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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

पीएसएलवी की 50वीं उड़ान: पीएसएलवी-C48

समाचार में क्यों?

11 दिसंबर, 2019 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान-इसरो (Indian Space Research Organisation-ISRO) ने PSLV-C48 रॉकेट की मदद से रीसैट-2BR1 (RISAT-2BR1) नामक सैटेलाइट को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।

मुख्य बिंदु:

  • यह PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle-PSLV) रॉकेट द्वारा किया गया 50वाँ प्रक्षेपण था।
  • PSLV रॉकेट की 50वें लॉन्च के मौके पर इसरो द्वारा “PSLV@50” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।
  • RISAT-2BR1 के अलावा 9 अन्य वाणिज्यिक सैटेलाइटों को भी निर्धारित कक्षाओं में प्रक्षेपित किया गया जो कि इज़राइल, जापान, अमेरिका तथा इटली के थे।
  • इन सैटेलाइटों को इसरो के वाणिज्यिक निकाय (Commercial Body) न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NewSpace India Limited-NSIL) के अधीन प्रबंधित किया गया था।

रीसैट-2BR1:

  • RISAT-2BR1 एक राडार इमेजिंग सैटेलाइट है तथा इसका वजन 628 किलोग्राम है। इसका प्रयोग कृषि, वानिकी, आपदा प्रबंधन तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये किया जाएगा।
  • इस सैटेलाइट मिशन की अवधि पाँच वर्ष है।

PSLV

  • PSLV भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के तीसरी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है।
  • PSLV में ईंधन चार चरणों में होता है तथा यह भारत का पहला प्रक्षेपण यान है जिसमें तरल रॉकेट ईंधन का प्रयोग किया जाता है।
  • अभी तक के कुल प्रक्षेपणों में PSLV केवल 2 बार ही असफल रहा है। पहली बार सितंबर 1993 में अपनी पहली ही उड़ान PSLV D1 के दौरान और दूसरी बार अगस्त 2017 में PSLV C-39 की उड़ान के दौरान।
  • प्रारंभिक उड़ानों में PSLV की क्षमता मात्र 850 किलोग्राम थी, जबकि वर्तमान में इसकी क्षमता 9 टन तक बढ़ गई है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

‘शोर मंदिर:

  • मामल्लपुरम के ‘शोर मंदिर के उत्तरी किनारे को अपरदित हो रही तटरेखा का सामना करना पड़ रहा है।
  • शोर मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य के एक छोटे से शहर मामल्लपुरम में समुद्र के किनारे स्थित है।
  • इसे स्थानीय रूप से अलाइवय-के-कोविल (Alaivay-k-kovil) के नाम से जाना जाता है।
  • यह मंदिर प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले ग्रेनाइट बोल्डर पर टिका हुआ है।
  • नरसिंहवर्मन द्वितीय के शासनकाल में बनाया गया था, जिसे राजसिम्हा (पल्लव शासक) के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने 700 से 728 ई तक शासन किया था।
  • इस परिसर में तीन अलग-अलग तीर्थ हैं: दो भगवान शिव और एक विष्णु को समर्पित है।

मामल्लपुरम के बारे में:

  • मामल्लपुरम जिसे महाबलीपुरम या सेवन पैगोडा भी कहा जाता है, एक शहर है जो चेन्नई से 60 किलोमीटर दक्षिण में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर स्थित है।
  • मामल्लपुरम के स्मारक और मंदिर, जिनमें शोर मंदिर परिसर शामिल हैं, को सामूहिक रूप से वर्ष 1984 में यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल के रूप में नामित किया गया था।

पापिकोंडा नेशनल पार्क :

  • वन विभाग और केरल एवं पूर्वोत्तर राज्यों के वन विशेषज्ञों ने पापिकोंडा नेशनल पार्क में तितली की प्रजातियों का पहला सर्वेक्षण शुरू किया है।
  • यह सर्वेक्षण कार्य 12 से 15 दिसंबर तक चलेगा।
  • पापिकोंडा नेशनल पार्क आंध्र प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी ज़िलों एवं तेलंगाना के खम्मम ज़िले में 1012.86 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
  • इसे वर्ष 2008 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2016 में बर्डलाइफ इंटरनेशनल द्वारा एक ‘महत्त्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र (Important Bird and Biodiversity Area) के रूप में मान्यता दी गई थी।

 

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