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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

बायो-गैस

G.S. Paper-III

चर्चा में क्यों?

वर्ष 2023-24 तक भारत सरकार की 5,000 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र (compressed bio-gas plants) स्थापित करने की योजना है।

प्रमुख बिन्दु-

  1. इन संपीड़ित बायोगैस संयंत्र में बांस और कृषि क्षेत्र के अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया जाएगा।
  2. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि भारत में वर्ष 2023-24 तक जैव और फसल अपशिष्ट से गैस बनाने वाले 5,000 संपीड़ित बायो-गैस संयंत्रों की स्थापना पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।
  3. इंडिया बैंबू फोरम (India Bamboo Forum – IBF) के मुताबिक, भारत सरकार बांस मूल्य श्रृंखला(bamboo value chain) के सभी अंशधारकों (यथा- किसान, हार्वेस्टर और उद्यमी आदि) के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकें।

बायो-गैस-

  1. यह गैस का वह मिश्रण है जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैविक सामग्री के विघटन से उत्पन्न होती है। इसका मुख्य घटक मीथेन है, जो ज्वलनशील है जिसे जलाने पर ताप और ऊर्जा मिलती है।
  2. बायोगैस का उत्पादन एक जैव-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा होता है, जिसके तहत कुछ विशेष प्रकार के बैक्टीरिया जैविक कचरे को उपयोगी बायोगैस में बदलते है। इस गैस को जैविक गैस या बायोगैस इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका उत्पादन जैविक प्रक्रिया (बायोलॉजिकल प्रॉसेस) द्वारा होता है।
  3. यह गैस विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रें में खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए उर्जा की आपूर्ति को पूरा करती है। साथ ही बायोगैस तकनीक अवायवीय पाचन (Anaerobic digestion) के बाद उच्च गुणवत्ता वाली खाद प्रदान करती है जो कि सामान्य उर्वरक की तुलना से बहुत अच्छी होती है।

संपीड़ित बायो-गैस (सीबीजी)-

बांस और किसी भी कृषि अपशिष्ट से बायो-मास से संपीड़ित बायो-गैस (सीबीजी) उत्पन्न करने की प्रक्रिया दो-चरणों वाली प्रक्रिया है जिसमें अपशिष्ट पर एक विशेष जीवाणुयुक्त घोल डाला जाता है, और जिससे एक गैस उत्पन्न होती है, जिसे तब साफ कर संपीड़ित कर वाहन ईंधन के रूप में तैयार किया जाता है।

लाभ-

  1. बांस और किसी भी कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा में परिवर्तित करने के कई लाभ हैं।
  2. इससे किसानों को लाभ होगा जो काफी मात्र में कृषि अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं।
  3. शहरों में भी अपशिष्ट प्रबंधन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
  4. इस प्रकार के संयंत्रों से जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में सहायता मिलेगी।
  5. संपीड़ित बायो-गैस (सीबीजी) के उत्पादन से प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
  6. बांस और किसी भी कृषि अपशिष्ट से संपीड़ित बायो-गैस (सीबीजी) के उत्पादन करने से बांस के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।

राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम (NBMMP)-

राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम (National Biogas and Manure Management Programme -NBMMP),एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जो मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र के घरों के लिए परिवार प्रकार के बायोगैस संयंत्रों (Family Type Biogas Plants) की स्थापना पर ज़ोर देती है।

एसएटीएटी पहल-

  1. भारत सरकार द्वारा 1 अक्टूबर, 2018 को एसएटीएटी (सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन) पहल की शुरुआत की गई थी।
  2. इस पहल के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 5000 संपीड़ित बायो-गैस (सीबीजी) संयंत्रों की स्थापना की जाएगी ताकि परिवहन क्षेत्र के लिए सीबीजी के रूप में एक वैकल्पिक और सस्ते स्वच्छ व ईंधन के तौर पर उत्पादन और इसकी उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

बुकर पुरस्कार 2020

  • स्कॉटिश लेखक डगलस स्टुअर्ट को उनके पहले और प्रसिद्ध उपन्यासशग्गी बैन (Shuggie Bain) के लिए वर्ष 2020 के बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शग्गी बैन’ की कहानी इनके गृहनगर ग्लासगो की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
  • बुकर पुरस्कार अंग्रेजी भाषा का अग्रणी साहित्यिक पुरस्कार है।
  • यह पुरस्कार, अंग्रेजी भाषा की अथवा अंग्रेजी में अनुवादित तथा यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित किसी एक पुस्तक के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

 

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