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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

जलवायु परिवर्तन

G.S. Paper-I

संदर्भ-

हाल ही में न्यूजीलैंड सरकार ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के घातक प्रभावों का आकलन करने के बाद देश में जलवायु आपातकाल की घोषणा की है. न्यूजीलैंड अधिकांश सांसदों ने जलवायु आपातकालीन घोषणा के पक्ष में मतदान किया, जबकि मुख्य विपक्षी दल नेशनल पार्टी ने इसके खिलाफ मतदान किया.

मुख्य बिंदु-

  • दुनिया में करीब 30 देशों ने क्लाइमेट इमरजेंसी का ऐलान किया है. इनमें ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस भी शामिल हैं.
  • इसके मुताबिक, देश के सभी सरकारी विभागों और इंस्टीट्यूशन्स को साल 2025 तक कार्बन न्यूट्रल किया जाएगा अर्थात् यहां कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा.
  • न्यूजीलैंड सरकार की क्लाइमेट इमरजेंसी डिक्लेयरेशन के अनुसार वहां के सरकारी विभागों को कार्बन न्यूट्रल किया जाना है. पीएम जेसिंडा के मुताबिक- यह बिल ग्लोबल वार्मिंग के एवरेज लेवल को5 डिग्री सेल्सियस तक रखने के लक्ष्य में मददगार साबित होगा. सबसे पहले सरकारी विभागों को इसके तहत लाया जाएगा. इन्हें 2025 तक कार्बन न्यूट्रल बनाया जाएगा.

जलवायु आपातकाल क्या है?

  • 2019 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार जलवायु आपातकाल को एक ऐसी स्थिति में परिभाषित करता है जिसमें जलवायु परिवर्तन से होने वाले या संभावित पर्यावरणीय न्यूनतम क्षति को कम करने या रोकने के लिए तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है. उल्लेखनीय है कि क्लाइमेट एमरजैंसी को ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने विश्व का दूसरा सबसे लोकप्रिय शब्द माना है.
  • ग्रीनपीस न्यूजीलैंड के द्वारा न्यूजीलैंड सरकार से जलवायु आपातकाल घोषित करने की मांग की गई थी एवं इस क्लाइमेट एमरजैंसी के पीछे यह तर्क यह दिया गया था कि “वर्तमान में मानव मौसम की अत्यधिक चरम अवस्था, वन्य जीवन संपदा का क्षरण और स्वच्छ जल समेत भोजन तक पहुंच के संकट का सामना कर रहा हैं.”

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

थारू जनजाति

संदर्भ:

हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा थारू जनजाति की अनूठी संस्कृति को विश्व में पहचान दिलाने हेतु एक योजना का आरम्भ किया गया है।

इस योजना में होम स्टे’ (Home Stay) सुविधाओं को तैयार किया जाना शामिल किया गया है। इसके तहत, मुख्यतः जंगलों से एकत्रित घासफूस से निर्मित पारंपरिक झोपड़ियों में पर्यटकों को थारू जनजाति के प्राकृतिक आवासों में रहने का अनुभव कराया जाएगा।

थारू जनजाति के बारे में:

  1. थारू जनजाति, शिवालिक और लघु हिमालय के तराई क्षेत्रोंमें पाई जाती है। इसके अधिकाँश सदस्य वनवासी हैं, और कुछ कृषि कार्य भी करते हैं।
  2. थारू शब्द की उत्पत्तिस्थाविरसे हुईहै, जिसका अर्थ है बौद्ध धर्म के थेरवाद संप्रदाय के अनुयायी।
  3. थारू, भारत और नेपाल दोनों में निवास करते हैं।भारतीय तराई क्षेत्र में, ये मुख्यतः उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में वसे हुए हैं।
  4. थारू महिलाओंको, उत्तर भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों की महिलाओं की तुलना में संपत्ति संबंधी अधिक अधिकार प्राप्त होते है।

 

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