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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

धार्मिक स्वतंत्रता

3rd October 2019

समाचार में क्यों?         

कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने धार्मिक त्योहारों या समारोहों के लिये सड़कों और फुटपाथों पर अस्थायी संरचनाओं के निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

महत्वपुर्ण तथ्यः

  • कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 (article 25) सभी व्यक्तियों को अंतःकरण की स्वतंत्रता एवं धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान अधिकार प्रदान करता है, लेकिन त्योहारों व उत्सव के लिये सार्वजनिक सड़क तथा फुटपाथ पर व्यक्ति को अतिक्रमण करने की अनुमति प्रदान नहीं करता है।
  • खंडपीठ ने कहा कि कर्नाटक नगर निगम अधिनियम, 1976 की धारा 288 (2) के तहत नगरपालिका प्राधिकरण धार्मिक त्योहारों को मनाने सहित किसी भी उद्देश्य के लिये अस्थायी रूप से सार्वजनिक सड़कों या फुटपाथों का उपयोग करने की अनुमति नहीं दे सकता है।
  • कर्नाटक बेंच का यह आदेश सभी धर्मों और समुदायों के धार्मिक त्योहारों तथा कार्यों पर लागू होगा।
  • प्राधिकृत अधिकारियों को परिसर, सड़क और फुटपाथों का निरीक्षण करना चाहिये तथा यातायात विभाग से एक रिपोर्ट भी लेनी चाहिये जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिनियम की धारा 288 (2) के तहत अस्थायी संरचनाओं की अनुमति देने से यातायात में रुकावट उत्पन्न न हो।

कर्नाटक नगर निगम अधिनियम, 1976 की धारा 288:

  • कर्नाटक नगर निगम अधिनियम की धारा 288 नगर निगम आयुक्त को अस्थायी सरंचनाओं के निर्माण हेतु अधिकार प्रदान करती है।
  • धारा 288 (2) नगर निगम आयुक्त को सड़क पर अस्थायी संरचनाओं के निर्माण हेतु लाइसेंस प्रदान करने की शक्ति देती है।

हैदराबाद के निजाम के धन पर फैसला

समाचार में क्यों?

हाल ही में इंग्लैंड और वेल्स के उच्च न्यायालय ने विभाजन के बाद हैदराबाद के तत्कालीन निजाम के धन को लेकर भारत और निजाम के उत्तराधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है।

  • न्यायालय ने लंदन के एक बैंक खाते में जमा हैदराबाद के निजाम से संबंधित निधियों के इस मामले में पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया (जो कि 1948 से पहले का है)

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • यह मामला 16 सितंबर, 1948 को पाकिस्तान के उच्चायुक्त के खाते में निजाम के दूत और विदेश मंत्री द्वारा (लंदन में) लगभग 35 मिलियन पाउंड (लगभग 306 करोड़ रूपए) की राशि के हस्तांतरण से संबंधित है।
  • हैदराबाद के सशस्त्र बलों ने पहले ही एक सैन्य अभियान (अभियान पोलो) के बाद 17 सितंबर, 1948 को भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
  • आत्मसमर्पण के बाद हैदराबाद रियासत के अंतिम निजाम उस्मान अली खान ने नेशनल वेस्टमिंस्टर बैंक को एक संदेश भेजा और धन को अपने खाते में वापस करने की मांग की। लेकिन उस समय पाकिस्तान ने भी इस धनराशि पर दावा किया था।
  • इसलिये पाकिस्तान द्वारा धन हस्तांतरित करने के लिये बैंक के खिलाफ वर्ष 2013 में यह मामला दर्ज किया गया था।

भारत में हैदराबाद रियासत का एकीकरण:

  • हैदराबाद निजामों द्वारा शासित, भारत की सबसे बड़ी देशी रियासतों में से एक था। इस रियासत ने ब्रिटिश संप्रभुता को स्वीकार किया था।
  • जूनागढ़ के नवाब की तरह हैदराबाद के निजाम और कश्मीर के शासक आजादी की तारीख तक यानी 15 अगस्त, 1947 को भारत में सम्मिलित नहीं हुए थे।
  • हैदराबाद रियासत को पाकिस्तान और मुस्लिम मूल के लोगों द्वारा एक स्वतंत्र शक्ति के रूप में बने रहने और एकीकरण का विरोध करने के लिये अपने सशस्त्र बलों में सुधार करने हेतु प्रोत्साहित किया गया था।
  • इस सैन्य सुधार के दौरान हैदराबाद राज्य में अराजकता उत्पन्न हुई, जिसके कारण 13 सितंबर, 1948 को आपरेशन पोलो (हैदराबाद के भारत संघ में प्रवेश करने के लिये सैन्य अभियान) के तहत भारतीय सेना को हैदराबाद भेजा गया क्योंकि हैदराबाद में कानून और व्यवस्था की अराजक स्थिति ने दक्षिण भारत की शांति को खतरे में डाल दिया।
  • एकीकरण के बाद निजाम को भारत में रहने वाले अन्य राजकुमारों की तरह ही राज्य के प्रमुख के रूप में बनाए रखा गया था।
  • निजाम द्वारा संयुक्त राष्ट्र में की गई शिकायतों और पाकिस्तान तथा अन्य देशों की तीखी आलोचना के बावजूद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे को समाप्त करते हुए हैदराबाद के भारत संघ में समाहित किये जाने वाले फैसले का समर्थन किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

महात्मा को श्रद्धांजलि – युवा छात्रों ने दो गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएः

  • महात्मा गांधी को उनकी 150 वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि में, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के छात्रों ने कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं।
  • पहला विश्व रिकॉर्ड world एक स्थान पर छात्रों की सबसे बड़ी संख्या के लिए पर्यावरणीय स्थिरता पाठों ’की श्रेणी में था। इस विश्व रिकॉर्ड में पांच हजार के करीब बच्चों ने भाग लिया।
  • दूसरा रिकॉर्ड। सौर लैंप की विधानसभा और प्रकाश व्यवस्था की सबसे बड़ी संख्या ’से संबंधित है। इस रिकॉर्ड में भाग लेने वालों की संख्या पांच हजार से अधिक है।

 

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