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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

तकनीकी मंदी

G.S. Paper-III

चर्चा में क्यों?

जुलाई-सितंबर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.5% की गिरावट देखी गयी है। इससे पहले की तिमाही में भी अर्थव्यवस्था में 23.9% की गिरावट हुयी थी। लगातार दो तिमाही में गिरावट के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था अब तकनीकी मंदी में प्रवेश कर गयी है।

जुलाई-सितंबर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े आकड़ें-

  1. जारी महामारी के चलते सरकार द्वारा मार्च में लगाए गए सख्त लॉकडाउन को से छूट देने के बावजूद भी लगातार दूसरी तिमाही में भी अर्थव्यवस्था में गिरावट का दौर जारी है।
  2. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गये नवीनतम आंकड़ों में उद्योग क्षेत्र, सेवा क्षेत्र की तुलना में अधिक तेजी से बेहतर हो रहा है।
  3. विनिर्माण क्षेत्र में जुलाई-सितंबर तिमाही में6% की वृद्धि हुई है, जबकि इससे पहले की तिमाही में रिकार्ड 39% की गिरावट हुई थी।
  4. इसके अलावा कृषि क्षेत्र मे4% की वृद्धि और सेवा क्षेत्र में 15.6% की गिरावट हुई है।
  5. बुनियादी क्षेत्र के आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन इस बार अक्टूबर महीने में पिछले साल की तुलना में5 प्रतिशत घट गया। यह लगातार आठवां महीना है, जब इन क्षेत्रों का उत्पादन कम हुआ है।
  6. उत्पादन में गिरावट का मुख्य कारण खनिज तेल, गैस, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद और इस्पात उद्योग के उत्पादन में कमी आना है।
  7. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2019 में इन आठ क्षेत्रों के उत्पादन में5 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

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क्या है तकनीकी मंदी (Technical Recession)?

  1. जब आर्थिक क्रियाओं में महत्वपूर्ण संकुचन होता है तो ऐसे स्थिति को मंदी की स्थिति कहते हैं।
  2. अर्थशास्त्र में तकनीकी मंदी भी एक प्रकार की मंदी की स्थिति है। इस शब्द का प्रयोग तब करते हैं जब किसी देश की अर्थव्यवस्था में लगातार दो तिमाही तक संकुचन हो रहा हो।
  3. आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दो तिमाहियों में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट आए तो इसे तकनीकी मंदी कहा जाता है।
  4. ‘तकनीकी मंदी’ और ‘मंदी’ के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह है। तकनीकी मंदी शब्द मुख्य रूप से जीडीपी में प्रवृत्ति को पकड़ने के लिए उपयोग किया जाता है।वहीं मंदी आर्थिक गतिविधियों में एक व्यापक गिरावट को संदर्भित करती है, जिसमें कई आर्थिक कारक जैसे रोजगार, घरेलू और कॉर्पोरेट आय, उपभोग व्यय आदि शामिल होते हैं।
  5. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी मंदी में रोजगार और उपभोग व्यय को शामिल किया जाना चाहिए।
  6. तकनीकी मंदी की एक अन्य प्रमुख विशेषता यह है कि यह समान्यतः किसी घटना विशेष के कारण उत्पन्न होती है, वर्तमान में तकनीकी मंदी का कारण कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के क लिए लगाया गया सख्त लॉकडाउन है।

क्या है सकल घरेलू उत्पाद (GDP)?

  1. जीडीपी किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे जरूरी पैमाना है।सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) किसी भी अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का अंतिम मौद्रिक मूल्य है। भारत में जीडीपी की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही आधार पर होती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये उत्पादन या सेवाएं देश के भीतर ही होनी चाहिए।
  2. भारत में कृषि, उद्योग और सर्विसेज यानी सेवा तीन प्रमुख घटक हैं जिनमें उत्पादन बढ़ने या घटने के औसत के आधार पर जीडीपी की गणना दर तय होती है।ये आंकड़ा देश की आर्थिक तरक्की का संकेत देता है। आसान शब्दों में, अगर जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा है तो आर्थिक विकास दर बढ़ी है और अगर ये पिछले तिमाही के मुकाबले कम है तो देश की माली हालत में गिरावट का रुख है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

बुकर पुरस्कार 2020

  • स्कॉटिश लेखक डगलस स्टुअर्ट को उनके पहले और प्रसिद्ध उपन्यासशग्गी बैन (Shuggie Bain) के लिए वर्ष 2020 के बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शग्गी बैन’ की कहानी इनके गृहनगर ग्लासगो की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
  • बुकर पुरस्कार अंग्रेजी भाषा का अग्रणी साहित्यिक पुरस्कार है।
  • यह पुरस्कार, अंग्रेजी भाषा की अथवा अंग्रेजी में अनुवादित तथा यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित किसी एक पुस्तक के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

 

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