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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

ड्रेक पैसेज

समाचार में क्यों?

25 दिसंबर, 2019 को चार देशों के 6 रोअर्स (Rowers) ने पहली बार में बिना किसी सहायता के ड्रेक पैसेज (Drake Passage) को पार किया है।

मुख्य बिंदु:

  • इन रोवर्स ने ड्रेक पैसेज को पार करने में 12 दिन, 1 घंटे और 45 मिनट का समय लगाया जो कि पहला पूर्णतः मानव शक्ति संचालित सफल अभियान था।
  • गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Guinness World Records-GWR) के अनुसार, रोअर्स द्वारा इस पैसेज को पार करने में लगे आधिकारिक समय की पुष्टि GWR के महासागरीय नौकायन सलाहकारों (Ocean Rowing Consultants) और महासागरीय नौकायन सोसायटी (Ocean Rowing Society) द्वारा की गई।
  • इस अभियान को ‘द इम्पॉसिबल रो (The Impossible Row) नाम दिया गया था, जिसके लिये यह समूह 13 दिसंबर को चिली के केप हॉर्न (Cape Horn) से रवाना हुआ और 25 दिसंबर को अंटार्कटिक प्रायद्वीप (Antarctic Peninsula) के सैन मार्टिन लैंड (San Martin Land) पर स्थित प्रिमेवेरा बेस (Primavera Base) पर पहुँचा।

ड्रेक पैसेज की भौगोलिक अवस्थिति:

  • यह पैसेज दक्षिण अमेरिका के दक्षिणतम बिंदु केप हॉर्न (Cape Horn) तथा पश्चिमी अंटार्कटिक प्रायद्वीप के मध्य स्थित है।
  • यह पूर्व में अटलांटिक महासागर तथा पश्चिम में प्रशांत महासागर को आपस में जोड़ता है।
  • इस मार्ग की औसत गहराई लगभग 11,000 फीट है, इस पैसेज की गहराई उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं के निकट 15,600 फीट से अधिक है।
  • इस पैसेज का नामकरण ‘सर फ्रांसिस ड्रेक (Sir Francis Drake) के नाम पर किया गया था, जो कि नाव द्वारा दुनिया की परिक्रमा करने वाले प्रथम अंग्रेज थे।

ड्रेक पैसेज क्यों है जोखिमयुक्त?

  • ड्रेक पैसेज को दुनिया के सबसे जोखिमयुक्त जलमार्गों में से एक माना जाता है क्योंकि यहाँ दक्षिण दिशा से ठंडा समुद्री जलधाराएँ और उत्तर से गर्म समुद्री जलधाराएँ आपस में टकराकर शक्तिशाली समुद्री जलावर्तों का निर्माण करती हैं।
  • जब इस क्षेत्र में तेज़ हवाएँ या तूफानों की उत्पत्ति होती है, तो इस पैसेज में नौकायन करने वाले नाविकों के लिये यह स्थिति खतरनाक सिद्ध हो सकती है।
  • यह दक्षिणी महासागर में स्थित सबसे संकीर्ण पैसेज है तथा यह दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी सिरे और पश्चिम अंटार्कटिक प्रायद्वीप के उत्तरी सिरे के बीच लगभग 800 किमी. तक फैला हुआ है।
  • नासा ने भी इस पैसेज के जल को अशांत, अप्रत्याशित और हिमखंडों एवं समुद्री बर्फ के रूप में वर्णित किया है।

नर्स और मिडवाइफ वर्ष

समाचार में क्यों?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष 2020 को “नर्स और मिडवाइफ वर्ष” के रूप में नामित किया है।

  • नर्स और मिडवाइफ वर्ष की घोषणा सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिये नर्सिंग और मिडवाइफ से संबंधित संस्थाओं को मज़बूत करने में मदद करेगी।
  • नर्सिंग को मजबूत करने से सतत् विकास लक्ष्यों (विशेष रूप से एसडीजी-3,5,8) को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
  • विश्व के कई देशों में स्वास्थ्य कर्मचारियों का 50% नर्स और मिडवाइफ हैं।
  • एसडीजी-3 (SDG-3) – सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना।
  • एसडीजी-5 (SDG-5)- लैंगिक समानता की स्थिति प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना।
  • एसडीजी-8 (SDG-8)- सभी के लिये निरंतर समावेशी और सतत् आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोज़गार तथा बेहतर कार्य को बढ़ावा देना।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की यह घोषणा ‘The NursingNow!’ अभियान का समर्थन करती है।
  • The NursingNow! एक तीन साल (2018-2020) का अभियान है जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर स्वास्थ्य में सुधार करने के लिये नर्सिंग की स्थिति को सुदृढ़ करना है।

फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale):

  • फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक ब्रिटिश नर्स, सांख्यिकीविद् और समाज सुधारक थीं जिन्हें ‘आधुनिक नर्सिंग का संस्थापक के रूप में भी जाना जाता है।
  • उनका जन्म 12 मई, 1820 को इटली के फ्लोरेंस में हुआ था।
  • उन्होंने और उनकी नर्सों की टीम ने क्रीमियन युद्ध के दौरान ब्रिटिश बेस अस्पताल में विषम परिस्थितियों में घायलों की देखभाल की जिससे काफी संख्या में सैनिकों को मरने से बचाया जा सका।
  • इनके लेखन से विश्व भर में स्वास्थ्य देखभाल में सुधार को प्रोत्साहन मिला।
  • वह घायलों की सहायता रात में करती थीं, इसलिये इन्हें ‘लेडी विद द लैंप’ के रूप में जाना जाता था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

मांडू उत्सव :

  • मध्य प्रदेश के मांडू शहर में 28 दिसंबर, 2019 से 1 जनवरी, 2020 तक मांडू महोत्सव के पहले संस्करण का आयोजन किया गया।

मुख्य बिंदु:

  • मांडू उत्सव का आयोजन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा किया गया।
  • इसका उद्देश्य मांडू शहर की मिश्रित ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को आधुनिक जीवंतता प्रदान करना है।
  • मांडू उत्सव “खोजने में खो जाओ (Khojne Me Kho Jao) के विचार पर आधारित था।

 

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