Online Portal Download Mobile App हिंदी ACE +91 9415011892 / 9415011893

Daily Current Affairs – 2020

Topic: For Prelims and Mains

टाइफून गोनी

3rd November, 2020

G.S. Paper-I

संदर्भ:

हाल ही में, फिलिपींस में एक शक्तिशाली टाइफून गोनी (Typhoon Goni) ने दस्तक दी है, इसे टाइफून रॉली (Rolly) भी कहा जा रहा है। राजधानी मनीला सहित टाइफून के रास्ते में पड़ने वाले स्थानों से करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

हरिकेन, टाइफून और चक्रवात: में अंतर-

ये सभी उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के प्रकार होते हैं। इन्हें अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

  1. उत्तरी अटलांटिक महासागर और पूर्वोत्तर प्रशांत महासागर में उत्पन्न इन चक्रवातों कोहरिकेन (Hurricanes) कहा जाता है।
  2. उत्तर पश्चिमी प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाले इसी प्रकार के चक्रवातों कोटाइफून (Typhoon) के रूप में जाना जाता है।
  3. दक्षिण प्रशांत और हिंद महासागर में इन्हेंचक्रवात (Cyclone) कहा जाता है, जो इस प्रकार की वायुमंडलीय गतिविधियों के लिए सही शब्द है।

चक्रवातों की उत्पत्ति-

  1. उष्ण सागरीय जल के संपर्क में आने पर वायु गर्म होकर तीव्रता से ऊपर उठती है।
  2. जैसे ही वायु ठंडी होती है, इसे सागरीय सतह से उपर उठने वाली गर्म हवा द्वारा दूसरी ओर धकेल दिया जाता है।
  3. यह प्रक्रिया तीव्र हवाओं का कारण बनती है। सागर के ऊपर निर्मित उष्णकटिबंधीय चक्रवात से विशाल लहरों उत्पन्न होती है।
  4. जब ये लहरें भूमि पर पहुँचती हैं, जो तटीय क्षेत्रों में भयावह बाढ़ का कारण बन जाती है।
  5. स्थल पर तीव्र हवाओं से अत्याधिक क्षति हो सकती है – ये हवाएं तटीय क्षेत्रों में मकानों, पेड़ों व वाहनों को अपने साथ उड़ा सकती हैं।

चक्रवात के विभिन्न भाग-

  1. आंख (Eye):तूफान के केंद्र में एक शांत क्षेत्र होता है, इसे तूफ़ान की ‘आंख’ कहते हैं। इस क्षेत्र में हल्की हवाएँ बहती हैं। आसमान में हलके बादल छाए रहते हैं तथा कभी-कभी आसमान बिल्कुल साफ होता है।
  2. आँख की परिधि (Eye wall): तूफ़ान की आँख के चारो ओर एक झंझावातों की मेखला होती है। ये तूफ़ान ‘आँख के चारो ओर वृताकार पथ में घूमते है। आँख की परिधि में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा होती है।
  3. वर्षा कटिबंध (Rain bands):हरिकेन की आँख की परिधि से बाहर की ओर दूर तक वर्षा कटिबंधो तथा बादलों का विस्तार होता है। इनके द्वारा गरज के साथ भारी वर्षा होती है तथा कभी-कभी टोरनाडो भी निर्मित हो जाते हैं।

आर्मी एविएशन कोर

G.S. Paper-III

 संदर्भ:

आर्मी एविएशन कॉर्प्स (Army Aviation Corps– AAC)  द्वारा 1 नवंबर को अपना पैतीसवां स्थापना दिवस मनाया गया।

आर्मी एविएशन कोर (AAC)  के बारे में:

  • यह भारतीय सेना की सबसे युवा वाहिनी है।
  • 1 नवंबर 1986 को आर्मी एविएशन कोर की स्थापना एक अलग संगठन के रूप में की गयी थी।
  • आर्मी एविएशन कोर एक सीमित निगरानी एवं प्रेक्षण वाली शाखा से बढ़ कर भारतीय सेना की एक सशक्त वायुरक्षा प्रणाली के रूप में विकसित हो गई है।

संरचना: आर्मी एविएशन कोर (AAC) में अधिकारियों व अन्य कर्मियों की भर्ती सेना के विभिन्न अंगो से की जाती है।

भूमिकाएँ और कार्य:

  • आर्मी एविएशन कोर (AAC) के हेलीकॉप्टरों द्वारा मुख्य रूप से टोही गतिविधियाँ, निगरानी, आपदाकालीन निकासी, आवश्यक वस्तुओं को पहुचाना, युद्धक खोज व बचाव आदि भूमिकाएँ निभाई जाती हैं।
  • AAC हेलीकॉप्टर शांति काल में मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Aid and Disaster Relief- HADR) अभियानों में भी भाग लेते हैं।
  • कुछ स्थितियों में, सेना के हेलिकॉप्टर भी एयरबोर्न कमांड पोस्ट के रूप में कार्य कर सकते हैं, तथा जरूरत पड़ने पर ग्राउंड कमांड पोस्ट की जगह ले सकते हैं।

 बेड़ा (Fleet)-

वर्तमान में, आर्मी एविएशन कोर (AAC) के बेड़े में, चेतक, चीता, लांसर, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव, और रुद्र (RUDRA) आदि सम्मिलित है।

भारत नेपाल द्विपक्षीय संबंधों में सुधार हेतु नवीनतम प्रयास

G.S. Paper-II

 संदर्भ:

हाल के समय में भारत और नेपाल के संबंध कई मुद्दों के चलते विवादास्पद हो गए थे। अब सचिव स्तर की वार्ता के जरिए कई मुद्दों पर बने विवादों के समाधान करने की योजना बनाई जा रही है

वर्तमान स्थिति-

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत चीन के मध्य जिस तरह सीमा विवाद शुरू हुआ था उसके प्रभाव के रूप में नेपाल द्वारा मैपिंग पॉलिटिक्स के जरिए भारतीय क्षेत्र में स्थित कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल के भू क्षेत्र में दिखाने के प्रयास के चलते दोनों देशों के संबंध नाजुक दौर में चले गए थे और सैन्य कार्यवाही तक की भविष्याणियां की जाने लगी थीं।

8 मई, 2020 को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिपुलेख दर्रे को उत्तराखंड के धारचूला से जोड़ने वाली 80 किलोमीटर लंबी रणनीतिक सड़क का उद्घाटन किया था। इसके बाद नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपना इलाका बताते हुए नया नक्शा जारी कर दिया। जून में नेपाल की संसद ने इस राजनीतिक नक्शे को मंजूरी भी दे दी थी। इस पर भारत ने कहा कि नेपाल ने अपनी सीमा का जो ‘बनावटी क्षेत्र विस्तार’ किया है, उसका कोई आधार नहीं है।

पिछले कुछ महीनों में, दोनों पड़ोसियों ने अपने स्टैंड में नरमी लाते हुए संबंधों को फिर से सुधारने का प्रयास किया है। वहीं सितंबर में, पीएम ओली ने देश के संशोधित राजनीतिक मानचित्र के साथ प्रकाशित होने वाली अगली स्कूल पाठ्य पुस्तकों के वितरण को रोकने का फैसला किया था। इसके अतिरिक्त हाल के समय में नेपाल सरकार ने रक्षा मंत्रालय से उप प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरेल को हटा दिया है । ऐसा माना जाता है कि पोखरेल, भारत के एक तेज और निरंतर आलोचक के रूप में रहे हैं और भारत को नेपाली गतिविधियों से असहज करने का दृष्टिकोण रखते हैं।

 वर्तमान में दोनों देशों के बीच वार्ताओं का स्तर:

वर्तमान में भारत और नेपाल के मध्य प्रधानमंत्री के स्तर पर उच्च स्तरीय राजनीतिक यात्राओं के जरिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाता है। इसके अलावा नेपाली राष्ट्रपति और उप प्रधानमंत्री के स्तर पर बैठकों में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाने के प्रयास होते हैं।

  • दोनों देशों के मध्य वार्ता के लिए कई संस्थागत संवाद तंत्रभी कार्य करते हैं । इसमें भारत नेपाल संयुक्त आयोग का प्रमुख स्थान है जिसकी सह अध्यक्षता भारतीय और नेपाली विदेश मंत्रियों द्वारा किया जाता है। अगस्त, 2019 में इस आयोग की 5वीं बैठक काठमांडू में आयोजित की गई थी।
  • इसके अलावा दोनों देशों के विदेश सचिवों के नेतृत्व में राजनयिक वार्ताओंको भी संपन्न किया जाता है। अगस्त, 2020 में काठमांडू में नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी और भारतीय राजनयिक विनय ख्वात्रा के बीच वार्ता संपन्न हुई थी।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

GeM (Government E-marketplace)

  • GeM (Government E-marketplace) ने केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल के साथ GeM को एकीकृत करके तथा वस्तुओं और सेवाओं की संपूर्ण सार्वजनिक खरीद को एक एकल प्लेटफॉर्म पर समेकित करके UPS के निर्माण से संबंधित कार्यों को पूर्ण कर लिया है.
  • GeM वस्तुतः विभिन्‍न सरकारी विभागों/संगठनों / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) हेतु आवश्यक सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद की सुविधा प्रदान करने वाला एक वन स्टॉप पोर्टल है.
  • यहवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्य करता है.

 

Latest News

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow