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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

नवीन विकास बैंक

15th October, 2020

G.S. Paper-II (International)

संदर्भ-

नवीन विकास बैंक (New Development Bank – NDB) ने भारत में 741 मिलियन डॉलर की अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है.

नवीन विकास बैंक (NEW DEVELOPMENT BANK)-

  • इस बैंक की स्थापना2014 में ब्रिक्स के सदस्य देशों रूस, ब्राजील, भारत, दक्षिण अफ्रीका और चीन द्वारा की गई थी.
  • यह बुनियादी ढांचे और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाता है.
  • यह वैश्विक विकास को बढ़ाने के लिए, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों के प्रयासों को पूरा करने के लिए काम करता है.
  • इसका उद्देश्य ब्रिक्स एवं अन्य उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढाँचे एवं सतत विकास परियोजनाओं के लिये व्यापक संसाधन जुटाना है.
  • नवीन विकास बैंकके बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की पहली वार्षिक बैठक वर्ष 2016 में  चीन के शंघाई शहर में आयोजित की गई थी.
  • यह सार्वजनिक और निजी दोनों परियोजनाओं का समर्थन करता है. इस बैंक की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी 100 बिलियन अमरीकी डालर थी.
  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NBD) ने अब तक भारत की 14 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है जिनमें 4,183 मिलियन डॉलर की राशि निहित है. इस बैंक ने विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक के साथ रणनीतिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

2018 में NDB ने संयुक्त राष्ट्र के साथ सक्रिय और फलदायी सहयोग के लिए एक शक्तिशाली आधार स्थापित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त किया.

मतदान-

विश्व बैंक के विपरीत, जो पूंजी शेयर के आधार पर मत प्रदान करता है, नव विकास बैंक में प्रत्येक भागीदार देश को एक मत सौंपा गया है एवं किसी भी देश के पास वीटो शक्ति नहीं है.

भूमिकाएँ और कार्य –

बैंक वैश्विक प्रगति एवं विकास के लिए बहुपक्षीय और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों के मौजूदा प्रयासों के एक अनुपूरक के रूप में ब्रिक्स एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे और धारणीय विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाएगी.

ह्यूमन कॉस्ट ऑफ डिज़ास्टर्स 2000-2019’ रिपोर्ट

G.S. Paper-II (International)

संदर्भ:

हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (United Nations Office for Disaster Risk Reduction- UNISDR) द्वारा  ह्यूमन कॉस्ट ऑफ डिज़ास्टर्स 2000-2019’ (The Human Cost of Disasters 2000-2019) रिपोर्ट जारी की गयी है।

प्रमुख निष्कर्ष:

  • पिछले 20 वर्षों मेंप्राकृतिक आपदाओं के लगभग दोगुने हो जाने के लिए जलवायु परिवर्तन काफी हद तक जिम्मेदार है।
  • वर्ष 2000 और 2019 के मध्य 7,348 प्रमुख आपदा घटनाएं घटित हुईं हैं, जिससे2 बिलियन लोग प्रभावित हुए और वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग 2.97 ट्रिलियन डॉलर की क्षति हुई है।

UNISDR के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (United Nations Office for Disaster Risk Reduction– UNISDR), को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 1999 में स्थापित किया गया था।

  • इसका उद्देश्य आपदा न्यूनीकरण हेतु अंतर्राष्ट्रीय रणनीति के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है।

कार्य:

  • UNISDR को 18 मार्च, 2015 को सेंदाई, जापान में आयोजित आपदा जोखिम में कमी को लेकर तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन में अपनाया गया था।
  • संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (UNISDR), आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर सेंदाई फ्रेमवर्क के कार्यान्वयन, फॉलो-अप और समीक्षा करने में सहयोग करता है।

सेंदाई फ्रेमवर्क द्वारा निर्धारित की गयी चार प्राथमिकताओं पर UNISDR-

  1. आपदा जोखिम का अध्ययन
  2. आपदा जोखिम प्रबंधन हेतु आपदा जोखिम प्रबंधन में सुधार करना
  3. लचीलेपन हेतु आपदा जोखिम में कमी के लिये निवेश करना
  4. प्रभावी प्रतिक्रिया के लिये आपदा-रोधी तैयारी को बढ़ावा देना तथा पुनः प्राप्ति, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण में बेहतर निर्माण पर बल देना

सेंदाई फ्रेमवर्क के बारे में:

जापान के सेंदाई में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर तीसरा संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन जून 2015 में आयोजित किया गया था। इस सम्मलेन में आपदा न्यूनीकरण के लिये सेंदाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework for Disaster Risk Reduction) 2015-30’ को अपनाया गया था।

  • यह वर्ष 2015 के विकास एजेंडे के बाद होने वाला पहला बड़ा समझौता है, जिसमें सात लक्ष्य और कार्रवाई के लिए चार प्राथमिकताएं निर्धारित की गयी हैं।
  • इसकी संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा तीसरे ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण विश्व सम्मेलन’ (UN World Conference on Disaster Risk Reduction– WCDRR) 2015 पश्चात् अभिपुष्टि की गयी थी।

बाँस के चावल

G.S. Paper-III (Environment)

संदर्भ-

हाल ही में त्रिपुरा राज्य ने बाँस के पेड़ों में फूलों से प्राप्त चावल की विशेष किस्म बाँस के चावल (Bamboo rice) का अनावरण किया है.

प्रमुख बिन्दु-

  • त्रिपुरा (Tripura) में बाँस के चावल का (Bamboo rice) का उत्पादन किया गया है. इसे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव देव (Biplab deb) ने अनावृत किया है. इसके साथ ही उन्होंने इस बाँस के चावल खाने से स्वास्थ्य को मिलने वाले लाभ भी बताए हैं.
  • त्रिपुरा में बाँस की प्रचुर मात्रा है और इसलिए यहाँ के लोग बाँस का उपयोग कर विभिन्न तरह से आमदनी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. अतीत में त्रिपुरा में बाँस के बिस्कुट, बांस की बोतलें आदि भी बनाई गयी हैं.

बाँस का चावल-

  • त्रिपुरा के इस ‘बैम्बू राईस’ (Bamboo rice) को बाँस के फूलों को गलाकर बनाया जाता है. यह मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और वसा के खिलाफ बहुत मददगार है.
  • विदित हो कि ऐसा चावल पिछली बार 1979 मेंचंडकदम्पाड़ा वन्यजीव श्रयणी में उगाया गया था.
  • बाँस का चावल एक शताब्दी में दो-तीन ही बार फलता है.
  • जब कोई बाँस मरता है तो इसकी फुनगी से यह विरल चावल निकलता है.
  • आमतौर पर त्रिपुरा में मुली बाँस को उगाया जाता है, इससे प्राप्त होने वाला बैम्बू राईस मीठा एवं गेहूं के सामान स्वाद वाला होता है.
  • वर्तमान में, त्रिपुरा 3,246 वर्ग किलोमीटर के जंगलों और नियोजित वानिकी क्षेत्र में बाँस की 21 प्रजातियां उगाता है.

‘बैम्बू राईस’ के लाभ-

  • त्रिपुरा के इस विशेष चावल में उच्च प्रोटीन, जोड़ों के दर्द और मधुमेह विरोधी लाभ होने का दावा किया जा रहा है. बैम्बू राईस में सामान्‍य चावल और गेहूं की तुलना में काफी अधिक प्रोटीन होता है.
  • यह चावल प्रतिरक्षा/इम्युनिटी बढ़ाने में भी फायदेमंद है.
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा कि बाँस का यह फूल-चावल आर्थिक रूप से लाभदायक उत्पाद होगा और लोग इसके साथ आत्मनिर्भर बन सकते हैं. उन्होंने उद्यमियों से इस विशेष किस्म के चावल की मार्केटिंग में पहल करने की अपील की है.

बैंबू कुकीज-

  • ‘बैम्बू राईस’ (Bamboo rice) के पूर्व त्रिपुरा बैंबू कुकीज को भी लॉन्च कर चुका है. ये कुकीज बाँस के पेड़ की शाखाओं को दरदरा करके और प्रोसेसिंग के पश्चात् बनाई जाती हैं.
  • बाँस से निर्मित कुकीज की माँग ज्यादातर पूर्वोत्तर भारत, नेपाल, थाईलैंड, म्यांमार, बंग्लादेश, जापान, चीन और ताइवान जैसे देशों में की जाती है.
  • बाँस से निर्मित कुकीज में कैलोरी की मात्रा अल्प होती है. यह डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में भी सहायता करती हैं.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

त्वरित कार्यवाई बल (रैपिड एक्शन फ़ोर्स)

  • यह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक विशेष अनुभाग है।
  • इसका गठन अक्टूबर 1992 में किया गया था।
  • कार्य: दंगों अथवा दंगे जैसे हालातों से निपटना, भीड़ नियंत्रण, बचाव और राहत अभियान, एवं संबंधित कार्य।
  • इसका आदर्श वाक्य “संवेदनशील पुलिसिंग के साथ मानवता की सेवा” है।

 

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