Online Portal Download Mobile App English ACE +91 9415011892 / 9415011893

डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

भारत अमेरिका की ‘करेंसी मैनिपुलेटर’ देशों की निगरानी सूची में शामिल

G.S. Paper-II

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिकी ट्रेजरी (U.S. Treasury) विभाग नेस्विटजरलैंड और वियतनाम को करेंसी के साथ छेड़छाड़ करने वाला देश बताया है और उन्हेकरेंसी मैनिपुलेटरकी सूची में रखा है। इसके साथ ही भारत, ताइवान और थाइलैंड को निगरानी सूची (Monitoring List) में रखा गया है।

पृष्ठभूमि-

  • अमेरिकी का ट्रेजरी विभाग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और विनिमय दर नीति की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर करेंसी मेनिपुलेटर्स देशों की पहचान करता है।
  • यूएस ट्रेजरी ने स्विटजरलैंड और वियतनाम द्वारा में डॉलर के मुकाबले अपनी करेंसी का अवमूल्यन करने की आशंका के चलते, दोनों देशों को’ करेंसी मैनिपुलेटर’ की सूची में रखा है।
  • अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने वियतनाम पर ‘अनुचित प्रतिस्पर्धी लाभ’ लेने का आरोप लगाया है।
  • अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की इस निगरानी सूची में भारत, चीन, ताइवान के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, इटली, सिंगापुर, थाइलैंड और मलेशिया शामिल हैं।
  • ट्रेजरी विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2020 से पहले की चार तिमाहियों में अमेरिका के चार प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों-भारत, वियतनाम, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर ने लगातार अपने विदेशी मुद्रा विनिमिय बाजार में दखल दिया है।

करेंसी मैनिपुलेटर का क्या अर्थ है?

  • अमेरिकी के ट्रेजरी विभाग द्वाराउन देशों को करेंसी मैनिपुलेटर कहा जाता है, जोअनुचित मुद्रा प्रथाओंको अपनाकर डॉलर के मुकाबले अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करते हैं।
  • समान्यतः कोई देश अपनी मुद्रा के मूल्य को कृत्रिम रूप से कम करने की ऐसी अनुचित प्रथाओं का उपयोग दूसरे देश की तुलना में लाभ प्राप्त करने के लिए करता है।
  • मुद्रा का अवमूल्यन उस देश से निर्यात की लागत को कम करता है और परिणामस्वरूप कृत्रिम रूप से व्यापार घाटे में कमी होने लगती है।

क्या होता है अवमूल्यन (Devaluation)?

  • अर्थशास्त्र में अवमूल्यन का तात्पर्य अन्य मुद्राओं के संबंध में किसी एक मुद्रा के मूल्य में कमी करने से होता है। अवमूल्यन में किसी देश के द्वारा अन्य मुद्राओं या मुद्राओं के समूह के समतुल्य अपनी मुद्रा के मूल्य को कृत्रिम तरीके से कम कर दिया जाता है।उदाहरण के लिए यदि डॉलर की तुलना में रुपए का अवमूल्यन किया गया तो आपको डॉलर खरीदने के लिए अत्यधिक रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
  • किसी देश के द्वारा अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करने से मुख्यतः 3 लाभ होते हैं
  1. इससे आयात महंगे हो जाते हैं क्योंकि घरेलू मुद्रा के मूल्य में कमी से अब आयात पर घरेलू मुद्रा में ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इससे विदेशी वस्तुओं का आयात हतोत्साहित होता है जिससे घरेलू उद्योगों को संरक्षण मिलता है।
  2. इससे किसी देश के निर्यात अन्य देशों में सस्ते हो जाते हैं क्योंकि विदेशी आयातको को अब पहले की तुलना में कम भुगतान करना होता है। इससे किसी देश के निर्यात की मांग बढ़ती है जिससे घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।
  3. किसी भी देश के द्वारा अपनी मुद्रा के अवमूल्यन से उसका भुगतान संतुलन अनुकूल होता है क्योंकि इससे देश के भीतर जहां एक ओर आयातो में कमी आती है तो वहीं दूसरी ओर निर्यात में वृद्धि होती है।

करेंसी मेनिपुलेटर देशों की पहचान के मापदंड-

  • कोई भी अर्थव्यवस्था जो 2015 के व्यापार सुविधा और व्यापार प्रवर्तन अधिनियम के अंतर्गत निम्नलिखित तीन मानदंडों में से दो को पूरा करता है उसे अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की इस निगरानी सूची में रखा जाता है-
  1. उस देश का अमेरिका के साथ पिछले 12 माह के दौरान द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष (trade surplus) कम से कम 20 अरब डॉलर का रहा हो;
  2. पिछले 12 माह के दौरान उस देश की जीडीपी का 2 फीसदी से ज्यादा चालू खाता अधिशेष रहा हो;
  3. 12 महीने की अवधि में उस देश की जीडीपी का 2 फीसदी से ज्यादा विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद हो।

भारत को निगरानी सूची में रखने का कारण-

  • भारत का कई वर्षों से लगातार अमेरिका के साथ द्विपक्षीय माल व्यापार अधिशेष को बना हुआ है, जो अब $20 बिलियन का आंकड़ा भी पार कर चुका है। जून 2020 के पहले की चार तिमाहियों में द्विपक्षीय माल व्यापार अधिशेष $22 बिलियन था।
  • केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत की विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद में 2019 की दूसरी छमाही में तेजी आई है। महामारी की शुरुआत के दौरान विदेशी मुद्रा की बिक्री के बाद, भारत ने 2020 की पहली छमाही के दौरान शुद्ध खरीद को बनाए रखा।
  • जून के पहले की चार तिमाही के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद $64 बिलियन रही, जोकि जीडीपी का4% से अधिक से भी अधिक है। इस प्रकार भारत अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के निर्धारित तीन मापदंडो में से 2 को पूरा करता है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

CMS-01 उपग्रह

  • यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा PSLV-C50 के साथ प्रक्षेपित किया जाने वाला एकसंचार उपग्रह है।
  • CMS-01 को फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम के विस्तारित सी बैंड में सेवाएं प्रदान करने के लिए परिकल्पित किया गया है।
  • इसरो के अनुसार, यह भारतीय मुख्य भूमि, और अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह को कवर करेगा।
  • इस उपग्रह की कार्य-आयु सात वर्ष से अधिक होने की उम्मीद है।
  • CMS-01 भारत का 42 वां संचार उपग्रह है और PSLV का 52 वां मिशन है।

 

नवीनतम समाचार

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow