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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में समुद्रों की सम्भावना

G.S. Paper-III

संदर्भ-

  • धरातल के 70% भाग पर समुद्र फैले हुए हैं और इस प्रकार येविश्व के सबसे बड़े सौर ऊर्जा के संग्राहक हैं.
  • समुद्र से दो प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है तापीय ऊर्जा (सूर्य के ताप से) और यांत्रिक ऊर्जा (ज्वारों और तरंगों से). ये ऊर्जाएँ प्रदूषणकारी नहीं हैं और साथ ही विश्वसनीय एवं बहुत पूर्वानुमेय हैं.
  • ज्वार ऊर्जा : ज्वार ऊर्जा को वैकल्पिक ऊर्जा का एक अच्छा साधन माना जाता है. इसमें समुद्र के ज्वार और भाटा का लाभ उठाकर बिजली उत्पन्न की जाती है.
  • समुद्री तरंग ऊर्जा : इसमें समुद्र की तरंगों की शक्ति का उपयोग कर बिजली बनाई जाती है. समुद्र की सतह पर पानी का अनुदैर्घ्य संचलन होता है. तरंग ऊर्जा के लिए इसी संचलन का उपयोग किया जाता है.
  • समुद्री तापीय ऊर्जा : गहरे समुद्र की तुलना में उसकी बाहरी सतह सूरज की धूप से अधिक गर्म होती है. इस प्रकार दोनों में तापान्तर देखा जाता है. इसी तापान्तर से तापीय ऊर्जा बनती है.
  • समुद्री धारा ऊर्जा : इस ऊर्जा को उत्पन्न करने के लिए समुद्र के अन्दर टर्बाइन लगा दिए जाते हैं जो समुद्री धरातल से जुड़े हुए होते हैं.
  • ओस्मोटिक ऊर्जा : यह ऊर्जा लवण जल भंडार एवं मृदु जल भंडार के बीच में एक मेम्ब्रेन डालकर जल की गति से उत्पन्न की जाती है.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय

  • वर्ष 2010 में स्थापित, भारत में स्थित यह एक अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है।
  • इसे दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के आठ सदस्य देशों द्वारा प्रायोजित किया जाता है।
  • दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAU) द्वारा प्रदान किए गए डिग्री और प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों / संस्थानों द्वारा दिए गए संबंधित डिग्री और प्रमाणपत्र के समान दर्जा रखते हैं।

 

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