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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

न्यायिक समीक्षा

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने सेंट्रल विस्टा परियोजना को एकअद्वितीयपरियोजना मानने से इंकार करते हुए कहा कि इसके लिए महत्तम अथवा अत्युक्ति पूर्ण न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता नहीं हैं।

उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी:

सर्वोच्च न्यायालय की पीठ के बहुमत सदस्यों ने कहा है कि, जब तक सरकार संवैधानिक सिद्धांतों का पालन करती है, तब तक वह अदालत के हस्तक्षेप के बगैर नीतिगत मामलों में गलतियाँ करने अथवा सफलता हासिल करने की हकदार है।

निर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में पूछताछ करना अदालत की चिंता का विषय नहीं है। न्यायिक समीक्षा का तात्पर्य सरकार के मस्तिष्क में उद्यम करना और इस प्रकार किसी निर्णय की वैधता की जांच करना नहीं है।

‘न्यायिक समीक्षा’ क्या है?

न्यायिक समीक्षा, न्यायपालिका को प्राप्त एक शक्ति है, जिसके अंतर्गत वह सरकार के विधायी तथा कार्यकारी अंगों द्वारा पारित किसी अधिनियम या आदेश से किसी प्रभावित व्यक्ति के चुनौती दिए जाने पर इन कानूनों/ आदेश की समीक्षा तथा इनकी संवैधानिकता पर निर्णय करती है।

भारत में ‘न्यायिक समीक्षा’ की स्थिति:

भारत में न्यायिक समीक्षा की शक्ति का स्रोत भारतीय संविधान है (संविधान के अनुच्छेद 13, 32, 136, 142 और 147)

  1. न्यायिक समीक्षा की शक्ति का प्रयोग संविधान के भाग-तीन में प्रदत्त मूल अधिकारों की रक्षा करने और इन्हें प्रवर्तित करने के लिए किया जाता है।
  2. संविधान के अनुच्छेद 13 में संसद और राज्य विधानसभाओं को देश के नागरिकों को प्राप्त मूल-अधिकारों को समाप्त करने अथवा इनका हनन करने वाले क़ानून बनाना निषेध किया गया है ।
  3. अनुच्छेद 13 के तहत मौलिक अधिकारों की सुरक्षा करने के प्रावधान किए गए हैं तथा इसके तहत किसी भी कानून को ‘मूल-अधिकारों के असंगत अथवा अल्पीकरण’ करने की सीमा तक अमान्य माना गया है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सागरमाला सीप्लेन सेवा

इस सेवा को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालयद्वारा शुरू किया जा रहा है।

  1. सागरमाला सीप्लेन सेवा को कुछ चुनिंदा मार्गों पर विशेष उद्देश्य वाले वाहन (Special Purpose Vehicle – SPV) संरचना के तहत संभावित एअर लाइन परिचालकों के जरिए सीप्लेन सेवा शुरू किया जाएगा।
  2. इस परियोजना को, मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली सागरमाला विकास कंपनी लिमिटेड (SDCL) के माध्यम से लागू किया जाएगा। यह कंपनी मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

 

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