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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र समझौता

G.S. Paper-III

संदर्भ:

पूर्वोत्तर राज्य असम में ऐतिहासिक बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (Bodoland Territorial Region–BTR) समझौते की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है।

वर्तमान में, बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट (Bodoland Territorial Area Districts- BTAD) असम के चार जिलों, कोकराझार, चिरांग, बाक्सा और उदलगुड़ी में विस्तृत है।

हस्ताक्षरित समझौते का अवलोकन:

  1. BTRसमझौते के अनुसार, वर्तमान में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्रीय जिलों (BTAD) से बाहर स्थित उन बोडो बाहुल्य गाँवों को इस क्षेत्र में शामिल किया जाएगा तथा गैर-बोडो आबादी को इस क्षेत्र से बाहर रखा जाएगा।
  2. समझौते में कहा गया है कि ‘नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड’ (National Democratic Front of Boroland- NDFB) गुटों के सदस्यों के खिलाफ “गैर-जघन्य” अपराधों के लिए दर्ज आपराधिक मामलों को असम सरकार द्वारा वापस ले लिया जाएगा और इन मामलों की समीक्षा की जाएगी।
  3. बोडो आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को 5 लाख रुपए मुआवज़े के रूप में दिये जाएंगे।
  4. बोडो क्षेत्रों के विकास हेतु विशिष्ट परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1,500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज़ जारी किया जाएगा।
  5. BTAD में नए क्षेत्रों को शामिल करने तथा बाहर करने के संबंध में एक समिति द्वारा निर्णय किया जाएगा।

महत्व:

BTR समझौते पर हस्ताक्षर करने के पश्चात 50 वर्षों से जारी बोडो संकट समाप्त हो गया है

  1. NDFB (P), NDFB (RD) और NDFB (S) के लगभग 1500 कैडरों का केंद्र और असम सरकार द्वारा पुनर्वासन किया जाएगा। इस प्रकार, इनके लिए अब मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।
  2. समझौते के बाद, NDFB गुट हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करेंगे साथ ही समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक माह के भीतर ये लोग अपने सशस्त्र संगठनों की सभी गतिविधियों को समाप्त करेंगे।

‘बोडो’ कौन हैं?

  1. बोडो (Bodos), असम में सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय है, तथा इनकी जनसँख्या राज्य की कुल आबादी में 5-6 प्रतिशत से अधिक है। अतीत में, इनका असम के एक विशाल भू-भाग पर नियंत्रण था।
  2. बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट ( BTAD) के अंतर्गत आने वाले असम के चार जिले- कोकराझार, चिरांग, बाक्सा और उदलगुड़ी – कई जातीय समूहों का वास-स्थान है।

बोडोलैंड विवाद:

  1. वर्ष 1966-67 में ‘असम मैदानी जनजातीय परिषद्’ (Plains Tribals Council of Assam-PTCA)’नामक राजनीतिक संगठन के माध्यम से पहली बार एक पृथक बोडोलैंड राज्य की मांग की गयी थी।
  2. वर्ष 1987 में ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन (All Bodo Students Union-ABSU) ने एक बार फिर से पृथक बोडोलैंड की मांग तेज़ की तथा ABSU के तत्कालीन अध्यक्ष उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा द्वारा असम राज्य को दो बराबर हिस्सों में बाँटने (Divide Assam fifty-fifty) की मांग की गई।
  3. वर्ष 1979-85 में ‘असमिया लोगों की सुरक्षा तथा उनके हितों की रक्षा के लिये’ हुए ‘असम आंदोलन’ की परिणति ‘असम समझौते’ के रूप में हुई थी। इसके बाद बोडो समुदाय के लोगों ने भी अपनी संस्कृति और पहचान बचाने के लिये फिर से आंदोलन शुरू कर दिया था।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन

  1. हाल ही में, डीआरडीओ द्वारा स्वदेश में निर्मित स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन (SAAW) का ओडिशा तट से कुछ दूर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के हॉक-I विमान के जरिए, सफल ‘कैप्टिव एंड रिलीज’ उड़ान परीक्षण किया।
  2. स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन एक 125 किलोग्राम श्रेणी का स्मार्ट हथियार है जो कि स्थल पर शत्रु की एयरफील्ड सम्पत्तियों जैसे रेडार, बंकर, टैक्सी ट्रैक और रनवे को 100 किलोमीटर की दूरी से निशाना बना सकता है।

 

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