Online Portal Download Mobile App हिंदी ACE +91 9415011892 / 9415011893

डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

जलवायु परिवर्तन और केले की कृषि

6th September 2019

समाचार में क्यों?      एक अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में केले के उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना है।

महत्वपूर्ण तथ्यः

  • भारत विश्व में केले का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। यह एक महत्त्वपूर्ण वाणिज्यिक फसल है।
  • हाल ही में ब्रिटेन की एक्जेटर यूनिवर्सिटी ¼University of Exeter½ के शोधकर्त्ताओं ने केले के उत्पादन और निर्यात पर वर्तमान के साथ साथ भविष्य में पड़ने वाले जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन किया।
  • नेचर क्लाइमेट चेंज ¼Nature Climate Change½ पत्रिका के अनुसार विश्व में केले के सबसे बड़े उत्पादक और उपभोक्ता भारत तथा चैथे सबसे बड़े उत्पादक ब्राजील सहित कई देशों में फसल की पैदावार में भारी गिरावट देखने को मिली है।
  • केले के उत्पादन को फ्यूजेरियम विल्ट ¼Fusarium Wilt½ नामक बीमारी प्रभावित कर रही हैं।
  • जहाँ एक ओर कुछ देशों में केले के उत्पादन में कमी आने की संभावना है वहीं दूसरी ओर इक्वाडोर और होंडुरास तथा कई अफ्रीकी देशों में केले के उत्पादन में समग्र वृद्धि देखने को मिल सकती है।
  • दौरान वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक मॉडलिंग तकनीकों (Sophisticated Modelling Techniques½ का उपयोग करके केले की उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन किया।
  • केला अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इक्वाडोर और कोस्टारिका आदि देशों की अर्थव्यवस्था में केला तथा इससे बने उत्पाद महत्त्वपूर्ण हिस्सा रखते हैं।
भारत में केले का उत्पादन:

·        भारत, विश्व में केले का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला देश है। भारत में 0.88 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में 29.7 मिलियन टन केले का उत्पादन होता है। भारत में केले की उत्पादकता 37 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है।

·        यद्यपि भारत में केले की खेती विश्व की तुलना में 15.5 प्रतिशत क्षेत्र में की जाती है, परन्तु भारत में केले का उत्पादन विश्व की तुलना में 25.58 प्रतिशत होता है।

·        उल्लेखनीय है कि केले की मांग में लगातार वृद्धि देखी गई है। यही कारण है कि मंत्रालय द्वारा केले की घरेलू मांग वर्ष 2050 तक बढ़कर 60 मिलियन टन होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

Topic:  For prelims and mains:

गोल्ड रिजर्व में भारत शीर्ष 10 देशों में शामिल :

समाचार में क्यों?      हाल ही में ‘वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल’ (World Gold Council-WGC½  द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में स्वर्ण भंडार के मामले में भारत का 10वाँ स्थान है।

 

महत्वपूर्ण तथ्यः

  • भारत का स्वर्ण भंडार कुल 618.2 टन है।
  • WGC द्वारा इसी वर्ष मार्च में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत का विश्व में 11वाँ (607 टन) स्थान था।
  • भारत का स्वर्ण भंडार दो दशकों में 8 टन से बढ़कर वर्तमान में 618.2 टन हो गया है।
  • शीर्ष दस देशों की सूची में भारत को स्थान तब प्राप्त हुआ है जब स्वर्ण की मासिक खरीद की मात्रा तीन वर्षों में सबसे कम है।
  • अधिकांश देशों का यह डेटा जुलाई 2019 तक का है क्योंकि डेटा संकलन के दो महीने के अंतराल के बाद रिपोर्ट जारी की जाती है।
  • अमेरिका (8,134 टन) के पास सर्वाधिक स्वर्ण भंडार है तथा जर्मनी (3,367 टन) दूसरा सर्वाधिक स्वर्ण भंडार वाला देश है।
  • जबकि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ¼International Monetary Fund-IMF½ 2,451.8 टन के स्वर्ण भंडार के साथ तीसरे स्थान पर है इसके बाद इटली (2,451.8 टन), फ्राँस (2,436.1 टन), रूस (2,219.2 टन), चीन (1,936.5 टन), स्विट्जरलैंड (1,040 टन), जापान (765.2 टन) और भारत (618.2 टन) हैं।

स्वर्ण भंडार और अर्थव्यवस्था-

मुद्रास्फीति के विरुद्ध बचाव: स्वर्ण के अंतर्निहित मूल्य ¼Inherent Value½ और सीमित आपूर्ति के कारण मुद्रास्फीति ¼Inflation½ के समय इसकी मांग में वृद्धि हो जाती है क्योंकि मुद्रा के अन्य रूपों की तुलना में स्वर्ण बेहतर मूल्य बनाए रखने में सक्षम है।

मुद्रा की सामर्थ्यः जब कोई देश निर्यात से अधिक आयात करता है तो उसकी मुद्रा का अवमूल्यन (Devaluation) होगा, वहीँ दूसरी ओर किसी देश का शुद्ध निर्यातक होने पर उसकी मुद्रा का अधिमूल्यन ¼Revaluation½ होता है।

  • यदि सोने की कीमत बढ़ती है तो इससे किसी देश के कुल निर्यात का मूल्य बढ़ जाता है। इसलिये सोने का निर्यात करने वाला या सोने के भंडार तक पहुँच रखने वाले देश की मुद्रा का अधिमूल्यन होगा।
  • केंद्रीय बैंक देश के स्वर्ण भंडार में वृद्धि (स्वर्ण की अधिक खरीदारी के लिये) हेतु अधिक मुद्रा छापने पर भरोसा करते हैं जिस कारण अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति बढ़ जाती है।
  • परिणामस्वरूप स्वर्ण खरीदने के लिये उपयोग की जाने वाली मुद्रा का अवमूल्यन हो जाता है।

मुद्रा के रूप में  20वीं शताब्दी के अधिकांश समय में विश्व आरक्षित मुद्रा के रूप में सोने का उपयोग किया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1971 तक गोल्ड स्टैंडर्ड का इस्तेमाल किया।

  • गोल्ड स्टैंडर्ड के तहत पेपर मुद्रा स्वर्ण भंडार की सामान मात्रा से समर्थित होती थी।
  • हालांकि गोल्ड स्टैंडर्ड को बंद कर दिया गया है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ; (World Gold Council)

  • वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल WGC विश्व के प्रमुख स्वर्ण उत्पादकों का एक गैर-लाभकारी संघ है।
  • इसका मुख्यालय लंदन में है।
  • यह स्वर्ण उद्योग के लिये एक बाजार विकास संगठन है।
  • WGC की स्थापना विपणन, अनुसंधान और लॉबिंग के माध्यम से सोने के उपयोग और मांग को बढ़ावा देने के लिये की गई थी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य :

  • मुखौटा नृत्य:
  • छाम नृत्य लद्दाख का एक प्रसिद्ध मुखौटा नृत्य है जो इस त्योहार का प्रमुख आकर्षण है।
  • यह नृत्य त्सुचू त्यौहार ¼Tsechu Festival½ पर भी किया जाता है जो लद्दाख के कई मठों में किया जाने वाला एक वार्षिक आध्यात्मिक त्यौहार है।
  • यह नृत्य देखने वाले लोगों के लिये बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
  • यह नृत्य बौद्ध संस्कृति से प्रभावित है।
  • इस नृत्य में सामान्यतः पारंपरिक तिब्बती वाद्ययंत्रों का उपयोग करते हुए भिक्षुओं द्वारा संगीत के साथ नृत्य किया जाता है।

 

नवीनतम समाचार

get in touch with the best IAS Coaching in Lucknow