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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

नेगेटिव यील्ड बॉण्ड

G.S. Paper-III

संदर्भ:

हाल ही में,चीन द्वारा पहली बार निगेटिवयील्ड ऋण (Negative Yield Debt) की बिक्री की गयी।

5-वर्षीय बॉण्ड  की कीमत -0.152%, और 10-वर्षीय और 15-वर्षीय प्रतिभूतियों की सकारात्मक लाभ सहित कीमत 0.318% और 0.664% निर्धारित की गयी।

‘नेगेटिव यील्ड बॉण्ड’ क्या है?

नेगेटिव यील्ड बॉण्ड ऐसे ऋण प्रपत्र (Debt Instruments) होते हैं, जिनके द्वारा निवेशक को बॉण्ड की परिपक्वता अवधि पर बॉण्ड के क्रय मूल्य से कम राशि प्राप्त होती है।

  1. ये केंद्रीय बैंकों अथवा सरकारों द्वारा जारी किए जा सकते है।
  2. इसमेंनिवेशकों द्वारा ऋणकर्ताओं को, अपनी राशि उनके पास रखने के लिए, ब्याज का भुगतान किया जाता है

निवेशकों द्वारा ‘नेगेटिव यील्ड बॉण्ड’ खरीदने का कारण

  1. इस प्रकार के प्रलेखों की प्रायः तनाव और अनिश्चितता की स्थिति में अधिक मांग होती है। ये निवेशकों की पूंजी में होने वाली गिरावट से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  2. मुद्रा के उतार-चढ़ाव से लेकर मुद्रा अपस्फीति जैसी स्थितियों से नेगेटिव यील्ड बॉण्ड में निवेश करने वाले सुरक्षित निकल सकते है।

बॉण्ड कीमत और प्राप्ति (यील्ड) के मध्य संबंध:

इसमें, बॉण्ड की कीमत और बॉण्ड यील्ड अथवा ब्याज के मध्य नकारात्मक संबंध होता है; अर्थात जब बॉण्ड की कीमत बढ़ती है तो बॉण्ड यील्ड घटता है।

चूंकि, नेगेटिव यील्ड बॉण्ड एक ‘फिक्स्ड रेट इन्वेस्टमेंट’ होते हैं, और यही आंशिक रूप से बॉण्ड मूल्य और बॉण्ड यील्ड के बीच व्युत्क्रम संबंधों का कारण होता है।

  1. भविष्य में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना होने पर निवेशक अपने बॉण्ड को बेच सकते हैं और बाद में ऊँची दर वाले बॉण्ड को पुनः खरीद सकते है।
  2. इसके विपरीत, बॉण्ड निवेशक भविष्य में ब्याज दरों में कमी होने की संभावना होने पर बॉण्ड खरीद सकते है।

वर्तमान में नेगेटिव यील्ड बॉण्ड की मांग के प्रमुख कारक-

  1. महामारी फैलने के बाद सेवैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में नकदी प्रवाहित की गयी है, जिससे, इक्विटी, ऋण और वस्तुओं सहित विभिन्न परिसंपत्तियों की कीमतों में वृद्धि हुई है।
  2. कई निवेशक, इक्विटी में अपने जोखिम पोर्टफोलियो का बचाव करने हेतुनकारात्मक प्राप्ति देने वाले सरकारी ऋण में अस्थायी रूप से अपनी पूंजी लगा सकते हैं।
  3. यदि कोविड-19 महामारी की ताजा लहर से अर्थव्यवस्थाओं में और अधिक मंदी आती है, तो ब्याज दरों पर नकारात्मक दबाव पड़ सकता है, जिससे यील्ड में और भी कमी आ सकती है और इससे वर्तमान में जिन निवेशकों ने नेगेटिव यील्ड बॉण्ड में निवेश किया है, उन्हें लाभ हो सकता है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सहकार प्रज्ञा

  1. प्राथमिक सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर भारत में बड़ी भूमिका निभाने में सहयोग करनेके उद्देश्य से, सरकार द्वारा देश में ऐसी संस्थाओं से जुड़े किसानों के लिए एक अभिनव क्षमता निर्माण पहल ‘सहकार प्रज्ञा’ शुरू की गयी है।
  2. इसके तहत, देश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियों में मंत्रालय के तहत स्वायत्त निकायराष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) द्वारा सहकार प्रज्ञा के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।
  3. सहकार प्रज्ञा के तहत, ज्ञान, कौशल और संगठनात्मक क्षमताओं को स्थानांतरित करने के लिएपैंतालीस प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।

 

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