजार में तरलता को बढ़ाना है।
  1. 1. उल्लेखनीय है कि तरलता के बावजूद बैंक मानक मौद्रिक नीति के उपायों का सख्ती से पालन नहीं कर रहे थे।
  2. 2. वित्त मंत्रालय का यह कदम बैंकों को मजबूर करेगा की वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (Non-Banking Financial Company), जो कि देश में छोटे व्यवसायों को ऋण प्रदान करने के लिये प्रमुख स्रोत हैं, को आवश्यक धन की पूर्ति करें ताकि वह धन अंतिम ग्राहकों तक पहुँच सके।
  3. ग्राहकों को ऋण वितरण हेतु बैंक तथा NBFC एक-दूसरे के साथ भागीदारी करेंगे।
  • ऋण मेले के तहत मुख्यतः
    • (1) घर खरीदारों सहित खुदरा ग्राहकों
    • (2) कृषि तथा किसानों और
    • (3) सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों को ऋण प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • यह भी निर्णय लिया गया है कि MSME के तनाव को कम करने तथा अपने कर्ज को डूबने से बचाने के लिये सभी सार्वजनिक बैंक अब 31 मार्च, 2020 तक MSME संबंधी तनावग्रस्त ऋणों को NPA या नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स ¼Non-Performing Assets) के रूप में वर्गीकृत नहीं करेंगे।

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