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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

बिनियोग विधेयक 2020-21

समाचार में क्यों?

लोकसभा ने विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को मंज़ूरी देने के साथ ही वर्ष 2020-21 के लिये भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से सरकार को राशि की निकासी का अधिकार देने वाले विनियोग विधेयक 2020-21 (Appropriation Bill 2020-21) को पारित कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • इस विधेयक में सरकार को उसके कामकाज और कार्यक्रमों तथा योजनाओं को अमल में लाने के लिये भारत की संचित निधि से 110 लाख करोड़ रुपए निकालने हेतु अधिकृत करने का प्रावधान है।
  • अब अगले चरण में वित्त विधेयक पर चर्चा करके उसे मंज़ूरी दी जाएगी। वित्त विधेयक में कर प्रस्तावों का ब्योरा होता है।
  • COVID-19 के चलते सत्र स्थगन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि 3 अप्रैल की अपनी निर्धारित तिथि से पहले सत्र में कटौती की कोई योजना नहीं है।
  • विनियोग विधेयक के पारित होने के साथ ही वर्ष 2020-21 के बजट को पारित करने की दो-तिहाई प्रक्रिया पूरी हो गई है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को पेश किये गए बजट पर लोकसभा और राज्यसभा ने बजट के प्रावधानों पर मौजूदा सत्र के पहले चरण में चर्चा की। सत्र के दूसरे हिस्से में लोकसभा ने विनियोग विधेयक को पारित किया है।
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न मंत्रालयों के लिये अनुदान मांगों को मंजूरी देने हेतु सदन में ‘गिलोटिन(Guillotine) का रास्ता अपनाया।

गिलोटिन

  • अलग अलग मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिये संसद के पास समय नहीं होता है।
  • ऐसे में कुछ ही मंत्रालयों के खर्च या अनुदान मांगों को पहले से निर्धारित समय पर चर्चा के लिये रखा जाता है।
  • इसके पूरा होने के बाद अन्य मंत्रालयों की अनुदान मांगों को एक साथ रखकर इसे पारित कराया जाता है जिसे गिलोटिन कहते हैं।
  • लोकसभा में रेलवे, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
  • पर्यटन क्षेत्र पर COVID-19 के प्रभाव के बारे में भी चर्चा की गई और केंद्र सरकार से अन्य देशों की तरह राहत पैकेज प्रदान करने का आग्रह किया गया।

विनियोग विधेयक:

  • संवैधानिक प्रावधान के अंतर्गत संसद द्वारा कानून अधिनियमित किये बिना भारत की संचित निधि से कोई धन आहरित नहीं किया जा सकता।
  • इसका अनुपालन करते हुए लोकसभा द्वारा संचित निधि पर भारित व्यय के साथ-साथ मतदान किये जाने वाले अनुदानों की सभी मांगों को सम्मिलित करने वाले विधेयक को लोकसभा में पुर:स्थापित किया जाता है।
  • इस विधेयक को विनियोग विधेयक के रूप में जाना जाता है।
  • इसके नाम के अनुसार इस विधेयक का प्रयोजन सरकार को संचित निधि से किये जाने वाले व्यय का विनियोजन करने हेतु विधिक प्राधिकार प्रदान करना है।

भारत की संचित निधि:

  • इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 266 में किया गया है।
  • भारत सरकार को प्राप्त होने वाला सारा धन (कर से प्राप्त राजस्व तथा ऋण उधार से प्राप्त होने वाला राजस्व) इसी में जमा होता है।
  • संसद द्वारा विनियोग विधेयक या अनुपूरक अनुदान संबंधी विधेयक पारित करने पर ही इस निधि से धनराशि निकाली जा सकती है।
  • संवैधानिक पदाधिकारी के वेतन-भत्ते इस निधि से दिये जाते हैं। ऐसे व्यय को भारित व्यय कहा जाता है, जिसके संबंध में लोकसभा में मतदान होता है।

एक्सोमार्स मिशन

हाल ही में यूरोप में Covid-19 के कारण उत्पन्न हुई महामारी जैसी स्थिति की वजह से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency-ESA) ने जुलाई 2020 में मंगल ग्रह पर भेजे जाने वाले एक्सोमार्स मिशन को वर्ष 2022 तक विलंबित/स्थगित करने की घोषणा की है।

मुख्य बिंदु:

  • पूर्ववर्ती योजना के अनुसार, एक्सोमार्स (ExoMars)मिशन के दूसरे चरण के तहत एक रोवर (Rover) को जुलाई 2020 में मंगल ग्रह के लिये प्रक्षेपित किया जाना था।
  • एक्सोमार्स (ExoMars)मिशन को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency-ESA) और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘राॅसकाॅसमाॅस स्टेट कॉर्प’ (Roscosmos State Corp) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
  • ESA के अनुसार, यूरोप मेंCOVID-19 से उत्पन्न हुई महामारी जैसी स्थिति के कारण अंतरिक्ष एजेंसी और सहयोगी औद्योगिक निर्माता संस्थानों के बीच यातायात बाधित होने से इस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।
  • ध्यातव्य है कियूरोप के कई देशों जैसे- इटली, फ्राँस आदि में COVID-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 1000 से अधिक हो गई है।
  • वर्तमान में इस मिशन के लिये आवश्यक कई प्रयोगों को पूरा नहीं किया जा सका है, इनमें मुख्य पैराशूट और कुछ अन्य साॅफ्टवेयर से संबंधित हैं।
  • ESA की योजना के अनुसार, इस मिशन के अंतर्गतरॉसलिंड फ्रेंक्लिन (Rosalind Franklin) नामक एक रोवर (Rover) को मंगल ग्रह की सतह पर उतारा जाएगा।
  • गौरतलब है कि इस मिशन का प्रक्षेपण पहले वर्ष 2018 में किया जाना प्रस्तावित था परंतु बाद में इसे बदलकर जुलाई 2020 कर दिया गया था।
  • वर्तमान अनुमान के अनुसार, अब इस मिशन को अगस्त-अक्तूबर 2022 के बीच प्रक्षेपित किया जाएगा जब पृथ्वी और मंगल एक बार पुनः एक सीध में होंगे। यह खगोलीय घटना 26 माह में सिर्फ एक बार होती है।
  • इस योजना के तहत रोवर अप्रैल-जुलाई 2023 के बीच मंगल की सतह पर पहुँचेगा।

एक्सोमार्स (ExoMars) मिशन:

  • एक्सोमार्स (ExoMars)मिशन को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency-ESA) और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी राॅसकाॅसमाॅस स्टेट कॉर्प (Roscosmos State Corp) के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • इस मिशन के दो भाग हैं, मिशन के पहले हिस्से में वर्ष 2016 में ‘ट्रेस गैस ऑर्बिटर स्पेसक्राफ्ट’ (Trace Gas Orbiter spacecraft) को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था।
  • ट्रेस गैस ऑर्बिटर स्पेसक्राफ्ट का उद्देश्य मंगल ग्रह के वातावरण मेंमीथेन (CH4), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), एसीटिलीन (C2H2) और जलवाष्प का पता लगाना था।

 

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