Online Portal Download Mobile App English ACE +91 9415011892 / 9415011893

डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

फ्रांस द्वारा चीन के ‘उइघुर दमन’ की आलोचना

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-यवेस ले द्रियां (Jean-Yves Le Drian) ने चीनी उइघुर अल्पसंख्यक समुदाय के “संस्थागत दमन” की निंदा की है।

विवाद का विषय:

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिनजियांग प्रांत में अवैध नजरबन्दी शिविरों का बड़ा नेटवर्क है, जिसमे कम से कम दस लाख उइगर और अन्य तुर्क-भाषी मुस्लिम अल्पसंख्यक कैद हैं। चीन द्वारा इन शिविरों को उग्रवाद से निपटने हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बताया जाता है।

श्री ले द्रियां ने शिनजियांग को, वर्ष 2020 के दौरान हुए ‘मानवाधिकारों के महत्वपूर्ण दमन’ के कई उदाहरणों में से एक बताया।

उइगर कौन हैं?

उइगर, चीन के उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में निवास करने वाले अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय हैं। शिनजियांग प्रांत में इनकी जनसंख्या तकरीबन 40 प्रतिशत है।

उइगर, चीन की तुलना में तुर्की तथा अन्य मध्य एशियाई देशों से करीबी नृजातीय संबंधों का दावा करते हैं।

चीन उइगरों को क्यों निशाना बना रहा है?

शिनजियांग तकनीकी रूप से चीन का एक स्वायत्त क्षेत्र है। शिनजियांग, चीन का सबसे बड़ा क्षेत्र है तथा खनिजों से समृद्ध है इसके साथ ही इस प्रांत की सीमायें भारत, पाकिस्तान, रूस और अफगानिस्तान सहित आठ देशों के साथ मिलती है।

  1. पिछले कुछ दशकों में, शिनजियांग प्रांत आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ है, इसके साथ ही बड़ी संख्या में बहुसंख्यक ‘हान चीनी’ (Han Chinese)इस क्षेत्र में आकर बस गए तथा बेहतर नौकरियों पर कब्जा कर लिया है। हान चीनीयों ने उइगरों के लिए आजीविका तथा पहचान के लिए संकट उत्पन्न कर दिया है।
  2. इन्ही कारणों से, छिटपुट हिंसा की शुरुआत हुई तथा वर्ष 2009 में शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी में 200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर हान चीनी थे। तब से कई अन्य हिंसक घटनाएं हुई हैं।
  3. बीजिंग का कहना है कि उइगर समुदाय एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करना चाहता हैऔर, उइगरों के तुर्की तथा अन्य मध्य एशियाई देशों से सांस्कृतिक संबंधों के कारण, चीनी नेताओं को डर है कि पाकिस्तान जैसी जगहों से संचालित होने वाले उग्रवादी तत्व शिनजियांग में अलगाववादी आंदोलन को प्रोत्साहन व सहयोग दे सकते हैं।

इसलिए, चीन की नीति पूरे समुदाय को संदिग्ध मानने तथा उइगरों की अलग पहचान को समाप्त करने हेतु एक व्यवस्थित परियोजना के आरम्भ करने की प्रतीत होती है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन

(National Urban Digital Mission – NUDM)

  1. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है।
  2. शहरों और नगरों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए पीपुल्स, प्रोसेस और प्लेटफॉर्म जैसे तीन स्तंभों पर काम करते हुए शहरी भारत के लिए साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा विकसित करेगा।
  3. यह मिशन वर्ष 2022 तक 2022 शहरों और 2024 तक भारत के सभी शहरों और नगरों में शहरी शासन और सेवा वितरण के लिए नागरिक केन्द्रित और इकोसिस्टम द्वारा संचालित दृष्टिकोण को साकार करने का काम करेगा।
  4. इस मिशन के तहत, फरवरी 2019 में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए नेशनल अर्बन इनोवेशन स्टैक (एनयूआईएस) की रणनीति और दृष्टिकोण आधारित प्रौद्योगिकी डिजाइन सिद्धांतों का अनुसरण किया है।

 

नवीनतम समाचार

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow