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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना

G.S. Paper-II

संदर्भ-

तीसरा जन औषधि दिवस समारोह 1 मार्च 2021 को शुरू हुआ, यह 7 मार्च तक चलेगा. इस समारोह में जन औषधि केंद्रों पर स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया जा रहा है. स्वास्थ्य जांच गतिविधियों में शुगर लेवल चेक-अप, ब्लड प्रेशर चेक-अप, मुफ्त डॉक्टर परामर्श और मुफ्त दवा वितरण शामिल हैं.

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना-

  1. प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग द्वारा आरम्भ की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य PMBJP केन्द्रों के माध्यम से जन-सामान्य को सस्ती किन्तु गुणवत्ता युक्त औषधियाँ मुहैया करना है.
  2. ज्ञातव्य है कि जेनरिक दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए इस योजना के अन्दर कई वितरण केंद्र बनाए गए हैं जिन्हें प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र कहते हैं. विदित हो कि जेनेरिक दवाएँ उतनी ही गुणवत्तायुक्त और कारगर हैं जितनी ब्रांड की गई महँगी दवाइयाँ. साथ ही इनके दाम इन महँगी दवाइयों की तुलना में बहुत कम होते हैं.
  3. भारतीय फार्मा लोक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ब्यूरो (Bureau of Pharma PSUs of India – BPPI) इस योजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी बनाई गई है. इसकी स्थापना केंद्र सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग ने की है.

जन औषधि केन्द्रों की भूमिका-

  1. देश में अधिक से अधिक चिकित्सक जेनरिक दवाएँ लिखने लगे हैं. उधर 652 जिलों में 5,050 जन औषधि बाजार खुल गये हैं, इसलिए उच्च गुणों वाली सस्ती जेनेरिक दवाओं को उपलब्ध कराना और उनके बारे में जागरूकता उत्पन्न करना आवश्यक हो गया है. इन केन्द्रों से प्रतिदिन 10-15 लाख लाभान्वित हो रहे हैं. पिछले तीन वर्षों में जेनरिक दवाओं की बाजार में खपत 2% से बढ़कर 7% अर्थात् तिगुनी हो गई है.
  2. जन औषधि दवाओं के चलते जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त रोगियों का खर्च अच्छा-ख़ासा घट गया है. ये दवाइयाँ बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती होती है. बताया जाता है कि PMBJP योजना के कारण जनसाधारण को 1,000 करोड़ रू. की बचत हुई.
  3. इस योजना के कारण नियमित आय से युक्त स्वरोजगार के अवसर बढ़ गये हैं.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

हिमालयी सेरो

  • हाल ही में असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार बकरी और मृग से मिलते-जुलते एक हिमालयी स्तनपायी सेरो (Serow) को देखा गया है.
  • हिमालयन सीरो बकरी, गधा, गाय और सुअर की प्रजाति का एक मिला जुला रूप है. यह प्रजाति सामान्यतः हिमालय क्षेत्र में 2,000 से 4,000 मीटर की ऊँचाई पर पायी जाती है.

 

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