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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

नल्लामाला वनों में यूरेनियम खनन पर रोक

17th September

समाचार में क्यों?

तेलंगाना विधानसभा ने नल्लामाला (Nallamala) वनों में यूरेनियम खनन रोकने के लिये प्रस्ताव पारित किया है।

यूरेनियम खनन के प्रभाव :

  • यूरेनियम खनन के कारण नल्लामाला वनों की समृद्ध जैव विविधता को गंभीर खतरा हो सकता है।
  • नल्लामाला की पहाड़ियाँ और घाटियाँ कृष्णा नदी के जलग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। यूरेनियम खनन से कृष्णा नदी के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ता साथ ही पानी में यूरेनियम का निक्षालन होने के प्रभावस्वरूप समुद्री और स्थलीय जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
  • इस क्षेत्र में चेन्चू आदिवासी निवास करते हैं खनन गतिविधियों से उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।

चेन्चू जनजाति (Chenchu Tribe)

  • चेन्चू जनजाति तेलंगाना के साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा में भी पाई जाती है। यह जनजाति अभी भी जीवनयापन के लिये केवल शिकार पर ही निर्भर हैं, यह कृषि कार्य नहीं करती है।
  • चेन्चू जनजाति चेन्चू भाषा बोलती है, जो द्रविड़ परिवार की एक उपभाषा है।
  • इन वनों में समृद्ध औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं और यहाँ बाघ, तेंदुआ, भालू तथा चित्तीदार हिरण आदि जीव निवास करते हैं।
  • अमराबाद टाइगर रिजर्व में यूरेनियम खनन हेतु दो ब्लॉकों की पहचान की गई थी लेकिन गैर-सरकारी संगठनों, पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों द्वारा खनन कार्य का लगातार विरोध किया जा रहा है। इस प्रकार के खनन से पौधों और जीवों के साथ-साथ कृषि, वायु तथा पीने के पानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।

यूरेनियम खनन की आवश्यकता :

  • भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती विकास दर के साथ ही ऊर्जा आवश्यकताएँ भी तेजी से बढ़ रही हैं इसी के परिप्रेक्ष्य में ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये यूरेनियम खनन पर जोर दिया जा रहा है।
  • कोयले के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन की अपेक्षा यूरेनियम द्वारा उत्पादित ऊर्जा की लागत कम होती है, साथ ही कोयले की तुलना में यूरेनियम की क्षमता भी अधिक होती है।
  • कार्बन मुक्त अर्थव्यवस्था में यूरेनियम द्वारा उत्पादित ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण स्थान है, इसलिये सरकार के द्वारा यूरेनियम खनन का प्रयास किया जा रहा है।
  • विदेशों से यूरेनियम के आयात पर बड़ी मात्रा में धन खर्च होता है, इसके आयात समझौतों के साथ और भी कई प्रकार के समझौते (जैसे नागरिक परमाणु करार) करने होते हैं, जिसका भारत की भू-राजनीतिक नीतियों पर भी प्रभाव पड़ता है, इसलिये सरकार स्थानीय स्तर पर यूरेनियम खनन को बढ़ावा दे रही है।

यूरेनियम खनन के विकल्प :

  • सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है।
  • भू-तापीय ऊर्जा की भारत में अपार संभावनाएँ है इसलिये इसके प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिये।
  • यूरेनियम खनन के लिये मानवीय निवास से दूर और पर्यावरण की दृष्टि से कम महत्त्वपूर्ण स्थलों का चयन किया जाए।

अमराबाद टाइगर रिजर्व (Amrabad Tiger Reserve) : अमराबाद टाइगर रिजर्व, तेलंगाना के महबूबनगर और नलगोंडा जिलों में 2,800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। अमराबाद टाइगर रिजर्व पहले नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व का हिस्सा था,

लेकिन आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व के उत्तरी भाग को तेलंगाना राज्य में अमराबाद टाइगर रिजर्व नाम से सम्मिलित कर दिया गया।

 


 

Topic:  For prelims and mains:

SITMEX :

समाचार में क्यों?

भारतीय नौसेना (IN) सिंगापुर गणराज्य नौसेना (RSN) और रॉयल थाईलैंड नौसेना (RTN) के बीच पहला त्रिपक्षीय अभ्यास 16 सितंबर, 2019 से पोर्टब्लेयर में शुरु हो गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • पाँच दिवसीय इस अभ्यास का लक्ष्य सिंगापुर, थाईलैंड और भारत के बीच समुद्री अंतर-संबंध को मजबूती प्रदान करना तथा क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
  • इस अभ्यास से तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास मजबूत होगा।

इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं:

  • RSN टिनेसिएस (RSN Tenaciou) एक दुर्जेय श्रेणी का मिसाइल गाइडेड स्टील्थ युद्धपोत
  • थाईलैंड का शाही नौसैनिक पोत (His Majesty’s Thailand Ship) क्राबुरी (Kraburi)

  • भारतीय नौसेना का जहाज रणवीर-एक निर्देशित मिसाइल विध्वंसक (aguided-missile destroyer)
  • कोरा, एक मिसाइल युद्धपोत ¼missile corvette½]
  • सुकन्या, एक अपतटीय गश्ती पोत ¼offshore patrol vessel½
  • लंबी दूरी का समुद्री टोही एयरक्राफ्ट P8I
  • इस अभ्यास का आयोजन दो चरणों- बंदरगाह चरण और समुद्री चरण में किया जाएगा।
  • बंदरगाह चरण में पेशेवर बातचीत, आधिकारिक वार्ता, सामाजिक कार्यक्रम और विभिन्न खेल गतिविधियाँ आयोजित करने जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
  • समुद्री चरण में सभी के लिये समुद्रों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने हेतु दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-सक्रियता बढ़ाने और अपने कौशल का विकास करने जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य सिंगापुर, थाईलैंड और भारत के बीच समुद्री अंतर-संबंध (अंतर-संचालन के मामले में) को मजबूत करना है और इस क्षेत्र में समग्र समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान देना है।
  • तीनों देशों के बीच इस तरह के पहले अभ्यास से सहकारिता को सुदृढ़ करने के अलावा मजबूत संबंधों के पोषण के लिये नौसेनाओं को एक साथ आने का अवसर मिलेगा।
  • इसके अलावा भारत और थाइलैंड के मध्य 16 सिंतबर से 29 सितंबर, 2019 तक मेघालय के उमरोई में मैत्री, 2019 नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन भी किया जा रहा है।
  • IMBEX,भारत और सिंगापुर के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।

 

प्रीलिम्स के लिए तथ्य :

लीप और अर्पित, कार्यक्रम 2019 :

  • 16 सितंबर, 2019 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नई दिल्ली में पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग (Pandit Madan Mohan Malviya National Mission on Teachers and Teaching-PMMMNMTT) के तहत लीप और अर्पित, कार्यक्रम 2019 को लॉन्च किया।

 

 

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