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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

G.S. Paper-III

संदर्भ:

हाल ही में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana– PMFBY) के लिए पांच साल पूरे हो गए।

PMFBY के बारे में:

  1. 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत की गयी थी।
  2. इस योजना में, पूर्ववर्ती राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) का विलय कर दिया गया।
  3. इस योजना उद्देश्य किसानों पर प्रीमियम का बोझ कम करना और पूर्ण बीमित राशि के लिए फसल बीमा दावे का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करना है।

योजना का विस्तार-क्षेत्र :

इस योजना में, सभी खाद्य और तिलहन फसलों और वार्षिक वाणिज्यिक / बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, जिसके लिए पिछले उपज के आंकड़े उपलब्ध है और  जिनके लिए, सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण (General Crop Estimation Survey- GCES) के तहत फसल कटाई प्रयोगों (Crop Cutting Experiments- CCEs) का अपेक्षित संख्या संचालन किया जा रहा है।

PMFBY से PMFBY 2.0:

पूर्णतया स्वैच्छिक: वर्ष 2020 के खरीफ सीजन से सभी किसानों हेतु नामांकन के लिए शत प्रतिशत स्वैच्छिक बनाने का निर्णय लिया गया है।

सीमित केंद्रीय सब्सिडी: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस योजना के तहत गैर-सिंचित क्षेत्रों/फसलों के लिये बीमा किस्त की दरों पर केंद्र सरकार की हिस्सेदारी को 30% और सिंचित क्षेत्रों/फसलों के लिये 25% तक सीमित करने का निर्णय लिया गया है।

राज्यों के लिये अधिक स्वायत्तता: केंद्र सरकार द्वारा राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने के लिये व्यापक छूट प्रदान की गयी है और साथ ही उन्हें बुवाई, स्थानिक आपदा, फसल के दौरान मौसम प्रतिकूलता, और फसल के बाद के नुकसान आदि किसी भी अतिरिक्त जोखिम कवर/ सुविधाओं का चयन करने का विकल्प भी दिया गया है।

निर्णय में देरी होने पर दंड: संशोधित PMFBY में, एक प्रावधान शामिल किया गया है जिसमें राज्यों द्वारा खरीफ सीजन के लिए 31 मार्च से पहले और रबी सीजन के लिए 30 सितंबर से पहले अपना हिस्सा जारी नहीं करने पर, उन्हें बाद के फसल सीजनों में योजना के तहत भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आईसीई गतिविधियों में निवेश: अब इस योजना के तहत बीमा कंपनियों द्वारा एकत्र किये गए कुल प्रीमियम का 0.5% सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य किया गया है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

खादी प्राकृतिक पेंट

यह खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विकसित यह गाय के गोबर से निर्मित भारत का पहला पेंट है।

  1. यह एक पर्यावरण के अनुकूल, गैर विषाक्त पेंट है,
  2. यह अपनी तरह का पहला उत्पाद है, जिसमें एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण समाहित हैं।
  3. इस पेंट में मुख्य घटक के रूप में गाय के गोबर का उपयोग किया गया है, यह लागत प्रभावी और गंधहीन है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस पेंट को प्रमाणित किया गया है।

इस पेंट में शीशा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम जैसी अन्य कोई भी भारी धातु नहीं है।

 

 

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