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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में ‘चिंताजनक स्थिति वाले देश

G.S. Paper-II

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका ने धार्मिक आजादी के जानबूझकर व अहंकार स्वरुप उल्लंघन के आरोप मेंपाकिस्तान चीन कोचिंताजनक स्थिति वाले देश‘ (Countries of Particular Concern) के रूप में नामित किया है।

धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में ‘चिंताजनक स्थिति वाले देश’ (Countries of Particular Concern) की सुची में शामिल देशों के बारे में-

  • अमेरिका के विदेशी मामलों के प्रमुख माइक पोम्पिओ के अनुसारम्यांमार, इरिट्रिया, ईरान, नाइजीरिया, उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ पाकिस्तान और चीन को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन करने के मामलोंचिंताजनक स्थिति वाले देशोंकी सूची में रखा गया है।
  • गौरतलब है कि अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन की सूची में नाइजीरिया को पहली बार शामिल किया है।
  • कोमोरोस, क्यूबा, निकारागुआ और रूस को एक विशेष निगरानी सूची (Special Watch List) में रखा है इन देशों में भी या तो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया जा रहा है या यहाँ के लोगों द्वारा धार्मिक उल्लंघन को बर्दाश्त किया जा रहा है।
  • इसके अतिरिक्तअलशबाब, अलकायदा, बोको हरम, हयात तहरीर अलशाम, हूथी, आईएसआईएस, आईएसआईएसग्रेटर सहारा, आईएसआईएसपश्चिम अफ्रीका, जमात नस्र अलइस्लाम वाल मुस्लिमिन और तालिबान को इंटरनेशनल धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहतविशेष रूप से चिंताजनक इकाइयों‘ (Entities of Particular Concern) के रूप में नामित किया गया है।
  • सूडान और उजबेकिस्तान को पिछले साल उनकी सरकारों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण और ठोस प्रगति के आधार पर विशेष निगरानी सूची से हटा दिया गया है।

धार्मिक आधार पर राज्यों के इस वर्गीकरण का आधार-

  • अमेरिका का विदेश विभाग 1998 के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत धार्मिक आधार पर देशों और संगठनों को चिन्हित करने का कार्य करता है।
  • इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अमेरिका ने संयुक्त राज्य अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (United States Commission on International Religious Freedom ) का गठन किया है।
  • इस आयोग द्वारा वार्षिक रूप सेअंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट, जारी की जाती है, जिसके आधार अमेरिका का विदेश विभाग धार्मिक आधार पर देशों और संगठनों का वर्गीकरण करता है।
  • अमेरिकी के इस कानून के अनुसार धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन के लिए जिन देशों को नामित किया जाता है उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता के सन्दर्भ में सुधार करने की जरूरत है।
  • यदि ये देश धार्मिक उल्लंघन के मामलों में पर्याप्त कार्यवाही नहीं करते हैं तो इन देशों को मिलने वाली अमेरिकी सहायता में कटौती की जा सकती है और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन इन प्रतिबंधों को किसी भी समय हटा सकता है।

अंतरराष्‍ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF)-

  • USCIRF संयुक्त राज्य अमेरिका का एक स्वतंत्र संघीय आयोग है इसका गठन 1998 के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) द्वारा किया गया है।
  • यह आयोग विश्व भर में धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता के सार्वभौमिक अधिकार की निगरानी करता है।
  • USCIRF वैश्विक स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन की निगरानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों का उपयोग करता है, और अमेरिकी सरकार को नीतिगत सिफारिशें करता है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

वधावन बंदरगाह परियोजना

चर्चा का कारण-

महाराष्ट्र के दहानू (Dahanu) में ग्रामीणों द्वारा वधावन बंदरगाह परियोजना पर आपत्ति की जा रही है। इनका कहना ​​है कि इस परियोजना से पर्यावरण और उनकी आजीविका पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा

वधावन बंदरगाह भारत का 13 वाँ प्रमुख बंदरगाह होगा।

  1. इस बंदरगाह को ‘सभी मौसम में सभी प्रकार के कार्गो’ के लिए सैटेलाइट बंदरगाह के रूप में निर्मित किया जा रहा है, जिससे गहरे पानी वाले जहाजों और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  2. वधावन बंदरगाह परियोजना, केंद्र सरकार की सागरमाला पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद में भारतीय बंदरगाहों के योगदान को बढ़ावा देना है।
  3. इस बंदरगाह को एक समर्पित सड़क और रेल सेवा से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात में भीड़-भाड़ या कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
  4. इसे ‘लैंडलार्ड’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

 

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