Online Portal | Download Mobile App | English Version | View Blog +91 9415011892 / 9415011893

डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

भारत और अमेरिका ‘टू प्लस टू वार्ता’

समाचार में क्यों?

18 दिसंबर, 2019 को भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच वाशिंगटन में ‘टू प्लस टू वार्ता (2+2 Dialogue) हुई।

मुख्य बिंदु:

  • वाशिंगटन में भारत-अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के नेतृत्त्व में ‘टू प्लस टू वार्ता संपन्न हुई।
  • इस वार्ता में दोनों पक्षों ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों में बढती साझेदारी को सकारात्मक रुप से स्वीकार किया और कहा कि सितंबर 2018 में दिल्ली में आयोजित पहली ‘टू प्लस टू वार्ता के बाद दोंनों देशों के बीच संबंधों में मज़बूती आई है।

टू प्लस टू वार्ता में चर्चा में रहे कुछ प्रमुख विषय:

  • इस वार्ता में एक तरफ जहाँ हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में संबंध प्रगाढ़ बनाने को लेकर स्पष्टता देखी गई वहीं अमेरिका की निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनियों द्वारा भारत में अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण की राह में एक बड़ी अड़चन समाप्त हो गई है। दोनों देशों ने इसके लिये ‘इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एनेक्स (Industrial Security Annex) नामक समझौते को मंज़ूरी दी है।

इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एनेक्स

  • यह समझौता भारत में निवेश करने वाली अमेरिकी रक्षा कंपनियों के हितों की रक्षा करने की गारंटी देता है।
  • यह समझौता अमेरिकी सरकार और अमेरिकी कंपनियों को भारतीय निजी क्षेत्र के साथ गोपनीय जानकारी साझा करने की अनुमति देता है, जो अब तक भारत सरकार और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों तक सीमित है।
  • भारतीय उद्योग रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में अधिक निवेश किये जाने की आवश्यकता है, इसलिये ISA भारत के लिये विशेष रूप से आवश्यक है।
  • रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल कार्यक्रम (Defence Technology and Trade Initiative-DTTI) के तहत रक्षा व्यापार के क्षेत्र में निष्पादित की जाने वाले प्राथमिकता पहलों की पहचान की गई।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने भारत को अपना लोकतांत्रिक मित्र बताते हुए आतंकवाद से अमेरिका तथा भारत के लोगों की सुरक्षा किये जाने की बात कही और भारत को पाकिस्तान प्रायोजित तथा अन्य प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करने में समर्थन देने का आश्वासन दिया।
  • भारत और अमेरिका की तीनों सेनाओं के बीच नवंबर 2019 में ‘टाइगर ट्राइंफ (Tiger Triumph) नामक युध्दाभ्यास का आयोजन किया गया जो अब वार्षिक रूप से आयोजित किया जाएगा।

क्या है ‘टू प्लस टू वार्ता?

  • टू प्लस टू वार्ता एक ऐसी मंत्रिस्तरीय वार्ता होती है जो दो देशों के दो मंत्रालयों के मध्य आयोजित की जाती है।
  • भारत और अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू वार्ता दोनों देशों के मध्य एक उच्चतम स्तर का संस्थागत तंत्र है जो भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के लिये मंच प्रदान करता है।
  • भारत और अमेरिका के बीच आयोजित यह दूसरी ‘टू प्लस टू वार्ता है तथा अमेरिका में आयोजित पहली ‘टू प्लस टू वार्ता है।

भारत को लाभ:

भारत और अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू वार्ता के आयोजन से भारत को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे-

  • भारत और अमेरिका के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक एवं रणनीतिक सहयोग से हिंद महासागर में बढ़ते चीन के सैन्य प्रभुत्त्व को प्रतिसंतुलित करने में भारत सक्षम होगा।
  • भारत और अमेरिका के बीच संपन्न ‘इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एनेक्स के माध्यम से भारत के रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में अड़चनें समाप्त होंगी जिससे भारतीय सेनाओं के पास हथियार एवं अन्य सैन्य उपकरणों के भंडार में वृद्धि होगी जो कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद तथा पड़ोसी देशों की अस्थिर गतिविधियों से भारत की रक्षा करने के लिये अत्यंत आवश्यक है।
  • इस समझौते के माध्यम से रक्षा एवं उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापार तथा तकनीकी सहयोग को और भी सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

अमेरिका द्वारा आतंकवाद की समाप्ति के लिये भारत का समर्थन किये जाने से भारत में सीमा पार आतंकवाद में कमी आएगी।

गोवा मुक्ति दिवस

समाचार में क्यों?

19 दिसंबर, 2019 को गोवा ने अपना 58वाँ मुक्ति दिवस मनाया यह भारत के स्वतंत्र होने के 14 वर्ष बाद तक पुर्तगालियों के अधीन रहा।

पृष्ठभूमि :

  • पुर्तगालियों ने वर्ष 1510 में भारत के कई हिस्सों पर अपना उपनिवेश स्थापित किया परंतु 19वीं शताब्दी के अंत तक भारत में पुर्तगाली उपनिवेश गोवा, दमन, दीव, दादरा, नगर हवेली और अंजेडिवा द्वीप तक ही सीमित रहा।
  • गोवा मुक्ति आंदोलन ने पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने की मांग की यह आंदोलन छोटे पैमाने पर एक विद्रोह के साथ शुरू हुआ लेकिन वर्ष 1940 से 1960 के बीच यह अपने चरम पर पहुँच गया।
  • वर्ष 1961 में भारत द्वारा गोवा के अधिग्रहण के बाद ही यह आंदोलन समाप्त हुआ।
  • राजनयिक प्रयासों की विफलता के बाद भारतीय नौसेना, वायु सेना और सेना द्वारा गोवा में ‘ऑपरेशन विजय’ चलाकर 19 दिसंबर,1961 को यह राज्य पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया
  • पुर्तगालियों से मुक्त करने के बाद इसे दमन और दीव के साथ मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया।
  • 30 मई, 1987 में गोवा को पूर्ण राज्य तथा दमन और दीव को केंद्रशासित प्रदेश का दर्ज़ा दिया गया।

नदियाँ:

  • गोवा के उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है जो गोवा को महाराष्ट्र से अलग करती है राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में मांडवी, जुआरी, चपोरा, साल आदि हैं।

प्रमुख उद्योग:

  • गोवा को बायोटेक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है
  • मछली पालन यहाँ का प्रमुख उद्योग है तथा यहाँ की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार पर्यटन है।

मुख्य भाषा :

  • यहाँ की मुख्य भाषाएँ कोंकणी (राजभाषा) तथा मराठी है
  • यह राज्य कोंकण रेलवे के माध्यम से मुंबई तथा मंगलुरु से जुड़ा हुआ है तथा यह मुंबई उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • गांधी नागरिकता शिक्षा पुरस्कार :
  • हाल ही में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय समिति की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने गांधी नागरिकता शिक्षा पुरस्कार (Gandhi Citizenship Education Prize) की स्थापना की घोषणा की है।

पृष्ठभूमि :

  • 150 वीं जयंती मनाने के लिये वर्ष 2018 में दो समितियों का गठन किया गया था।

राष्ट्रीय समिति (National Committee- NC):

  • इस समिति के अध्यक्ष भारत के राष्ट्रपति हैं तथा इसमें उप-राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, राजनीतिक स्पेक्ट्रम के प्रतिनिधि, गांधीवादी विचारक और सभी क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल हैं।
  • इसके अलावा एंटोनियो कोस्टा के साथ-साथ, तुलसी गबार्ड, डेसमंड टूटू, बर्नी मेयर (अमेरिकी गांधी के रूप में जाने जाते हैं), योशीरो मोरी (जापान के पूर्व प्रधानमंत्री), कोफी अन्नान सहित अन्य विदेशी गणमान्य व्यक्ति इस समिति के सदस्य हैं।

कार्यकारी समिति (Executive Committee- EC)-

  • इस समिति के अध्यक्ष भारत के प्रधान मंत्री हैं यह समिति महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में नीतियों पर विचार करने तथा दिशा-निर्देश देने के लिए गठित की गई है।

 

नवीनतम समाचार

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow